Justice Surya Kant ने कहा: पुलिस और अदालतें न्याय व्यवस्था में एक ही कड़ी
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को कहा कि न्याय व्यवस्था में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी ओपी मिश्रा की किताब ‘बियॉन्ड द यूनिफॉर्म : ड्यूटी, डिस्क्रीशन एंड पब्लिक ट्रस्ट’ के विमोचन के मौके पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सावधानी से दर्ज की गई प्राथमिकी या निष्पक्षता से की गई जांच से अदालत में न्याय मिलने की संभावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि इसके उलट, कोई भी अदालत-चाहे वह कितनी भी ईमानदार क्यों न हो-उस नुकसान की पूरी तरह भरपाई नहीं कर सकती, जो तब होता है, जब प्रक्रिया के शुरुआती कदम ही गड़बड़ा जाते हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पुलिस की सराहना भी की। उन्होंने कहा, “न्याय व्यवस्था में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। असल में न्यायपालिका उसी चीज को आगे बढ़ाती है, जो पुलिस उसके सामने पेश करती है।” प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस के लिए कर्तव्य का मतलब केवल कानून में लिखी बातों का पालन करना नहीं, बल्कि उस उद्देश्य के प्रति भी निष्ठावान रहना है, जिसके लिए कानून पुलिस अधिकारी को अधिकार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, “जांच करने, गिरफ्तारी करने, आवाजाही को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार न तो पद की शोभा है और न ही अपने आप में कोई लक्ष्य। अंततः यह जनता की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी है।
Kuno National Park में चीतों की संख्या पहुंची 52, चार वर्षों में जन्मे 32 शावक
मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किये गये चीता परियोजना के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूरे होने के बाद यहां चीतों की आबादी अब 52 हो गई है, जिसमें देश में पैदा हुए 32 चीतों की संख्या भी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने इस यात्रा को इसलिए याद किया क्योंकि चीतों के पुनर्वास के इस कार्यक्रम को 17 सितंबर को चार साल पूरे होने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया के आठ जंगली चीतों को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में विशेष बाड़ों में छोड़ा था। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित श्योपुर जिले के इस उद्यान का राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने इसी साल 21 जून को दौरा किया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी यहां चीतों के साथ घड़ियालों को छोड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए थे, जिनसे जिले में पर्यटन विकास को गति मिली।
अधिकारियों ने कहा कि जैव विविधता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण इस परियोजना को आज चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलो से इस परियोजना की शुरूआत होने के बाद आज देश में चीतों की संख्या 52 हो गई है, जिनमें से 49 चीते श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तथा तीन चीते गांधी सागर मंदसौर में विचरण कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कूनो का जंगल चीतों के प्रजनन के लिए सकारात्मक रहा है। प्रधानमंत्री की इस सौगात पर 17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत टिकटोली गेट पर वन विभाग के तत्वाधान में हजारों दीप रोशन कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया जायेगा।’’ उन्होंने कहा कि भारत से विलुप्त हुए चीतों की पुर्नबसावट की इस सफल परियोजना से श्योपुर जिले को विश्वव्यापी पहचान मिली, जिसके अच्छे प्रभाव हमारे सामने आये है।
अधिकारियों ने कहा कि आज श्योपुर जिले को चीतों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जा रहा है और इससे क्षेत्र में न केवल पर्यटन गतिविधियों को मजबूती मिली है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
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