मणिशंकर अय्यर बोले- ऑपरेशन सिंदूर खत्म करना चाहिए:सरकार पाकिस्तान से बातचीत करे; BJP प्रवक्ता का जवाब- कांग्रेस की पहचान, PAK मेरा भाईजान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि भारत को तुरंत ऑपरेशन सिंदूर खत्म करना चाहिए और पाकिस्तान के साथ बिना किसी देरी के बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए। अय्यर ने ये बात एक इंटरव्यू में कही है। इसका वीडियो भी सामने आया है। उनके बयान पर जवाब देते हुए BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को “इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस” बताया। उन्होंने कहा- कांग्रेस बार-बार पाकिस्तान को क्लीन चिट देती है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन नहीं करती। कांग्रेस की पहचान, PAK मेरा भाईजान, सेना का करो अपमान पूनावाला ने कहा- राहुल ने सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहा था। वे ऑपरेशन सिंदूर को विफल बताते हैं। अब गांधी परिवार के इशारे पर मणिशंकर अय्यर ने फिर से पाकिस्तान के लिए पैरवी की है और ऑपरेशन सिंदूर का मखौल उड़ाया है। अय्यर के बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया- मणिशंकर अय्यर कौन होते हैं हमें पाठ पढ़ाने वाले? 10 साल जब उनका शासन था, तब कितनी आतंकवादी घटनाएं होती थीं। कांग्रेस के लोग चाहते हैं कि देश में आतंकी गतिविधियां रहें। नरेंद्र मोदी के शासन में पाकिस्तान अगर चू करेगा तो उसका जवाब ठोक कर दिया जाएगा। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद- मणिशंकर अय्यर का बयान हो या अमेरिका का बयान हो। बहुत से देशों ने भारत पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव समाप्त करने के लिए बातचीत की बात कही थी। देश की सरकार ने जहां एक तरफ यह कहा कि खून और पानी साथ नहीं बहेगा, दूसरी ओर भारत पाक क्रिकेट मैच होता है तो बहुत से सवाल उठते हैं। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी- राष्ट्रीय हित में क्या है और दोनों देशों के बीच संबंधों को कैसे संभाला जाना चाहिए, यह तय करना मौजूदा सरकार का काम है। यह सरकार का आंतरिक मामला है और इस पर किसी को भी विशेष टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह- यह एक तर्कसंगत राय है। हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। यह उनकी राय है, अगर इसमें कोई सार है तो लोग इसे स्वीकार करेंगे; अगर नहीं है तो लोग इसे अस्वीकार करेंगे। अय्यर के पिछले 3 बयान 28 अगस्त, 2025ः हम छाती पीटकर कह रहे पाकिस्तान जिम्मेदार अय्यर ने 28 अगस्त को कहा था कि हमारे सांसद पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान को बेनकाब करने दुनिया भर में गए, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं मानी। हम इकलौते हैं, जो अपनी छाती पीट-पीटकर कहते हैं कि हाय-हाय पाकिस्तान जिम्मेदार है, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में आगे यहां तक कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) और अमेरिका ने भी पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। कोई मानने को तैयार नहीं, क्योंकि हम कोई सबूत पेश नहीं कर पा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 5 मार्च, 2025ः राजीव 2 बार फेल होने के बावजूद पीएम बने अय्यर ने 5 मार्च को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की शिक्षा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘आश्चर्य है इतने कमजोर एजुकेशन रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री कैसे बनाया गया।’ अय्यर ने आगे कहा, 'जब राजीव प्रधानमंत्री बने तब मैंने सोचा ये एयरलाइन पायलट है। दो बार फेल हो चुका है, ऐसा व्यक्ति प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है।' पूरी खबर पढ़ें… 11 जनवरी, 2025ः शेख हसीना को भारत में रहने दें, चाहे जिंदगीभर उनका मेजबान रहना पड़े अय्यर ने 11 जनवरी को कहा था कि बांग्लादेशी की पूर्व पीएम शेख हसीना जब तक चाहें, भारत में रहने दिया जाना चाहिए। शेख हसीना ने हमारे लिए बहुत कुछ अच्छा किया है। हम कभी इस बात से असहमत नहीं होंगे। उन्होंने कहा- मुझे खुशी है कि उन्हें शरण दी गई। मुझे लगता है कि जब तक हसीना चाहें, हमें उनका मेजबान बने रहना चाहिए, भले ही वह जीवनभर के लिए ही क्यों न हों। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका पर वेनेजुएला में सोनिक हथियार इस्तेमाल करने का आरोप:चश्मदीद गार्ड बोला- हमले के दौरान सैनिकों को खून की उल्टियां हुईं, नाक से खून बहा
अमेरिका पर वेनेजुएला में सोनिक हथियार इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एक बेहद शक्तिशाली और अब तक न देखे गए हथियार का इस्तेमाल किया, जिससे वेनेजुएला के सैनिक पूरी तरह बेबस हो गए थे। एक वेनेजुएलाई सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि ऑपरेशन शुरू होते ही उनके सभी रडार सिस्टम अचानक बंद हो गए। इसके कुछ ही सेकेंड बाद उन्होंने आसमान में बड़ी संख्या में ड्रोन उड़ते देखे। गार्ड के मुताबिक, उन्हें समझ ही नहीं आया कि इस हालात में क्या किया जाए। गार्ड ने आगे दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एक सीक्रेट इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया। यह किसी बहुत तेज आवाज या तरंग (साउंड वेब) जैसा था। इसके तुरंत बाद उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसका सिर अंदर से फट रहा हो। कई सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और कुछ को खून की उल्टियां हुईं। सभी सैनिक जमीन पर गिर पड़े और कोई भी खड़ा होने की हालत में नहीं था। गार्ड ने कहा कि वह नहीं जानता कि यह कोई सोनिक हथियार था या कुछ और। इस कार्रवाई के एक चश्मदीद का बयान शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया, जिसे व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने शेयर किया। अमेरिका ने ऑपरेशन में सिर्फ 8 हेलिकॉप्टर इस्तेमाल किए न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिका ने सिर्फ आठ हेलिकॉप्टर इस्तेमाल किए गए थे, जिनसे करीब बीस सैनिक उतरे। संख्या कम होने के बावजूद अमेरिकी सैनिकों ने बहुत जल्दी पूरे इलाके पर कंट्रोल हासिल कर लिया। गार्ड ने कहा कि अमेरिकी सैनिक तकनीक के मामले में बेहद आगे थे और वे ऐसे लग रहे थे जैसे पहले कभी उनका सामना नहीं हुआ हो। गार्ड ने इस मुठभेड़ को लड़ाई नहीं बल्कि एकतरफा हमला बताया। वेनेजुएला की तरफ सैकड़ों जवान मौजूद थे, लेकिन फिर भी वे टिक नहीं पाए। अमेरिकी सैनिक बहुत तेज और सटीक तरीके से फायरिंग कर रहे थे, जिससे मुकाबला नामुमकिन हो गया। अमेरिकी हमले में वेनेजुएला के 100 सैनिकों की मौत हुई थी व्हाइट हाउस की ओर से इस बात पर कोई रिस्पांस नहीं दिया गया कि प्रेस सेक्रेटरी की तरफ से शेयर इस पोस्ट को सरकारी पुष्टि माना जाए या नहीं। वहीं, वेनेजुएला के गृह मंत्रालय ने कहा है कि 3 जनवरी को हुई इस कार्रवाई में करीब 100 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी, हालांकि यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी मौतें इस सीक्रेट हथियार से हुईं थीं। अमेरिका के एक पूर्व सीक्रेट अधिकारी ने कहा कि इस तरह के लक्षण डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों से मेल खाते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे हथियार माइक्रोवेव या लेजर जैसी एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं और इससे दर्द, खून बहना और शरीर को शॉर्ट टर्म पैरालिसिस किया जा सकता है। गार्ड ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के बाद पूरे लैटिन अमेरिका में डर का माहौल है, खासकर तब जब हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अब मेक्सिको भी लिस्ट में है। गार्ड ने इसे अमेरिका से लड़ने की सोच रखने वालों के लिए चेतावनी बताया और कहा कि इस घटना का असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा। वेनेजुएला पर हमले की 3 बड़ी वजह... 1. अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी और वहां से अमेरिका के खिलाफ साजिशें हो रही थीं। 2. ट्रम्प का आरोप है कि वेनेजुएला उनके देश में कोकीन और फेंटेनाइल जैसी खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रास्ता बन चुका है। इसे खत्म करने के लिए मादुरो को सत्ता से हटाना जरूरी है। 3. ट्रम्प का आरोप है कि मादुरो की नीतियों से लाखों वेनेजुएलाई लोगों को देश छोड़ अमेरिका भागना पड़ा। उन्होंने जेल और मानसिक अस्पताल से अपराधियों को अमेरिका भेजा। किले की तरह सुरक्षित घर में थे मादुरो मिलिट्री ऑपरेशन के बाद ट्रम्प ने बताया था कि मादुरो राष्ट्रपति भवन में थे, जो किसी किले की तरह सुरक्षित था। वहां एक खास सेफ रूम था, जिसकी दीवारें पूरी तरह स्टील की थीं। मादुरो उस कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी सैनिक इतनी तेजी से अंदर पहुंचे कि वे दरवाजा बंद ही नहीं कर पाए। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया था कि इस ऑपरेशन की महीनों तक रिहर्सल की गई। अमेरिकी सेना को यह तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां रहते हैं, उनके पालतू जानवर कौन से हैं और वे कैसे कपड़े पहनते हैं। यहां तक कि मादुरो के घर जैसा नकली भवन बनाकर ट्रेनिंग की गई। ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में किया गया। काराकस शहर की लाइटें बंद कर दी गईं, ताकि अमेरिकी सैनिकों को फायदा मिल सके। हमले के दौरान कम से कम 7 धमाके सुने गए। पूरा ऑपरेशन 30 मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया। --------------- यह खबर भी पढ़ें... रिपोर्ट- ग्रीनलैंड पर हमले का प्लान बना रहे ट्रम्प:स्पेशल कमांडो को जिम्मेदारी सौंपी; जनरल बोले- राष्ट्रपति की जिद 5 साल के बच्चे जैसी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए प्लान बनाने का निर्देश दिया है। डेली मेल के मुताबिक ट्रम्प ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि सैन्य अधिकारी इस विचार से सहमत नहीं दिख रहे हैं। वे इसे कानूनी रूप से गलत मानते हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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