Stock Market Crash: कच्चे तेल में तेजी से शेयर बाजार में हाहाकार, Nifty 23800 के पास पहुंचा
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल बाजारों में बिकवाली का दबाव घरेलू बाजार पर भी नजर आया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी करीब 1 फीसदी टूटकर 23,800 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। बैंक निफ्टी करीब 500 अंक टूटकर 56,823 के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार खुलते ही बढ़ी बिकवाली
ग्लोबल बाजारों में कमजोरी के बीच भारतीय बाजार में भी निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। निफ्टी में करीब 1 फीसदी की कमजोरी ने बाजार पर दबाव साफ कर दिया। बैंक निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 500 अंक तक नीचे चला गया।
IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
बुधवार के कारोबारी सत्र में IT, ऑटो और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। इन तीनों सेक्टोरल इंडेक्स में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। IT शेयरों में बिकवाली के कारण सेक्टर इंडेक्स कमजोर हुआ। वहीं ऑटो और रियल्टी शेयर भी बाजार की व्यापक कमजोरी से प्रभावित हुए।
कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बाजार के लिए अहम दबाव के रूप में देखा जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात लागत और कंपनियों के खर्च पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों की नजर कच्चे तेल की चाल पर भी बनी हुई है। इसके साथ ही ग्लोबल बाजारों में भारी बिकवाली का असर भी घरेलू शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है।
निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर
शुरुआती गिरावट के बाद अब बाजार की दिशा आगे के कारोबार में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और सेक्टोरल प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि निफ्टी 23,800 के आसपास किस तरह कारोबार करता है और बाजार में बिकवाली का दबाव आगे कितना बना रहता है। फिलहाल IT, ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार में दबाव कायम है।
टिम कुक का राज खत्म: नए सीईओ जॉन टर्नस ने संभाली कमान, अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे कुक
कैलिफोर्निया। टिम कुक ने 15 साल तक एप्पल का नेतृत्व करने के बाद मंगलवार को कंपनी की सीईओ की जिम्मेदारी जॉन टर्नस को सौंप दी। कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। उनके कार्यकाल में एप्पल एक 350 अरब डॉलर की कंपनी से बढक़र 4.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाली दिग्गज कंपनी बन गई। अब टर्नस के सामने कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में आगे ले जाने की चुनौती है। कुक ने 2011 में एप्पल के सह-संस्थापक और दिग्गज उत्पाद विशेषज्ञ स्टीव जॉब्स के बाद सीईओ की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने जॉब्स की शैली को दोहराने के बजाय अपनी अलग रणनीति अपनाई। कुक का मुख्य फोकस कंपनी की सप्लाई चेन और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने पर रहा।
कुक के कार्यकाल में चार गुना बढ़ा कारोबार
कुक के नेतृत्व में एप्पल की सालाना बिक्री 108 अरब डॉलर से बढक़र पिछले वित्त वर्ष में 416 अरब डॉलर हो गई। कंपनी का मुनाफा भी चार गुना से ज्यादा बढक़र 112 अरब डॉलर पहुंच गया। एप्पल का वियरेबल्स कारोबार, जिसमें कुक के कार्यकाल में लोकप्रिय हुए एप्पल वाच और एयरपॉड्स जैसे उत्पाद शामिल हैं, वित्त वर्ष 2025 में 35 अरब डॉलर की बिक्री तक पहुंच गया। कुक की रणनीति सिर्फ आईफोन बेचने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने आईफोन खरीदने वाले ग्राहकों से लंबे समय तक कमाई का मॉडल विकसित किया। कंपनी ने अपने करीब 2.5 अरब इंस्टॉल्ड आईफोन यूजर बेस को नियमित आय के स्रोत में बदलने पर जोर दिया।
एप्पल ने बहुत तेज गति से किया विकास
हाल के वर्षों में एप्पल की सेवाओं से होने वाली आय की वृद्धि उसके हार्डवेयर कारोबार की तुलना में तेज रही है। स्टीव जॉब्स जहां उत्पाद डिजाइन और तकनीकी नवाचार के लिए जाने जाते थे, वहीं कुक ने एप्पल में परिचालन और सप्लाई चेन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को इस तरह विकसित किया कि दुनिया की कई कंपनियों के लिए यह एक मिसाल बन गई। वित्तीय सलाहकार क्रिस्टोफर ब्राउन के मुताबिक कुक ने परिचालन और सप्लाई चेन में सफलता का अपना मॉडल तैयार करने के साथ कंपनी के भीतर मूल्यों पर आधारित संस्कृति को भी मजबूत किया। इससे उपभोक्ताओं में एप्पल के प्रति निष्ठा बढ़ी और कंपनी की आय में इजाफा हुआ।
टर्नस के सामने एआई की सबसे बड़ी चुनौती
एप्पल के हार्डवेयर प्रमुख रहे जॉन टर्नस ऐसे समय कंपनी की कमान संभाल रहे हैं, जब एआई तकनीक के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज है। निवेशकों की नजर एप्पल की एआई रणनीति पर है। कंपनी को एआई के क्षेत्र में कुछ दबाव का सामना करना पड़ रहा है, खासकर सिरी के नए संस्करण को लेकर हुई देरी ने सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा एप्पल के विजन प्रो हेडसेट की बिक्री उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही है। ऐसे में टर्नस के सामने नई एआई क्षमताओं को एप्पल के उत्पादों और सेवाओं से जोडने के साथ कंपनी की तकनीकी बढ़त बनाए रखने की चुनौती होगी। कुक ने भी एक सितंबर से ही एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभाल ली है।
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