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85 लाख जर्मन थे नाजी पार्टी का हिस्सा [8.5 million people were there in the Nazi Party]

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की सबसे बड़ी चुनौती उसका आर्थिक संकट था, लेकिन एक और गंभीर काम था, नाजी विचारधारा से छुटकारा पाकर एक लोकतांत्रिक समाज का निर्माण करना. करीब 85 लाख लोग नाजी व्यवस्था का हिस्सा रहे थे, इसलिए केवल इमारतों का नहीं बल्कि संस्थाओं, राजनीति और सामाजिक सोच का भी पुनर्निर्माण करना था. इसलिए एलाइड फोर्सेज ने मिलकर अपने अपने ढंग से डीनाजीफिकेशन शुरू किया. 1946 की शुरुआत में ही, एलाइड कंट्रोल काउंसिल ने डी-नाजीफिकेशन से जुड़ा पहला आदेश जारी किया. इसमें बताया गया कि नाजी पार्टी के सदस्यों, उनकी मदद करने वालों, और नाजी शासन से फायदा उठाने वालों के साथ कैसा बर्ताव किया जाना चाहिए. After the Second World War, Germany's greatest challenge was the economic crisis, but alongside it stood another equally serious task: building a democratic society by freeing itself from Nazi ideology. Around 8.5 million people had been part of the Nazi system, which meant that not only buildings but also institutions, politics, and social attitudes had to be rebuilt. To address this, the Allied powers began the process of denazification, each in its own way. In early 1946, the Allied Control Council issued its first directive related to denazification. The order outlined how members of the Nazi Party, those who had assisted the regime, and individuals who had benefited from Nazi rule were to be identified and treated. This marked an important step in Germany's effort to break with its Nazi past and establish democratic foundations for the future. #DWHindi #BaebaakIsha #DWHistory #Germany

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वायुसेना को मिलेगा तेजस ट्विन सीटर और HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट, 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में HAL करने जा रही बड़ा धमाका

Aatmanirbhar Bharat: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) कल यानी 18 सितंबर को भारतीय वायुसेना (IAF) को LCA तेजस के FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगी। इसके साथ ही HAL ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को सौंपेगी

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  Sports

Ajit Agarkar का कार्यकाल खत्म, BCCI Chief Selector पद के लिए Parthiv Patel चर्चा में

भारतीय क्रिकेट में चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बीसीसीआई की शुक्रवार को हुई वार्षिक आम बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि अगरकर का कार्यकाल आगे बढ़ना तय नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने अभी इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। माना जा रहा है कि महीने के अंत तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

बैठक के बाद बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि फैसला लेने के लिए अभी करीब 15 दिन का समय बाकी है। उन्होंने साफ किया कि अगरकर के कार्यकाल की समाप्ति की तारीख बोर्ड को पता है और इसी अवधि में आगे का निर्णय लिया जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है।

देवजीत सैकिया ने कहा कि क्रिकेट में 15 दिन का समय काफी होता है और बोर्ड जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर बोर्ड इस बारे में आधिकारिक जानकारी देगा। यानी फिलहाल अगरकर के पद पर बने रहने या हटने को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

अगरकर के भविष्य को लेकर अटकलें पिछले कुछ समय से लगातार चल रही हैं। इसी महीने भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए हुई बैठक में अगरकर की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, बोर्ड ने उनकी गैरमौजूदगी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। इसके बाद रोहित शर्मा से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। लॉर्ड्स में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले से पहले चयनकर्ताओं ने कथित तौर पर रोहित को टीम की आगे की योजनाओं में शामिल नहीं होने की जानकारी दी थी। बाद में बोर्ड के स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप की बात सामने आई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली में हाल ही में हुई सेलेक्शन मीटिंग के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबलों, ईरानी कप और भारत ए टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन किया गया था। बैठक सामान्य तरीके से हुई, लेकिन इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद यह अगरकर की चयन समिति के प्रमुख के तौर पर आखिरी बैठक हो सकती है।

अगर अगरकर का कार्यकाल खत्म होता है तो बोर्ड के लिए तुरंत नया प्रमुख चयनकर्ता नियुक्त करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले पद के लिए आवेदन मांगे जाएंगे, फिर उम्मीदवारों के नामों की जांच और बातचीत की प्रक्रिया होगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक महीने या उससे ज्यादा समय लग सकता है।

मौजूदा चर्चा में भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम अगले प्रमुख चयनकर्ता के तौर पर सामने आ रहा है। वहीं अंतरिम व्यवस्था में प्रज्ञान ओझा को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना की भी चर्चा है। ओझा ने मौजूदा चार अन्य चयनकर्ताओं की तुलना में भारत के लिए ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि, अभी इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

बता दें कि अंतिम फैसला बीसीसीआई के पदाधिकारियों को करना है और अगले करीब 15 दिनों में इस मामले पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। तब तक अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी हैं।

Fri, 18 Sep 2026 21:48:00 +0530

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