आज इंदौर दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, स्वामित्व योजना की करेंगे शुरुआत, 40 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा पंजीकृत मालिकाना हक
इंदौर से शुरू हो रही स्वामित्व योजना की नई प्रक्रिया उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से अपनी जमीन और मकान पर रहने के बावजूद पक्के मालिकाना दस्तावेज का इंतजार कर रहे थे। दरअसल सरकार अब पहले से तैयार अधिकार अभिलेख के आधार पर पात्र लोगों को पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। बता दें कि पहले चरण में इंदौर और आसपास के करीब 30 हजार लोगों को इसका लाभ मिलने की तैयारी है।
दरअसल इस अभियान के तहत राज्यभर में पहले से तैयार रिकॉर्ड वाले पात्र लोगों की संपत्तियों का पंजीयन किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में लाभार्थियों से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।
स्वामित्व योजना में अब क्या बदलेगा?
बता दें कि स्वामित्व योजना के तहत पहले गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराया गया था और उसके आधार पर लोगों के संपत्ति अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार किया गया। वहीं अब उसी रिकॉर्ड में दर्ज पात्र संपत्तियों की पंजीकृत डीड देने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। पहले लोगों को सिर्फ अधिकार अभिलेख या प्रॉपर्टी कार्ड मिला था जबकि अब उन्हें कानूनी रूप से पंजीकृत दस्तावेज भी मिलेगा। सरकार के अनुसार प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पंजीयन पूरा किया जाएगा। पहले जहां इस प्रक्रिया में चार से पांच महीने तक लगने की बात कही जाती थी, वहीं अब इसे करीब एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनका नाम पहले से तैयार स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
नितिन नवीन करेंगे शुभारंभ
जानकारी दे दें कि स्वामित्व योजना के राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन इंदौर में किया जा रहा है जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नई पंजीयन प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सांकेतिक रूप से पंजीकृत दस्तावेज दिए जाएंगे। इसके बाद पंचायत स्तर पर भी यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को रजिस्ट्री कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इंदौर दौरे के दौरान नितिन नवीन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से गांधी नगर तक विशेष तैयारियां की गई हैं। इसके बाद वे सुपर कॉरिडोर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे, जहां स्वामित्व योजना से जुड़े लाभार्थी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के बाद उनका उज्जैन दौरा भी प्रस्तावित है जहां वे रामघाट पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उज्जैन में युवा धर्म संसद की शुरुआत आज, देश भर से 1700 स्टूडेंट्स होंगे शामिल, 3 दिन तक चलेगा कार्यक्रम
17, 18 और 19 सितंबर को उज्जैन में युवाओं का हुजूम उमड़ने वाला है। गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को यहां देवास रोड के गीता भवन में युवा धर्म संसद रखी गई है। इस धर्म संसद का हिस्सा देश भर के युवा बनेंगे।अलग-अलग राज्यों से युवा बाबा महाकाल की उज्जैन का रुख करने वाले हैं।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान 1700 स्टूडेंट्स के उज्जैन पहुंचने का अंदाजा लगाया गया है। कुछ बड़े चेहरे भी यहां नजर आएंगे। इनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम मोहन यादव का नाम शामिल है। शोधकर्ता, शिक्षक और धर्माचार्य भी पहुंचेंगे।
युवा संसद में उमड़ेंगे स्टूडेंट्स
उज्जैन में हो रहा ये आयोजन युवा धर्म संसद का छठा साल है। इसके पहले अयोध्या, काशी, मथुरा, हरिद्वार और कांचीपुरम में युवाओं को एकत्रित कर अलग अलग विषयों पर चर्चा की जा चुकी है। इसका आयोजन के मार्गदर्शक आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण महाराज हैं। वो सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर और संरक्षक हैं और युवा धर्म संसद के लिए सेवाज्ञ संस्थान के साथ काम कर रहे हैं।
पहले दिन चित्रकला प्रदर्शनी
आज इस धर्म संसद का पहला दिन है। देशभर के युवा आज गीता भवन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए चित्रकला प्रदर्शनी में अपनी अपनी पेंटिंग्स भी लगाएंगे। यहां पुस्तक मेला भी लगेगा। इस मेले में देश भर से 50 पब्लिकेशन ग्रुप शामिल होने वाले हैं। अलग अलग प्रांत के प्रतिनिधि चर्चा करेंगे। आज होने वाले कार्यक्रम में पद्मश्री मूर्तिका अद्वैत चरण गणनायक, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया सहित अन्य अतिथि शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम की संयोजक अंकिता जायसवाल हैं।
18 और 19 सितंबर के आयोजन
18 सितंबर को उद्घाटन सत्र के बाद धर्म और चारित्रिक उत्तरदायित्व पर व्याख्यान रखा गया है। वहीं संवाद सत्र भी होगा। इसके अलावा अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाने वाला है। संघ प्रमुख मोहन भागवत इसका हिस्सा बनेंगे।
19 सितंबर को होने वाले समापन सत्र के कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल होने वाले हैं। इस दिन ऋषि कृषि संस्कृति पर चर्चा होगी। इसी के साथ एक सत्र आस्था एवं धर्म स्थलों की भूमिका पर आयोजित किया जाने वाला है।
क्या है उद्येश्य
इसी बात धर्म सभा के उद्देश्य की बात करें तो इसका मूल मंत्र ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ रखा गया है। ताकि युवा सनातन संस्कृति से जुड़ सकें। सनातन धर्म को किस तरह से सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप में व्यक्ति के जीवन में उठाता जा सकता है। इस पर विचार करना। युवाओं को संवाद के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है ताकि वो भारतीय संस्कृति और संस्कारों को करीब से जान सकें।
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