Udhampur Encounter: सुरक्षाबलों ने मार गिराए 2 पाकिस्तानी आतंकी, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के वन क्षेत्र में जारी आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया और आतंकवादियों के एक संदिग्ध मददगार को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के बावजूद मजालता के ब्रातेल सोआन और खुब्बन इलाकों में सेना, पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संयुक्त अभियान चलाया।
सेना और पुलिस ने इस अभियान में दो आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की, जिनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की गई है। पुलिस के मुताबिक, मारे गए दोनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे। जम्मू स्थित ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘16-17 सितंबर की मध्य रात्रि के दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक संयुक्त अभियान में उधमपुर के ब्रातेल में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी।’’ इसने कहा, ‘‘प्रतिकूल मौसम, दुर्गम इलाके और खराब दृश्यता के बावजूद व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आतंकवाद रोधी अभियान शुरू किया और दो आतंकवादियों को मार गिराया।
अभियान अब भी जारी है। किसी भी अन्य खतरे का पता लगाने और उसके खात्मे के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं।’’ अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह घने जंगलों वाले इलाके में आतंकवादियों के एक समूह की मौजूदगी की सूचना के बाद पुलिस और सुरक्षा बल उनकी तलाश कर रहे थे। नयी जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने बुधवार रात लगभग नौ बजे एक इलाके की घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान शुरू होने के कुछ ही देर बाद गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, रातभर इलाके में काफी हद तक शांति बनी रही लेकिन बृहस्पतिवार सुबह आतंकवादियों ने घेराबंदी तोड़कर निकलने के प्रयास में भीषण गोलीबारी शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से अमेरिका निर्मित ‘एम4 कार्बाइन’ और एक ‘एके असॉल्ट राइफल’ समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों का मददगार होने के संदेह में एक स्थानीय व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस साल उधमपुर जिले में यह दूसरी बड़ी मुठभेड़ है।
इससे पहले फरवरी में रामनगर के जंगलों में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें पिछले कई सालों से इस इलाके में सक्रिय स्वयंभू कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई सालों में, कठुआ-उधमपुर-डोडा क्षेत्र के कठिन पहाड़ी इलाकों का इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा सीमा पार से घुसपैठ करने के बाद ठिकाने बनाने और सुरक्षा बलों से बचने के लिए किया जाता रहा है। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, सुरक्षा बलों ने इन नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, ताकि आतंकवादियों को ऊपरी इलाकों में सुरक्षित आवागमन और पनाह न मिल सके।
उन्होंने कहा कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में सक्रिय बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें से कई की पहचान पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं और आतंकवादियों की संभावित मौजूदगी के आकलन के आधार पर दूरदराज के वन क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखने के साथ-साथ तलाशी अभियान भी चला रही हैं।
श्रीलंका के खिलाफ Test Series में वापसी चाहते हैं Pakistan के तेज गेंदबाज Haris Rauf
कभी टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने वाले पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ अब लाल गेंद के खेल में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। हाल के समय में पाकिस्तान की टीम से दूरी और सीमित मौकों के बीच रऊफ ने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम में जगह बनाना है।
हारिस रऊफ फिलहाल पाकिस्तान में खेली जा रही प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में पाकिस्तान टेलीविजन की ओर से खेल रहे हैं। पिछले सप्ताह शुरू हुए इस टूर्नामेंट में उन्होंने ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए। हालांकि मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ, लेकिन रऊफ का प्रदर्शन उनके लिए काफी अहम रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार रऊफ चाहते हैं कि प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में आए। पाकिस्तान को नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है और रऊफ इस दौरे के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले तक रऊफ का टेस्ट क्रिकेट को लेकर रुख बिल्कुल अलग था। पाकिस्तान में लगातार मांग उठती रही कि वह टेस्ट मैचों में देश के लिए खेलें, लेकिन वह लंबे प्रारूप को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बावजूद उन्होंने अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है। उनका यह एकमात्र टेस्ट करीब चार साल पहले खेला गया था।
हाल के महीनों में भी रऊफ का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ रिश्ता बहुत सहज नहीं रहा है। उन्हें टीम में पहले जैसी जगह नहीं मिल रही है और हाल में वह मुख्य रूप से एकदिवसीय क्रिकेट तक सीमित रहे हैं। उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब एक साल पहले भारत के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में था।
अब रऊफ ने लंबे प्रारूप को लेकर अपना नजरिया बदलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए अपना नाम सामने रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान को तेज गेंदबाज की जरूरत है और प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी उनके पास खुद को साबित करने के लिए कई मुकाबले बाकी है।
रऊफ ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले सीजन में चार दिवसीय क्रिकेट खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से पहले भी उन्होंने दूसरे स्तर की घरेलू क्रिकेट में समय बिताया था। उनके अनुसार जब भी मौका मिलता है, लंबे प्रारूप में खेलना खुद को बेहतर बनाने का अच्छा तरीका है।
बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल के महीनों में घरेलू क्रिकेट को लेकर खिलाड़ियों पर सख्ती बढ़ाई है। बोर्ड चाहता है कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ी उपलब्ध होने पर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लें। ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इसी नीति के बीच कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना देखा गया है। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी हाल में लाल गेंद के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। अब हारिस रऊफ भी इसी दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
रऊफ के लिए श्रीलंका सीरीज में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और लंबे प्रारूप में अपनी फिटनेस तथा गेंदबाजी क्षमता साबित करनी होगी। फिलहाल उनका पांच विकेट का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी रखने की अच्छी शुरुआत माना जा रहा है। अंतिम फैसला उनके आगे के प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर होने वाला है।
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