Responsive Scrollable Menu

दिशा सालियन केस में बड़ा मोड़, पिता ने आदित्य ठाकरे-अनिल देशमुख को भेजा ₹500 करोड़ का नोटिस

Disha Salian Death Case: दिवंगत फिल्म मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. दिशा के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. हाल ही में सीबीआई ने सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उन्होंने दोनों नेताओं के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए यह कदम उठाया है. अपने वकील अनुष्का सोनावणे के जरिए भेजे गए इस नोटिस में सतीश सालियन ने दोनों नेताओं से सात दिनों के भीतर अपने बयान वापस लेने, बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और हर्जाना देने की मांग की है. 

बिना शर्त लिखित और वीडियो माफीनामा जारी करने की शर्त

नोटिस में साफ कहा गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को सभी प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में ए4 आकार का विज्ञापन देकर लिखित माफी मांगनी होगी. इसके साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख न्यूज चैनलों व अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का बिना शर्त वीडियो माफीनामा जारी करना होगा. सतीश सालियान का आरोप है कि दोनों नेताओं ने उनकी कानूनी लड़ाई और बेटी की न्याय की मांग को राजनीतिक साजिश बताकर उनकी विश्वसनीयता और छवि को धूमिल करने की कोशिश की है.

ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा 2027 चुनाव से पहले बीजेपी को झटका, पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा सपा में शामिल

आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के बयानों पर जताई आपत्ति

सतीश सालियान के मुताबिक, उन्होंने अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था. उनकी याचिका में कई संदिग्ध परिस्थितियों, विरोधाभासों और सबूतों को आधार बनाया गया था. लेकिन आदित्य ठाकरे ने अदालत की कार्यवाही में हस्तक्षेप करते हुए उनकी मंशा पर सवाल उठाए और इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया. वहीं, अनिल देशमुख ने भी पिछले साल एक बयान देकर इस याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था. सतीश का कहना है कि देशमुख इस मामले में निष्पक्ष व्यक्ति नहीं थे, इसलिए उनका बयान दुर्भावनापूर्ण था.

दिशा की मौत पर उठते सवाल और सीबीआई जांच का दायरा

दिशा सालियान के पिता लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि उनकी बेटी की मौत केवल दुर्घटना या आत्महत्या नहीं थी. हाईकोर्ट में दायर याचिका में उनके वक्यिल ने आरोप लगाया था कि दिशा के साथ पहले यौन हिंसा हुई और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही. हालांकि, मुंबई पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच और मार्च 2025 में दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट में दिशा की मौत को मानसिक परेशानी के चलते की गई आत्महत्या करार दिया था. अब सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि क्या इस मामले में पुराने निष्कर्षों से अलग कोई नया और ठोस सबूत सामने आता है या नहीं.  

ये भी पढे़ं: सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत, वैश्विक चुनौतियों के बीच 7.8% रही विकास दर

Continue reading on the app

यूपीआई एमडीआर को लेकर ब्रोकर्स की चिंताओं की जांच करेगा सेबी: चेयरमैन तुहिन कांत पांडे

मुंबई, 17 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को कहा कि नियामक नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) फ्रेमवर्क को लेकर स्टॉकब्रोकरों द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच करेगा।

नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (एनएबीएफआईडी) इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026 के इतर पत्रकारों से बातचीत में सेबी प्रमुख ने कहा कि इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं और नियामक इन चिंताओं पर विचार करेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ब्रोकर्स और ब्रोकिंग कंपनियों ने यूपीआई पर लागू नए एमडीआर ढांचे से उद्योग पर पड़ने वाली अतिरिक्त लागत को लेकर चिंता जताई थी।

इससे पहले, बुधवार को जेरोधा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितिन कामथ ने व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) यूपीआई भुगतान पर लागू नए ढांचे का समर्थन करते हुए कहा था कि यूपीआई के व्यापक स्तर पर अपनाए जाने के बाद यह कदम उठाया जाना आवश्यक हो गया था।

हालांकि, कामथ ने यह भी कहा था कि निवेश और ब्रोकिंग जैसे कुछ उपयोग मामलों में प्रस्तावित एमडीआर संरचना व्यावहारिक नहीं लगती। उन्होंने कहा कि कई बार ग्राहक अपने ब्रोकिंग खाते में यूपीआई के जरिए धनराशि जमा करते हैं, लेकिन बाद में कोई ट्रेड नहीं करते। ऐसी स्थिति में ब्रोकर्स को शुल्क का बोझ उठाना पड़ सकता है, जबकि उन्हें कोई राजस्व प्राप्त नहीं होता।

उन्होंने सुझाव दिया था कि ब्रोकिंग से जुड़े यूपीआई भुगतानों के लिए कम ट्रांजैक्शन लिमिट पर विचार किया जाना चाहिए।

नितिन कामथ के अनुसार, ब्रोकर्स यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि यूपीआई के माध्यम से उनके खाते में भेजी गई राशि अंततः किसी ट्रेड में उपयोग होगी। चूंकि वे ग्राहकों को ट्रेड करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते, इसलिए यदि एमडीआर का शुल्क ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता तो ब्रोकर्स को बिना किसी आय के अतिरिक्त लागत उठानी पड़ सकती है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि यदि 10,000 ग्राहक एक महीने में 2 लाख रुपए के 50-50 यूपीआई ट्रांसफर करें और बाद में कोई ट्रेड निष्पादित न करें, तो प्रस्तावित एमडीआर ढांचे के तहत किसी ब्रोकर पर लगभग 2 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।

इसके अलावा, कामथ ने त्रैमासिक निपटान (क्वाटर्ली सेटलमेंट - क्यूएस) नियमों का भी उल्लेख किया। सेबी के इस नियम के तहत ब्रोकर्स को ग्राहकों की अप्रयुक्त धनराशि हर महीने या तिमाही में वापस करनी होती है।

उन्होंने कहा कि ग्राहक अक्सर यह धनराशि दोबारा अपने ब्रोकिंग खातों में जमा करते हैं और इन पुनः जमा की गई रकम का बड़ा हिस्सा यूपीआई के माध्यम से आता है। इससे बार-बार फंड ट्रांसफर पर ब्रोकर्स को बार-बार शुल्क वहन करना पड़ सकता है, जबकि उनके कारोबार में कोई अतिरिक्त आय नहीं होती।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

टेस्ट में सबसे ज्यादा उम्र में कप्तानी करने वाले 5 कप्तान, 127 साल से नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान

5 Oldest captains in Test: टेस्ट क्रिकेट के डेढ़ सौ साल के इतिहास में कई दिग्गजों ने उम्र को मात देकर अपनी टीमों की कमान संभाली. पचास वर्ष की उम्र में इंग्लैंड की अगुआई करने वाले डब्ल्यूजी ग्रेस से लेकर गबी एलन, डब्लूआर हैमंड, ऑस्ट्रेलिया के वारेन बार्ड्सले और मॉडर्न दौर में पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक तक, इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि कप्तानी केवल शारीरिक फुर्ती का खेल नहीं, बल्कि अनुभव और मानसिक दृढ़ता का संगम है. Sat, 19 Sep 2026 05:01:03 +0530

  Videos
See all

Bengal News: Kolkata Police की नई पहल | E-Motorcycle से बदलेगा Policing का अंदाज | Suvendu Adhikari #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T23:00:42+00:00

Salman Khan पहुंचे आशीष शेलार के घर, गणपति बप्पा के किए दर्शन! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T23:10:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers