UPI Tax पर सरकार के दावों को Congress ने नकारा, कहा- सांसदों ने नहीं किया समर्थन
कांग्रेस ने गुरुवार को उन दावों को खारिज कर दिया कि संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति में शामिल उसके सांसदों ने ज़्यादा कीमत वाले UPI पेमेंट पर फ़ीस लगाने के फ़ैसले का समर्थन किया था। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार UPI टैक्स के फ़ैसले के बाद हुए ज़बरदस्त विरोध से ध्यान भटकाने की बेहद घटिया कोशिशें कर रही है। सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर सवाल उठाए जिसमें उन्होंने व्यापारियों को 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर फ़ीस लगाने के फ़ैसले की आलोचना की थी। सरकार का कहना था कि एक संसदीय स्थायी समिति ने इस कदम का समर्थन किया था और समिति में शामिल कांग्रेस सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया था। इसके बाद विपक्षी पार्टी का यह बयान आया।
इसे भी पढ़ें: अब्दुल्ला-मायावती-सिब्बल...एक-एक कर मोदी के समर्थन में अचानक क्यों उतरने लगे विरोधी,'चक्रव्यूह' में फंसे राहुल?
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के लिए अलग-अलग स्तरों वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या रेवेन्यू फ्रेमवर्क की मांग की है और कहा है कि इसे बिना किसी देरी के नोटिफाई और लागू किया जाना चाहिए। बीजेपी पदाधिकारी ने बताया कि 12 अगस्त को जब रिपोर्ट को मंज़ूरी दी गई, तो कांग्रेस के पांच सांसद - पी. चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के. गोपीनाथ - वहां मौजूद थे और प्रकाशित मिनट्स में किसी भी तरह की असहमति दर्ज नहीं की गई थी।
इन दावों को खारिज करते हुए गोगोई ने कहा कि संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने मोदी सरकार द्वारा हाल ही में घोषित UPI टैक्स प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की थी। गोगोई ने कहा कि जब वित्त विभाग के अधिकारी वित्त समिति के सदस्यों से मिले, तो उनके पास UPI टैक्स को लेकर कोई खास प्रस्ताव नहीं था। गोगोई ने बताया कि MDR की ज़रूरत पर सवाल उठाए गए, लेकिन उस समय सरकारी प्रतिनिधियों के पास कोई ठोस या संतोषजनक जवाब नहीं था। गोगोई ने X पर लिखा कि मैं फिर से कहता हूँ कि हाल की UPI टैक्स नीतियां छोटे भारतीय व्यापारियों, वेंडरों और उद्यमियों को नुकसान पहुंचाती हैं और बड़ी अमेरिकी कंपनियों की मदद करती हैं। UPI टैक्स वापस लें। PM मोदी, घुटने टेकना बंद करें।
इसे भी पढ़ें: PM Modi's 76th Birthday | काशी से वड़नगर तक शुरू होगी 'सेवा संकल्प' बाइक यात्रा, 10 राज्यों के 1150 से ज़्यादा गांवों से गुज़रेगी
गोगोई की पोस्ट को टैग करते हुए, कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के दौर में फली-फूली 'न्यूज़ प्लांटेशन इकोनॉमी' (खबरें प्लांट करने वाली व्यवस्था) अब बेनकाब हो गई है। खुशी है कि आपने इसका खंडन किया। एक अन्य पोस्ट में रमेश ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों और डोनाल्डभाई को खुश करने" के लिए लिए गए UPI टैक्स के फैसले के बाद हुए "भारी विरोध" से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार "बेहद घटिया" कोशिशें कर रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। तिवारी ने X पर कहा कि दुर्भाग्य से, संसदीय स्थायी समितियों की कार्यवाही, जिसे गोपनीय और विशेषाधिकार प्राप्त माना जाता है, उसका इस्तेमाल अब सरकार अपनी वाहवाही बटोरने के लिए करना चाहती है।
क्या BRICS से जाते ही कोमा में पहुंचे जिनपिंग? भारत में अस्पताल वाली मिस्ट्री!
क्या चीन के राष्ट्रपति बीमार हैं? क्या ब्रिक्स सम्मेलन से लौटने के बाद जिनपिंग फौरन अस्पातल पहुंच गए। उनकी तबीयत को लेकर तरह तरह की खबरें और विभिन्न किस्म के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वाथ्य को लेकर सोशल मीडिया पर एक बेहद ही गंभीर दावा वायरल हो रहा है। दावा है कि भारत में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद जब शी जिनपिंग बीजिंग लौटे तो एयरपोर्ट पर उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। कहा जा रहा है कि उन्हें विमान से बाहर निकाला गया और सामान्य कार या काफिले की बजाए सैन्य हेलीकॉप्टर से सीधे बीजिंग के 301 अस्पताल ले जाया गया। इतना ही नहीं इस दावे में ये भी कहा गया कि शी जिनपिंंग को अस्पताल में आपातकालीन उपचार दिया गया और उनकी हालत गंभीर थी। इस दावे की चीन डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन ने सोशल मीडिया पर ये दावा साझा किया है।
इसे भी पढ़ें: China से भिड़ा यूरोप, रोज 1-बिलियन-यूरो के भारी नुक़सान से हड़कंप!
वानजुन शिए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबे चौड़े पोस्ट में बताया कि नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अचानक बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए विशेष विमान से आनन-फानन में चीन वापस ले जाया गया। शिए ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि साथ मौजूद मेडिकल टीम द्वारा प्राथमिक आपातकालीन उपचार दिए जाने के बाद, शी जिनपिंग ने अपना भारत दौरा बीच में ही समाप्त कर दिया और विशेष विमान से बीजिंग लौट गए। पोस्ट के अनुसार, बीजिंग हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद चीनी अधिकारियों ने जिनपिंग के स्वागत के लिए कोई औपचारिक समारोह या वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा नहीं रखा। इसके बजाय, "शी जिनपिंग को आपातकालीन चिकित्सा के लिए बीजिंग के '301 अस्पताल' ले जाने हेतु सीधे एक सैन्य हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया।" शिए ने आगे दावा किया कि 301 अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जिनपिंग को गंभीर इस्केमिक स्ट्रोक (ट्रांसिएंट सेरेब्रल इन्फ्रक्शन) होने की पुष्टि की है।
इसे भी पढ़ें: BRICS समिट में ये 5 काम कर गए जिनपिंग, भारत भी हैरान!
पोस्ट में यह भी कहा गया है कि शी जिनपिंग को आशंका थी कि भारतीय पक्ष को उनकी सेहत से जुड़ी गोपनीय जानकारी मिल सकती है, जिसके चलते उन्होंने बीजिंग लौटने से पहले भारतीय अस्पताल में आपातकालीन इलाज कराने से इनकार कर दिया था। वानजुन शिए के मुताबिक,उड़ान के दौरान सर्जरी के अनुकूल परिस्थितियां न होने के कारण, मेडिकल टीम को शी जिनपिंग की जान बचाने के लिए केवल कंजर्वेटिव (सीमित व तात्कालिक) उपचार का ही सहारा लेना पड़ा। पोस्ट में यह भी कहा गया कि अगर शी की सर्जरी बीजिंग के 301 हॉस्पिटल में होती भी है, तो भी गंभीर जटिलताओं की बहुत ज़्यादा संभावना है। शी ने यह भी दावा किया कि बीजिंग के अधिकारी अभी तक यह पक्का नहीं कर पाए हैं कि क्या शी जिनपिंग अमेरिका की यात्रा से पहले ठीक हो पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह तय करने का इंतज़ार कर रहे हैं कि क्या सितंबर के आखिर में शी की तय अमेरिका यात्रा को रद्द करना ज़रूरी होगा या नहीं।
इसे भी पढ़ें: चीन पर भारत की चढ़ाई, बंपर एक्सपोर्ट कर दिखाया दम!
रिपोर्ट में जिन कथित गवाहों का हवाला दिया गया है उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट में जिन कथित गवाहों का हवाला दिया गया है उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के नेताओं के लिए आधिकारिक रात्रि भोजन का आयोजन किया था और रिपोर्ट के मुताबिक शी जिनपिंग इस डिनर में शामिल नहीं हुए। अब भारतीय मीडिया में जो कुछ भी खबरें आई उसमें यही सब बातें आई कि वो अपने होटल लौट गए थे और सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि वो आराम करने के लिए होटल गए थे। लेकिन यहां भी सवाल वही है कि भाई शी ने डिनर में हिस्सा क्यों नहीं लिया? इसका कोई स्पष्ट या विस्तृत आधिकारिक ब्यरा मतलब मेडिकल लिहाज से नहीं है। स्पष्टीकरण नहीं है कि भाई वाकई में तबीयत खराब होने की वजह से ऐसा उन्होंने किया और यहीं से सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य संबंधी खबरों को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी। लेकिन एक बात बहुत ध्यान देने वाली है। डिनर में शामिल नहीं होना अपने आप में किसी गंभीर बीमारी का सबूत तो है नहीं। आपातकालीन स्थिति का कोई सबूत नहीं है क्योंकि अगले दिन शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और यह पूरी कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
据传,习近平在印度主办的金砖峰会上晕倒,经随行医疗团队的紧急救治后,提前结束对印度的访问,搭乘专机返回中国。飞机抵达北京机场后,北京当局没有安排大批官员接机,也没有组织欢迎仪式,而是用军用直升机,直接将习近平送到了北京301医院,进行急救。… pic.twitter.com/3bfnNfoZ05
— 谢万军 Wanjun Xie (@WanjunXie) September 16, 2026
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











