पीएम मोदी के जन्मदिन पर पेट्रोल-डीजल से सरकार ने घटाया ये टैक्स, क्या आम जनता को मिलेगी इससे राहत?
Petrol Diesel Price: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है, इस अवसर पर केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी राहत दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स में भारी कटौती की है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के बाद ईंधन का निर्यात करने वाली कंपनियों का जबरदस्त फायदा होगा. इससे आम जनता को कोई फायदा होगा या नहीं चलिए समझते हैं.
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF की जारी की नई दरें
बता दें कि केंद्र सरकार ने 16 सितंबर 2026 की देर रात आदेश जारी किया. उसके बाद नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 1.50 रुपये प्रति लीटर घटाकर 0.50 प्रति लीटर कर दिया है. यानी पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स में सरकार ने एक रुपये की कटौती की है.
डीजल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को मिली बड़ी राहत
इसके साथ ही सरकार ने डीजल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को सबसे बड़ी राहत दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने डीजल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 25 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. यानी डीजल पर लगने वाले टैक्स में सरकार ने 5 रुपये की कटौती की है. बता दें कि इससे पहले 25 के टैक्स में SAED और 1 रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल था. नए टैक्स में सरकार ने आरआईसी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. एटीएफ यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर करने का फैसला लिया गया है.
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VIDEO: MP में फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क का खुलासा, एक ही पते से बने दर्जनों दस्तावेज
MP Fake Passport: मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. एसटीएफ की जांच में ग्वालियर, भोपाल, बैतूल और छिंदवाड़ा समेत कई जगहों से बड़ी संख्या में संदिग्ध पासपोर्ट सामने आने की बात कही गई है. जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक 60 से 70 के आसपास संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट की जानकारी सामने आई है. इनमें बड़ी संख्या में पासपोर्ट बौद्ध विहार या मठों के पतों से बनाए जाने की बात सामने आई है.
मामले की शुरुआत ग्वालियर जिले के डबरा से हुई. एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एक ही पते पर 17 पासपोर्ट बनाए गए थे. इन दस्तावेजों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद जांच एजेंसियों को संदेह हुआ. जांच में यह भी सामने आया कि पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले कुछ लोगों को बौद्ध धर्म का अनुयायी बताया गया था.
इसके बाद जांच का दायरा भोपाल तक पहुंचा. राजधानी के अन्ना नगर स्थित एक बौद्ध मठ के पते पर करीब 40 पासपोर्ट बनाए जाने की जानकारी सामने आई. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन पासपोर्ट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए और आवेदन प्रक्रिया में किन स्तरों पर सत्यापन हुआ.
फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने का आरोप
जांच में आरोप है कि संदिग्ध लोगों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और दूसरे पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराए गए. इन दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया. एसटीएफ ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है. रियाल चौधरी को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. इसके अलावा विप्लव अधिकारी, जॉय चौधरी और प्रियंक चौधरी समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी का भी जिक्र है. हालांकि, मामले में आरोपों और आरोपियों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
पूरी पड़ताल के लिए देखिए वीडियो...
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