Tata Sons के चेयरमैन पद पर 5 साल और रहेंगे N Chandrasekaran, बोर्ड ने दी मंजूरी, नोएल टाटा ने दर्ज कराई आपत्ति
टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को 5 साल के लिए चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंज़ूरी दी। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा अकेले ऐसे सदस्य थे जिन्होंने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। ऊपर बताए गए लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर मनीकंट्रोल को बताया कि टाटा संस बोर्ड ने कंपनी को लिस्ट कराने के मुद्दे पर भी विचार किया, लेकिन कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। टाटा ट्रस्ट्स से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह फैसला गैर-कानूनी है। नोएल ने अपनी असहमति दर्ज कराई है। 12 सितंबर को, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्ज़ी को खारिज कर दिया, जिससे टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की स्टॉक-मार्केट में अनिवार्य लिस्टिंग से बचने की कोशिश खत्म हो गई। यह फैसला शनिवार को टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर को मिले एक पत्र में बताया गया। चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को घोषणा की थी कि 20 फरवरी, 2027 को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर वे तीसरा कार्यकाल नहीं लेंगे।
इसे भी पढ़ें: Semicon India में Tata Electronics करेगी 16 वैश्विक समझौतों पर हस्ताक्षर
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन और टाटा संस के डायरेक्टर नोएल टाटा ने फरवरी में हुई बोर्ड मीटिंग में चंद्रशेखरन के प्रस्तावित तीसरे कार्यकाल का विरोध किया था। लोगों ने बताया कि नोएल अभी भी लीडरशिप में बदलाव के पक्ष में हैं। टाटा ट्रस्ट्स के पास कुल मिलाकर टाटा संस की लगभग 66% हिस्सेदारी है। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि आखिर में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर समेत टॉप मैनेजमेंट का चुनाव बहुमत वाले शेयरहोल्डर की पसंद के आधार पर तय होगा। इस मामले में, बहुमत वाली हिस्सेदारी (जो टाटा ट्रस्ट्स के पास है) का प्रतिनिधित्व टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा करते हैं।
इसे भी पढ़ें: Air India बोर्ड बैठक: नए CEO Tewolde Gebremariam के वेतन ढांचे और नेतृत्व बदलाव पर मंथन
दो मुख्य टाटा ट्रस्ट्स में से एक, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश न करने के फैसले का सम्मान करता है और उसने अगले चेयरमैन की सिफारिश करने के लिए एक सिलेक्शन कमिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Semicon India में Tata Electronics करेगी 16 वैश्विक समझौतों पर हस्ताक्षर
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स यूरोप, जापान, सिंगापुर और भारत की कंपनियों के साथ सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर करेगी। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रणधीर ठाकुर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि गुजरात के धोलेरा में कंपनी का विनिर्माण संयंत्र (फैब) और असम में पैकेजिंग संयंत्र सरकार के साथ किए गए निर्धारित वादों को पूरा करने की दिशा में सही गति से आगे बढ़ रहे हैं। चिप और सेमीकंडक्टर को ‘भविष्य का उद्योग’ करार देते हुए ठाकुर ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर की कहानी का अगला अध्याय लिखने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘पांच साल पहले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया गया था। आज 12 कारखाने अलग-अलग चरणों में निर्माणाधीन हैं और हम भारत में बने चिप दुनिया भर के ग्राहकों को पहले ही निर्यात कर रहे हैं।’’ ठाकुर ने कहा कि वैश्विक चिप विनिर्माण परिवेश में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए यह बात कही। ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ पूरी तरह तालमेल बैठा रही है’’ और वह ऐसी अनुकूल नीतियां ला रही है, जो मजबूत सेमीकंडक्टर परिवेश की बुनियाद तैयार कर रही हैं और उसकी राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर रही हैं।
ठाकुर ने कहा, ‘‘यह इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार की भारत की गति है। केवल 12 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग 2014 में दो लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।’’ उन्होंने बताया कि ‘सेमीकॉन इंडिया’ के मौजूदा कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स 16 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगी। ठाकुर ने कहा, ‘‘यूरोप की नेक्सपेरिया और बीईएसआई, जापान की जेएसआर, फुजीफिल्म और सुमितोमो, मलेशिया की कॉलिंगटन, सिंगापुर की एसेंडास फर्स्ट स्पेस, भारत की एलएंडटी सेमीकंडक्टर्स, इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और गति शक्ति विश्वविद्यालय जैसी कंपनियां हैं।
इनके अलावा अमेरिका, यूरोप और भारत के अन्य साझेदार भी हैं, जो सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के अलग-अलग हिस्सों में विशेषज्ञता रखते हैं।’’ उन्होंने कहा कि अकेले टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में ही नई परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। सीईओ ने कहा, ‘‘धोलेरा (गुजरात) में विनिर्माण संयंत्र (फैब) और असम में पैकेजिंग संयंत्र सरकार के साथ किए गए निर्धारित वादों को पूरा करने की दिशा में सही गति से आगे बढ़ रहे हैं।’’ टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने रोजगार के 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने साथ ही सेमीकंडक्टर साझेदारियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए सरकार का आभार जताया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










