भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर आर अश्विन एक बार फिर अपने बेबाक विश्लेषण को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने न्यूज़ीलैंड टीम की जुझारू मानसिकता और मैच-तैयारी के तरीके की खुलकर सराहना की है। अश्विन का मानना है कि कीवी टीम की प्लानिंग इतनी मजबूत होती है कि वह खुद उनकी टीम मीटिंग्स को करीब से देखना चाहेंगे।
बता दें कि वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में न्यूज़ीलैंड की अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी। मौजूद जानकारी के अनुसार, पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और भारत को आख़िरी ओवरों तक दबाव में रखा। हालांकि अंत में केएल राहुल की नाबाद पारी ने भारत को 49वें ओवर में जीत दिला दी है।
गौरतलब है कि साल 2024 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से क्लीन स्वीप कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था, जिसे भारतीय टेस्ट टीम के बदलाव के दौर की शुरुआत माना गया है। इसी संदर्भ में अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि न्यूज़ीलैंड उन चुनिंदा टीमों में से है जो विश्लेषण आधारित क्रिकेट खेलती हैं और अपनी योजनाओं को मैदान पर सटीक ढंग से लागू करती है।
अश्विन ने यह भी स्वीकार किया कि पहले वनडे में प्रदर्शन के लिहाज़ से न्यूज़ीलैंड बेहतर टीम रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का खेल पूरी तरह संतुलित नहीं था, लेकिन कुछ अहम मौकों पर खिलाड़ियों ने मैच का रुख बदला है। विशेष रूप से युवा ऑल-राउंडर हर्षित राणा के योगदान और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाज़ी की उन्होंने जमकर तारीफ़ की है। अश्विन के अनुसार, कोहली की 93 रनों की पारी तकनीक, फुटवर्क और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण रही है।
पूर्व स्पिनर का मानना है कि भले ही न्यूज़ीलैंड के पास हर विभाग में बड़े नाम न हों, लेकिन अनुशासन, फील्डिंग और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के दम पर वे किसी भी मजबूत टीम से मुकाबला करने में सक्षम हैं और यही उनकी असली ताकत है।
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