APO मैंस एग्जाम की आंसर-बुक अपलोड करेगा RPSC:कैंडिडेट्स कल से कर सकेंगे आवेदन; 181 पदों पर केवल 4 हुए थे सिलेक्ट
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) (मुख्य) परीक्षा-2024 की आंसर-बुक आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। अभ्यर्थी, जो स्वयं की उतर पुस्तिका का अवलोकन करने के इच्छुक हैं, कल 12 से 27 जनवरी 2026 तक आयोग के पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बता दें कि आयोग ने कुल 181 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया मार्च 2024 में हुई थी और मुख्य परीक्षा 1 जून 2025 को हुई, जिसके परिणाम जनवरी 2026 में आए हैं, जिसमें काफी कम उम्मीदवार (सिर्फ 4 सामान्य वर्ग में) सफल हुए हैं, जिसके कारण बाकी के पद खाली रह गए हैं। केवल ऑनलाइन करना होगा आवेदन आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करने के लिए केवल आयोग के पोर्टल पर ही आवेदन करें। ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर आवेदन न करें। अन्य किसी भी माध्यम से किया गया आवेदन स्वीकार्य नहीं होगा। निर्धारित लिंक पर अभ्यर्थी स्वयं के आवेदन क्रमांक, रोल नंबर एवं जन्म दिनांक से ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करने के पश्चात पेपर सेलेक्ट कर उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करने के लिए आवेदन करें। इस अवधि में उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करने हेतु आयोग के पोर्टल पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं ही आयोग के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। 28 फरवरी की रात हटा दी जाएगी आंसर-बुक उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अभ्यर्थी दिनांक 5 से 20 फरवरी तक आयोग के पोर्टल पर भुगतान के लिए उपलब्ध लिंक से 50 रुपए प्रति उत्तरपुस्तिका शुल्क का भुगतान कर अपनी उत्तर-पुस्तिकाएं 28 फरवरी तक डाउनलोड कर ले। 28 फरवरी रात्रि 12 बजे के पश्चात् उक्त परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाएं आयोग के पोर्टल से हटा ली जाएगी। आयोग पोर्टल लिंक - https://rpsc.rajasthan.gov.in -> Candidate Information -> Exam Dashboard -> APO (Main) Exam 2024 -> Instruction/Links -> Answer Booklet Apply/Download link ................... पढें ये खबर भी.... 181 पदों पर निकाली भर्ती, सिर्फ 4 कैंडिडेट पास हुए:गृह विभाग में APO की वैकेंसी में पहली बार लागू किए न्यूनतम पासिंग नंबर गृह विभाग में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के 181 पदों पर भर्ती परीक्षा में सिर्फ 4 अभ्यर्थी ही क्वालिफाई कर पाए। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से पहली बार नए नियम के तहत परीक्षा ली गई थी। इसमें मिनिमम पासिंग मार्क्स तय किए गए थे। पूरी खबर पढें
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X ने अश्लील कंटेट पर गलती मानी:3500 कंटेंट ब्लॉक और 600 अकाउंट डिलीट किए; कहा- भारत के कानून का पालन करेंगे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपनी कंटेंट मॉडरेशन में गलतियां स्वीकार की हैं। कंपनी ने कहा है कि वह अब भारत के कानूनों का पूरी तरह पालन करेगी। सरकार के मुताबिक, यह फैसला अश्लील कंटेंट वायरल होने के बाद लिया गया। प्लेटफॉर्म ने बताया कि उन्होंने 3,500 से ज्यादा कंटेंट ब्लॉक कर दिए हैं। साथ ही 600 से अधिक अकाउंट्स भी डिलीट कर दिए गए। कंपनी ने कहा कि आगे से अश्लील तस्वीरें प्लेटफॉर्म पर बिल्कुल नहीं चलेंगी। दरअसल, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 2 जनवरी को AI चैटबोट Grok के गलत इस्तेमाल को लेकर आईटी मिनिस्टर को लेटर लिखा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने उसी दिन X से कहा था कि वह AI ऐप Grok से बनाई जा रही अश्लील, फूहड़ कंटेंट को तुरंत हटाए, नहीं तो कानून कार्रवाई की जाएगी। X ने कहा- भारत हमारे लिए बड़ा बाजार है X ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि भारत हमारे लिए बड़ा बाजार है। कंपनी ने कहा कि वह यहां के नियमों का सम्मान करेगी। यह कदम कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत बनाएगा। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- X ने कंटेंट को रोकने की जगह सीमित कर दिया है राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को X पर इस मामले में फिर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने ग्रोक के माध्यम से आपत्तिजनक और यौन रूप से उत्तेजक इमेज जेनरेशन को पूरी तरह से रोकने के बजाय केवल पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम प्रभावी रूप से महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों के अनधिकृत दुरुपयोग की अनुमति देता है, जिससे उन्हें जोखिम में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म निंदनीय व्यवहार को मॉनिटाइज कर रहा है, ये शर्मनाक है। मस्क बोले थे- जिम्मेदारी टूल की नहीं, यूजर की इससे पहले X के मालिक इलॉन मस्क ने 3 जनवरी को कहा था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि Grok आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहा है, लेकिन यह ऐसे है जैसे किसी बुरी बात को लिखने के लिए पेन को दोष देना। कलम यह तय नहीं करती कि क्या लिखा जाएगा। यह काम उसे पकड़ने वाला करता है। मस्क ने कहा कि Grok भी उसी तरह काम करता है। आपको क्या मिलेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसमें क्या इनपुट देते हैं। क्योंकि जिम्मेदारी टूल की नहीं, उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की होती है। शिवसेना (UBT) की सांसद ने उठाया था मुद्दा शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 2 जनवरी को AI चैटबोट Grok के गलत इस्तेमाल पर आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव को लेटर लिखा था। महिलाओं की तस्वीरों को अश्लील तस्वीरों में बदला दरअसल कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद Grok AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि Grok इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी:कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा; यूजर भी सोच-समझकर पोस्ट करें केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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