दिल्ली में पति के मर्डर की गवाह महिला की हत्या:हमालवरों ने सिर पर गोली मारी; 2023 में पति की भी गोली मारकर हत्या हुई थी
दिल्ली के शालीमार बाग में शनिवार सुबह 52 साल की रचना यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रचना 2023 में अपने पति की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थीं। परिवार के मुताबिक, रचना एक पड़ोसी के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रही थीं। घर के पास हाथ-पैर धोते समय हमलावरों ने उन्हें बेहद नजदीक से गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रचना शालीमार बाग की रहने वाली थीं और अपने इलाके की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की अध्यक्ष भी थीं। इससे पहले, 2023 में रचना के पति और प्रॉपर्टी डीलर बिजेंद्र यादव की आपसी रंजिश में गोली मारकर हत्या की गई थी। बिजेंद्र यादव भलस्वा गांव में एक बेकरी के बाहर दोस्तों के साथ बैठे हुए थे, जब हमलावरों ने उन पर करीब छह राउंड फायरिंग की थी। हमलावरों ने नाम पूछकर रचना पर फायरिंग की पुलिस ने बताया कि उन्हें रचना की हत्या की सूचना सुबह करीब 11 बजे पीसीआर कॉल के जरिए मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रचना को सड़क पर खून से लथपथ पाया। घटनास्थल से एक खाली कारतूस भी बरामद किया गया। क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। आसपास और पीड़ित के घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में सामने आया कि हमलावरों ने रचना को रोका। उनमें से एक ने उनका नाम पूछा और फिर पिस्टल निकालकर सिर में गोली मार दी। रचना की हत्या के बाद दो हमलावर बाइक से भागे पुलिस के मुताबिक, रचना को सिर में करीब से गोली मारी गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें दो हमलावर पहले से मौके पर घात लगाकर बैठे दिखे। एक आरोपी दिल्ली रजिस्टर्ड नंबर वाली स्पोर्ट्स बाइक लेकर घटनास्थल के पास इंतजार कर रहा था। दूसरे आरोपी ने फायरिंग की और साथी के साथ बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। पुलिस CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश में जुट गई है। रचना की हत्या में बिजेंद्र के हत्यारों के शामिल होने का शक दिल्ली पुलिस के अनुसार, रचना के पति बिजेंद्र पर हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कम से कम नौ आपराधिक मामले दर्ज थे। उनकी हत्या के केस में भरत यादव समेत 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी भरत यादव अब भी फरार है। पुलिस को शक है कि रचना की हत्या के पीछे भी भरत की भूमिका हो सकती है। परिवार ने दावा किया कि बिजेंद्र की हत्या के कुछ महीनों बाद उन्हें डराने के लिए भलस्वा स्थित उनके ऑफिस पर भी फायरिंग हुई थी। बेटी बोली- मां अदालत में गवाही पर अडिग थीं, इसलिए हत्या हुई पुलिस के अनुसार, रचना अपने पति की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थीं और उनका बयान अभियोजन के लिए अहम माना जा रहा था। इस बीच, मृतका की बड़ी बेटी कनिका यादव ने आरोप लगाया कि उनकी मां की हत्या भारत यादव ने साजिश के तहत कराई। कनिका ने कहा कि पिता की हत्या के कुछ आरोपी तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी मां को इसलिए मारा गया क्योंकि वह अदालत में गवाही पर अडिग थीं और आरोपियों को सजा होने का डर था। पुलिस ने बताया कि रचना यादव के परिवार में दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी उनके साथ रहती थी।
पटना में कंटेनर से टकराईं गाड़ियां, पिता-बेटी की मौत:बैंककर्मी का सिर चूर-चूर, बेटी का धड़ से अलग हुआ; क्रेन की मदद से निकाली गई बॉडी
पटना में बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन पर शनिवार रात भीषण सड़क हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण तीन गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। मरने वालों में पिता और बेटी है। हादसा इतना जबरदस्त था कि पिता का सिर चूर-चूर हो गया। वहीं बेटी का सिर धड़ से अलग हो गया। उनकी गाड़ी स्कॉर्पियो की छत उड़ गई। वहीं, पत्नी-बेटे समेत 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियों से आगे एक कंटेनर जा रहा था, जिसका टायर अचानक फट गया और वो रुक गया। तभी पीछे चल रही स्कॉर्पियो कंटेनर से टकरा गई। इसके बाद स्कॉर्पियो के पीछे से आ रही क्रेटा कार भी टकरा गईं। हादसा बाढ़ के अथमलगोला के फुलेलपुर गांव के पास हुआ। ASI अंजनी कुमार ने बताया कि 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 4 घायलों को भर्ती कराया गया है। हादसे में मारे गए पिता-पुत्री की पहचान बैंककर्मी अनुपम कुमार और उनकी बेटी आस्था के रूप में हुई। हादसे के बाद की 3 तस्वीरें... घने कोहरे के कारण हादसा हुआ प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, फोरलेन पर बेगूसराय से पटना की ओर एक कंटेनर जा रहा था। उसका पिछला टायर फट जाने के कारण वह सड़क किनारे खड़ा था। घने कोहरे के कारण पीछे से तेज रफ्तार से आ रही स्कॉर्पियो के ड्राइवर को दिखाई नहीं दिया। पहले उसने कंटेनर में टक्कर मारी। थोड़ी देर बाद पीछे से आ रही क्रेटा कार भी टकरा गई। पिता की बॉडी को क्रेन की मदद से निकाला गया टक्कर इतनी तेज थी कि बैंककर्मी का सिर चूर-चूर हो गया। शव को पहचाना मुश्किल हो रहा था। उनकी बॉडी स्कॉर्पियो में ही फंस गई। जिसे निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। हादसे के लगभग आधे घंटे बाद NHAI से क्रेन मंगवाई गई और दोनों गाड़ी को फोरलेन के किनारे किया गया। बॉडी बुरी तरह डैमेज हो चुकी स्कॉर्पियो में फंसी थी, जिसके बाद क्रेन में रस्सी बांध कर बॉडी को उसमें से बाहर निकाला गया। बेटी का सिर कटकर फेंकाया हादसे में बेटी आस्था का सिर धड़ से अलग हो गया। शुरुआत में उसका सिर कहां गया, समझ नहीं आ रहा था। काफी देर सिर खोजा गया। फिर जब गाड़ी से सामान बाहर निकाला गया तो सिर मिला। काफी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे दोनों की बॉडी को बाहर निकाला जा सका। टक्कर में स्कॉर्पियो का उपरी हिस्सा पूरी तरह से गायब हो चुका था। वहीं क्रेटा के परखच्चे उड़ गए, वो कंटेनर के अंदर घुस गई। पत्नी गंभीर, बेटे को हल्की चोट हादसे में जहां बैंककर्मी अनुपम कुमार और उनकी बेटी आस्था की मौत हो गई, वहीं पत्नी श्वेता गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि बेटे सन्नी को हल्की चोट आई है। घायलों में क्रेटा पर सवार पटना के रहने वाले एके चंदन की हाथ और पसली की हड्डी टूट गई। चंदन के अलावा क्रेटा पर सवार एक और युवक घायल हुआ है। सूचना मिलने के बाद अथमलगोला के थानेदार राहुल कुमार मौके पर पहुंचे और घायलों को बख्तियारपुर स्थित पंचमुखी हॉस्पीटल पहुंचाया। हादसे के बाद फोरलेन पर करीब 1 किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार लग गई। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैफिक सामान्य कराया जा सका है। परिवार संग फरीदाबाद जा रहे थे बैंक कर्मी अनुपम कुमार बांका के रजौन के रहने वाले थे। उनका ट्रांसफर फरीदाबाद हो गया था। वे परिवार के साथ फरीदाबाद जा रहे थे। गाड़ी में उनका परिवार साथ था। पिता और बहन की मौत और मां के घायल होने के बाद सन्नी कुमार बदहवास हो गए। वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे। दोनों शव पोस्टमॉर्टम के बाद अनुमंडलीय अस्पताल में रखे हुए हैं। परिवार के लोग बांका से बाढ़ के लिए निकल गए हैं।
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