प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन पर देशभर से मिली शुभकामनाएं, पीएम बोले- ये प्यार मेरे दिल…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर पीएम को हर जगह से बधाई संदेश मिल रहे हैं। राजनेताओं से लेकर आम जनता सभी ने उन्हें शुभकानाएं भेजी हैं। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश भर में कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में दीपोत्सव का आयोजन किया जाने वाला है। आशीर्वाद का दीपक के नाम से ये आयोजन होगा। इसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में मिट्टी के दिए जलाए जाएंगे। चलिए जान लेते हैं कि पीएम को किस अंदाज में बधाइयां मिली हैं।
राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। पिछले 25 सालों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर आपने अनेक प्रतिमान स्थापित किए हैं। आपने समावेशी विकास को नई दिशा और गति प्रदान की है।”
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। विगत 25 वर्षों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल में आपने सुशासन के अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं तथा समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति एवं नई दिशा प्रदान की है। सांस्कृतिक गौरव की भावना के साथ…
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 17, 2026
गृह मंत्री अमित शाह की बधाई
गृहमंत्री अमित शाह ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने लिखा “परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता के प्रतीक पीएम मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। कर्म को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय बनाकर चलने का आपका जीवन तप और अटूट संकल्प की गाथा है। ये यात्रा करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा है।”
अथक परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता के प्रतीक प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
कर्म को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय बनाकर चलने वाले मोदी जी का जीवन तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा है। सेवा और समर्पण से भरी उनकी यात्रा करोड़ों देशवासियों…
— Amit Shah (@AmitShah) September 17, 2026
रक्षामंत्री की पोस्ट
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह में भी इस मौके पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामना दी है। उन्होंने लिखा “पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल कनेक्टिविटी हो या फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप हर क्षेत्र में प्रगति कर रहे हैं।”
Warm wishes and greetings to Prime Minister Shri @narendramodi on his birthday.
Under his leadership, India is moving with confidence towards achieving the goal of ‘Viksit Bharat’. From physical infrastructure to digital connectivity, from the welfare of the poor to innovation…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 17, 2026
अक्षय कुमार ने दी बधाई
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार को भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए देखा गया। उन्होंने लिखा “आज हमारे प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और हम इसे सेवा संकल्प के तौर पर मना रहे हैं। सेलिब्रेशन का इससे खूबसूरत तरीका दूसरा नहीं है।”
आज हमारे प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है और इस दिन को सेवा संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। मुझे लगता है जन्मदिन मनाने का इससे खूबसूरत कोई और तरीका नहीं हो सकता। हम किसी और के काम आएँ, किसी ज़रूरतमंद की मदद करें, किसी चेहरे पर मुस्कान लाएँ… बस इतना सा संकल्प।
Happy Birthday…— Akshay Kumar (@akshaykumar) September 17, 2026
कंगना रनौत ने किया विश
पीएम को एक्टर और सांसद कंगना रनौत ने भी विश किया है। उन्होंने लिखा “देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। ईश्वर ने उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्र सेवा की शक्ति प्रदान करें। उनके नेतृत्व में देश विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को लेकर सशक्त होता रहे।”
जीवेत् शरदः शतम् शतम्।
सुदिनं सुदिनं जन्मदिनम्।
भवतु मंगलं जन्मदिनम्॥देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर राष्ट्रसेवा की शक्ति प्रदान करें। उनके… pic.twitter.com/TNZm7AxYPr
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) September 17, 2026
कहीं रेत की आकृति, कहीं केक
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को हर कोई अपने-अपने अंदाज में मनाता हुआ दिखाई दे रहा है। सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत पर प्रधानमंत्री मोदी की आकृति बनाकर उन्हें शुभकामनाएं दी है। वहीं पेरिस के एफिल टॉवर पर भाजपा नेता केक काटकर पीएम का जन्मदिन मनाएंगे।
पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
पीएम को अपने जन्मदिन पर मिल रही शुभकामनाओं और आयोजित किए जा रहे अलग अलग कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए देखा गया। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा “कुछ बातें और अंदाज बहुत खास होते हैं। आशीर्वाद का दिया ऐसा ही इजहार है जिसने मेरे दिल को गहराई से छू लिया है। हर आशीर्वाद हमारे प्यारे भारत की और भी ज्यादा निष्ठा के साथ सेवा करने के मेरे संकल्प को पहले से ज्यादा मजबूत करता है।”
Some gestures remain very special! #AshirwadKaDiya is one such expression of affection that has deeply touched me.
Every blessing strengthens my resolve to serve our beloved Bharat with even greater devotion. https://t.co/YPgIUibiMW
— Narendra Modi (@narendramodi) September 17, 2026
वडनगर से वैश्विक मंच तक नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा
17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के छोटे से शहर वडनगर से शुरू हुई उनकी जीवन-यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक, भारतीय जनता पार्टी के संगठनकर्ता, गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने तक पहुंची। नरेंद्र मोदी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति में लंबे समय तक चर्चा और विश्लेषण का विषय रहा है। उनके समर्थक उन्हें निर्णायक नेतृत्व, विकास योजनाओं और भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला नेता मानते हैं, जबकि आलोचक आर्थिक नीतियों, रोजगार और सामाजिक मुद्दों को लेकर सवाल भी उठाते रहे हैं। नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ। उनका बचपन एक सामान्य परिवार में बीता। युवावस्था में उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्राएं कीं और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। वर्ष 1972 में वे संघ के प्रचारक बने। आपातकाल के दौर में भी वे राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। संगठन के प्रति उनकी कार्यशैली, अनुशासन और व्यापक संपर्क क्षमता ने उन्हें धीरे-धीरे भाजपा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंचाया। 1987 में वे भाजपा की गुजरात इकाई में संगठन की भूमिका से जुड़े और 1990 के दशक में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में भी उनकी भूमिका बढ़ती गई। 1998 में वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला और मई 2014 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में औद्योगिक निवेश, सड़क, बिजली, सिंचाई, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया गया। वर्ष 2003 में गुजरात में ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर बड़े निवेश और व्यापार सम्मेलन के रूप में विकसित हुआ। गुजरात मॉडल को लेकर जहां समर्थकों ने आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे की उपलब्धियों को रेखांकित किया, वहीं आलोचकों ने विकास के लाभों के समान वितरण और सामाजिक मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2019 में भाजपा ने अपना प्रदर्शन और मजबूत करते हुए 303 सीटें जीतीं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अकेले बहुमत नहीं मिला, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत प्राप्त हुआ और नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की एक प्रमुख पहचान बड़े पैमाने पर लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाएं, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे का विस्तार रही है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में भूमिका निभाई। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता और शौचालय निर्माण को राष्ट्रीय अभियान का रूप दिया। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने आवास, कृषि सहायता, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे क्षेत्रों को नीति के केंद्र में रखा। इसी दौर में डिजिटल भुगतान और आधार आधारित सेवाओं का विस्तार भी तेजी से हुआ। यूपीआई ने डिजिटल लेन-देन को आम नागरिकों की रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के जरिए विनिर्माण, उद्यमिता, कौशल और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर, इन नीतियों के प्रभाव को लेकर रोजगार, छोटे कारोबार, ग्रामीण आय और आर्थिक असमानता जैसे सवाल भी सार्वजनिक बहस में बने रहे। इससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार के आर्थिक और कल्याणकारी कार्यक्रमों का मूल्यांकन केवल योजनाओं की संख्या से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक और दीर्घकालिक प्रभाव से किया जाना चाहिए।
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बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी मोदी सरकार के वर्षों में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर रहा। इन परियोजनाओं ने संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। साथ ही, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश की उपयोगिता, उसके क्षेत्रीय वितरण और उससे रोजगार सृजन जैसे प्रश्न भी नीति-विश्लेषण का हिस्सा बने हुए हैं। विदेश नीति के मोर्चे पर मोदी सरकार के दौरान भारत की सक्रियता और वैश्विक प्रभाव दोनों बढ़े। जी-20 और ब्रिक्स जैसे मंचों पर भारत की भूमिका मजबूत हुई, वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान-इजरायल संघर्ष और अमेरिका के साथ बदलते संबंधों के बीच भारत ने रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के दौरान तेल और गैस की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए ऊर्जा सुरक्षा को भी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में रखा गया। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति और अमेरिकी टैरिफ ने भारत के सामने आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती खड़ी की, जिसके बीच भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत और वैकल्पिक आर्थिक साझेदारियों पर जोर दिया। इस तरह मोदी सरकार की विदेश नीति में कूटनीति के साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक हित और बदलती वैश्विक शक्ति-समीकरणों के बीच संतुलन प्रमुख तत्व बनकर उभरे।
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संगठन से लेकर सरकार के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की एक लंबी प्रक्रिया दिखाई देती है। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर 2014 में देश के प्रधानमंत्री और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने तक उन्होंने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनके कार्यकाल में जनधन, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, आवास, किसान सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, जल जीवन मिशन और डिजिटल भुगतान जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। साथ ही आर्थिक विकास, रोजगार, महंगाई, सामाजिक समावेशन और नीतियों के प्रभाव को लेकर बहस भी जारी है। अंततः, नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा को केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों या सत्ता की राजनीति के संदर्भ में देखना पर्याप्त नहीं होगा। यह यात्रा बदलते भारत की राजनीतिक चेतना, शासन-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति में आए व्यापक बदलावों की भी कहानी है। वडनगर से शुरू हुआ यह सफर आज भारत के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर वैश्विक कूटनीति तक अपनी छाप छोड़ चुका है। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन ने भारतीय राजनीति और शासन की दिशा को प्रभावित किया है। आने वाले समय में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का मूल्यांकन केवल उनके कार्यकाल की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होगा कि उन्होंने भारत की राजनीति, शासन और वैश्विक भूमिका को किस हद तक नई दिशा दी। इतिहास के पन्नों में उनकी विरासत इस सवाल के साथ दर्ज होगी कि उनके नेतृत्व में बदला भारत आने वाली पीढ़ियों के लिए कितना मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रभावशाली आधार तैयार कर सका।
- डॉ. ब्रह्मानंद राजपूत
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