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आज का एक्सप्लेनर:मोहसिन नकवी खुद ट्रॉफी देने पर अड़ क्यों जाते हैं; इस बार महिला क्रिकेट टीम का इनकार, ये कब तक चलेगा

13 सितंबर 2026, विमेंस एशिया कप का फाइनल। ऐसा लगा मानो किसी ने सालभर पहले मेंस एशिया कप की स्क्रिप्ट दोबारा चला दी हो। विमेंस टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराया। जीत की ट्रॉफी देने मोहसिन नकवी आए। टीम ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना किया, तो ट्रॉफी वापस ACC दफ्तर पहुंचा दी गई। इस पूरे तमाशे से उठे 5 जरूरी सवालों के जवाब, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: विमेंस एशिया कप फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी को लेकर क्या ड्रामा हुआ? जवाब: थाइलैंड, हॉन्गकॉन्ग, पाकिस्तान, बांग्लादेश को हराकर टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी। रविवार को फाइनल में श्रीलंका को भी हराकर 8वीं बार एशिया कप चैम्पियन बनीं... नकवी से ट्रॉफी न लेना BCCI का फैसला: कोच मजूमदार ने बताया, ‘ट्रॉफी न लेने का फैसला BCCI का था और हम उनका समर्थन करते हैं। हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो गया है। हम चैम्पियन हैं और यह काफी है।’ पहलगाम हमले की वजह से ट्रॉफी नहीं ली: सेक्रेटरी सैकिया ने बताया, ‘पहलगाम हमले के बाद जो हमारे देश के खिलाफ युद्ध का नेतृत्व कर रहा है, उनसे हम ट्रॉफी कैसे ले सकते हैं? इसलिए पिछले साल पुरुष टीम ने भी ट्रॉफी नहीं ली और अब महिलाओं ने भी।’ सवाल-2: क्या नकवी के अलावा कोई और ट्रॉफी नहीं दे सकता था? जवाबः एशिया कप की ट्रॉफी ACC प्रेसिडेंट के हाथों ही दी जाएगी, ऐसा कोई नियम नहीं है। देवजीत सैकिया के मुताबिक, BCCI ने पहले ही बता दिया था कि टीम मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगी। दो विकल्प भी रखे थे… नकवी ने दोनों मांगे नहीं मानीं और खुद ट्रॉफी देने स्टेज पर आ गए। वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज मेनन मानते हैं अगर टीम नकवी से ट्रॉफी नहीं लेना चाहती थी, तो नैतिक रूप से किसी और से ट्रॉफी दिलानी चाहिए थी। सवाल-3: अपने हाथों ट्रॉफी देने पर अड़ क्यों जाते हैं मोहसिन नकवी? जवाबः तमाम आलोचनाओं के बावजूद नकवी को इस जिद के पीछे 3 प्रमुख वजहें हैं… 1. टीम इंडिया को असहज स्थिति में डालना नकवी भारत को असहज स्थित में डालना चाहते थे। 2025 में इनकार करने के बाद अगर अब महिला टीम ट्रॉफी लेती, तो स्टैंड में बड़ा बदलाव माना जाता। अब ट्रॉफी लेने से मना किया, तो पाकिस्तान नैरेटिव बना रहा है कि नकवी ने कुछ गलत नहीं किया। पाकिस्तानी गृह राज्यमंत्री तलाल चौधरी का बयान इसकी बानगी है- ‘ट्रॉफी न लेने से भारत की कूटनीतिक और सैन्य हार नहीं मिटेगी। ये खेल भावना को खत्म कर रहे हैं। जबकि पाकिस्तान ने कभी भी खेल को राजनीति का हिस्सा नहीं बनाया।’ 2. अपनी छवि चमकाना प्रेजेंटेशन सेरेमनी के बाद जब नकवी स्टेडियम से निकल रहे थे, एक पाकिस्तानी फैन ने उनसे कहा, 'आपने अच्छा किया सर। हमें बहुत खुशी हुई। ये (भारतीय) ट्रॉफी के हकदार नहीं है।' 2025 में जब भारतीय पुरुष टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया और वो ट्रॉफी लेकर स्टेडियम से चले गए, तब भी पाकिस्तान में उनकी काफी तारीफ हुई थी। खबरें आई थी कि पाकिस्तान सरकार नकवी को अपने सख्त रूख के लिए खास अवॉर्ड देने वाली है। 3. एंटी-इंडिया रुख से घरेलू राजनीति को फायदा मोहसिन नकवी पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर के करीबी हैं। उन्हें आर्मी का सिविलियन फेस कहा जाता है। नकवी ने पहलगाम हमले को भारत का ड्रामा बताया है, जिसमें भारतीय खुफिया एजेंसी RAW और पाकिस्तान की बलूच लिबरेशन आर्मी शामिल थी। वे कहते हैं कि भारत से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता देखी नहीं जाती। ऐसे बयान खूब पसंद किए जाते हैं। टीम इंडिया की जीत के बावजूद ट्रॉफी न देना, उनकी घरेलू पॉलिटिक्स के लिए मुफीद है। ऐसा करने के लिए उन्हें सरकार और सेना ने भी हरी झंडी मिली हो सकती है। हालांकि वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज मेनन के मुताबिक, ये सब तमाशा जानबूझकर हो रहा है। वो बताते हैं, ‘स्टैंड्स में नकवी से BCCI के अधिकारी बाअदब मिलते-जुलते दिखते हैं। सिर्फ मैदान पर सारा प्रोटेस्ट चल रहा है और जिम्मेदारी खिलाड़ियों के कंधों पर छोड़ दी गई है।’ मेनन कहते हैं कि इसके पीछे दर्शकों का इंट्रेस्ट बनाए रखने की मंशा हो सकती है। क्योंकि ऐसी परिस्थिति सिर्फ क्रिकेट में बन रही है। हॉकी मैच में दोनो देशों के खिलाड़ियों ने हाथ मिलाए और हाय-फाइव भी किया। सवाल-4: आखिर एशिया कप में मोहसिन नकवी की इतनी चलती क्यों है? जवाबः एशिया कप का आयोजन ACC कराता है। इसकी अध्यक्षता फिलहाल पाकिस्तान के पास है। नकवी अप्रैल 2025 से ACC के अध्यक्ष हैं। यानी पूरे एशिया में क्रिकेट के आयोजन, शेड्यूल और प्रेजेंटेशन जैसी हर चीज पर आखिरी मुहर नकवी ही लगाते हैं। BCCI नकवी के इस फैसले का ICC में विरोध तो दर्ज करा सकता है, लेकिन मैदान में फौरन कुछ नहीं कर सकता था। ACC को ICC के बनाए नियमों का पालन करना होता है, लेकिन टूर्नामेंट कराने और फैसले लेने के उसके अलग नियम हैं। इसमें ICC दखल नहीं दे सकता। हालांकि यह पद उन्हें किसी काबिलियत या रसूख की वजह से नहीं, रोटेशन सिस्टम से मिला है। सवाल-5: कब खत्म होगा मोहसिन का कार्यकाल, भारत को अध्यक्षता कब मिलेगी? जवाबः भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ACC के 5 फुल टाइम मेंबर हैं। अफगानिस्तान इसी साल इस पूल में शामिल हुआ है। ACC की अध्यक्षता बारी-बारी से इन्हीं देशों में बदली रहती है। रोटेशन के हिसाब से अभी ACC अध्यक्ष नॉमिनेट करने की बारी पाकिस्तान की थी। पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 में मोहसिन नकवी को नॉमिनेट किया। वे दो साल के लिए ACC के अध्यक्ष बने, यानी अप्रैल 2027 में पद से हटेंगे। दिसंबर 2024 में ICC चेयरमैन का पद संभालने से पहले भारत के जय शाह ACC अध्यक्ष थे। उन्हें 2021 में तीन साल के लिए अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन फिर कार्यकाल एक साल और बढ़ा दिया गया। शाह के बाद श्रीलंका के शम्मी सिल्वा अध्यक्ष बने, लेकिन उनका कार्यकाल सिर्फ चार महीने रहा। अब बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अध्यक्ष बनने के बाद वापस भारत का नंबर आएगा। ------------ ये खबर भी पढ़िए… हाफिज सईद के बेटे तल्हा की कहानी, भारत में जिहाद की धमकी दे रहा; बोला- भूल गए 500 साल दिल्ली किसकी थी 'भूल गए दिल्ली किसकी थी। हिंद में 500 साल मुसलमान हुक्मरान रहे।’ ये बयान है आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का। उसने पाकिस्तान के शेखपुरा में सरेआम भारत के खिलाफ जिहाद जारी रखने की बात कही। इसी भाषण में उसने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को ‘ईमान और तकवा’ वाला जनरल बताया। पूरी खबर पढ़िए…

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Asian Games 2026: भारत के 10 खिलाड़ी और टीमें, जिनसे गोल्ड की उम्मीद, क्रिकेट से मनु भाकर तक

Asian Games 2026: भारत एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों में भारतीय दल से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे। इस बार भारत के 503 एथलीट 36 खेलों में देश की चुनौती पेश करेंगे।

भारत की नजर अपने अब तक के सबसे बड़े मेडल टैली पर है। कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में भारतीय टीमें अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी, जबकि शूटिंग, आर्चरी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में भी कई खिलाड़ियों से गोल्ड की उम्मीद होगी। आइए जानते हैं वे 10 खिलाड़ी और टीमें, जिन पर भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदें टिकी हैं।

1. कबड्डी- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल है। पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। दोनों टीमें 2025 कबड्डी वर्ल्ड कप में भी चैंपियन बनीं। एशियन गेम्स में भारत का शानदार रिकॉर्ड और हालिया प्रदर्शन देखते हुए इस बार भी पुरुष और महिला टीमों से गोल्ड की उम्मीद होगी।

2. क्रिकेट- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में क्रिकेट के दोनों वर्गों में भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। हांगझोउ में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद भी दोनों टीमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है। ऐसे में आइची-नागोया में भारतीय टीमों के सामने अपने खिताब का बचाव करने की चुनौती होगी।

3. हॉकी- पुरुष और महिला टीम
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स में पांच बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है और 2023 में भी चैंपियन बनी थी। इस बार टीम की नजर छठे गोल्ड पर होगी। पाकिस्तान, मलेशिया, जापान और चीन जैसी टीमें चुनौती पेश कर सकती हैं। महिला टीम की बात करें तो भारत ने एशियन गेम्स में अपना एकमात्र गोल्ड 1982 में जीता था। 2026 वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान के साथ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करने वाली टीम इस बार लंबे अंतराल के बाद गोल्ड जीतने की कोशिश करेगी।

4. ज्योति सुरेखा वेन्नम- आर्चरी
ज्योति सुरेखा वेन्नम हांगझोउ एशियन गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच चुकी हैं। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत, महिला टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड हासिल किया था। 2025 एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में भी उन्होंने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण जीता। हालिया प्रदर्शन और एशियन गेम्स के अनुभव को देखते हुए ज्योति से एक से ज्यादा पदक की उम्मीद होगी।

5. धीरज बोम्मदेवरा- आर्चरी
धीरज बोम्मदेवरा 2026 में शानदार फॉर्म में हैं। भारतीय रिकर्व तीरंदाज ने आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने। वह 2025 एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके हैं। हांगझोउ में सिल्वर जीतने वाले धीरज इस बार पदक का रंग बदलने के इरादे से उतरेंगे।

6. ईशा सिंह- शूटिंग
ईशा सिंह शूटिंग में भारत की प्रमुख गोल्ड मेडल उम्मीदों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने म्यूनिख और हांगझोउ ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता। म्यूनिख में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर भी बनाया। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल का गोल्ड भी उनके नाम रहा। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए एशियन गेम्स में उन पर खास नजर होगी।

7. मनु भाकर- शूटिंग
पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु भाकर भारतीय शूटिंग की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल में व्यक्तिगत गोल्ड के लिए चुनौती पेश की है, लेकिन अभी इस साल इन स्पर्धाओं में व्यक्तिगत खिताब उनके नाम नहीं आया है। अब मनु की नजर एशियन गेम्स में अपने पहले व्यक्तिगत गोल्ड पर होगी। ईशा सिंह के शानदार प्रदर्शन के बीच मनु का बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी अहम होगा।

8. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी- बैडमिंटन
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी भारत की सबसे बड़ी बैडमिंटन उम्मीदों में शामिल है। दोनों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष डबल्स का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में चीन मास्टर्स का खिताब जीतकर उन्होंने अपनी मजबूत फॉर्म का संकेत दिया है। आइची-नागोया में दोनों अपने एशियन गेम्स खिताब का बचाव करने उतरेंगे।

9. तजिंदरपाल सिंह तूर- शॉट पुट
तजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ऐसा करने पर वह पुरुष शॉट पुट में लगातार तीन एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं। चोट की वजह से कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था, लेकिन 2026 में उनका सीजन बेस्ट 21.03 मीटर रहा है, जो एशिया में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है। ऐसे में उनकी नजर फिर गोल्ड पर होगी।

10. सर्वेश कुशारे- हाई जंप
सर्वेश कुशारे 2026 में अपने करियर की शानदार फॉर्म में हैं। हांगझोउ एशियन गेम्स में 2.26 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहने वाले सर्वेश ने इस साल 2.31 मीटर का प्रदर्शन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। एशियन गेम्स में अब तक पदक से दूर रहे सर्वेश इस बार अपना पहला मेडल जीतने की कोशिश करेंगे, जिसमें उनकी नजर गोल्ड पर होगी।

Sat, 19 Sep 2026 20:01:03 +0530

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