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अगर तुम्हे युद्ध चाहिए तो युद्ध मिलेगा... अमेरिका को 'हाइड्रोजन बम' से उड़ा देगा ये देश!

चीन ने युद्ध में हाइड्रोजन बम के इस्तेमाल की धमकी दे डाली हैट्रंप को हाइड्रोजन बम से हराने की धमकी बीजिंग के बड़े थिंक टैंक की तरफ से आई है। बीजिंग थिंक टैंक के वीपी ने हाइड्रोजन बम की धमकी दी है। चीन पहले भी दावा कर चुका है कि उसके पास परमाणु बम से 10 गुना शक्तिशाली हाइड्रोजन बम है। इसका परीक्षण 1960 के दशक में ही किया जा चुका था। हाइड्रोजन बम के बारे में पहली जानकारी 1950 के दशक में आई थी। जैसे अमेरिका ने परमाणु बम का इस्तेमाल कर जापान को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद रूस और चीन जैसे देशों ने परमाणु बम से ताकतवर विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। 1952 अमेरिका ने पहली बार हाइड्रोजन बम का परीक्षण प्रशांत महासागर में स्थित मार्शल आइलैंड के एनएवीटेक एटोल पर किया। 1953 सोवियत संघ ने मध्य साइबेरिया में हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया।

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1957 ब्रिटेन ने हाइड्रोजन बम का अपना पहला परीक्षण प्रशांत महासागर के क्रिसमस आसलैंड पर किया। 1967 चीन ने हाइड्रोजन बम का अपना पहला परीक्षण शिंजियांग क्षेत्र के मलान में किया। 1968 फ्रांस ने थर्मोनक्लियर बम का अपना पहला परीक्षण दक्षिणी प्रशांत महासागर में फैन गटाफा एटोल के ऊपर किया। आज की तारीख में उत्तर कोरिया को लेकर ट्रंप का शक जगजाहिर है कि उसने चीन या रूस की मदद से हाइड्रोजन बम तैयार कर लिया है। हालांकि जानकारों की राय में यह सिर्फ अमेरिकी प्रोपोगेंडा है। लेकिन जिस चीन से ट्रंप को धमकी मिली है, उसके बारे में किसी को कोई संदेह नहीं। हाइड्रोजन बम को थर्मोनक्लियर बम भी कहा जाता है। यह परमाणु बम की तुलना में 10 गुना तक ज्यादा ताकतवर होता है। इसमें ड्यूटेरियम और ट्रिटियम जैसे तत्वों का इस्तेमाल होता है। यह दो चरण में काम करते हैं।

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यह आकार में छोटे और ज्यादा विनाशक होते हैं। वैसे हाइड्रोजन बम तो अमेरिका के पास भी है। लेकिन जिस तरह ट्रंप युद्ध के लिए तैयार दिख रहे हैं। उन्हें हाइड्रोजन बम से होने वाले विनाश का खतरा बखूबी मालूम होगा।

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Explainer: ग्रीनलैंड पर सुपर पावर देशों में क्यों मचा है घमासान, क्या रूस-चीन से घबराए हुए हैं ट्रंप?

Explainer: डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को मुश्किल तरीके से लेने वाले बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती रूस और चीन की गतिविधियों के बीच अमेरिका ग्रीनलैंड को अपनी सुरक्षा ढाल और रणनीतिक कुंजी मान रहा है. ग्रीनलैंड क्यों सुपरपावर देशों की नजर में है? वहां कौन-से संसाधन छिपे हैं, जिसे लेकर मारा-मारी की स्थिति बनी हुई है? रूस-चीन से अमेरिका क्यों डर रहा है? क्या उसे अपना प्रभुत्व खोने का डर सता रहा है? आर्कटिक क्षेत्र का यह बर्फीला द्वीप भविष्य की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक जंग का केंद्र कैसे बनता जा रहा है?

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  Sports

अभिषेक को बनाया तूफान, अब T20 वर्ल्ड कप से पहले युवराज के साथ ट्रेनिंग कर रहा टीम इंडिया का ये स्टार

Sanju Samson Training with Yuvraj Singh Video: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का हिस्सा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन हाल ही में युवराज सिंह से बल्लेबाजी के गुर सीखते नजर आए. उनका के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें युवराज उन्हें नेट्स में बैटिंग के टिप्स देते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को देखने के बाद फैंस मान रहे हैं कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के लिए सैमसन युवराज सिंह के पास ट्रेनिंग के लिए पहुंचे हैं. Sat, 10 Jan 2026 23:57:16 +0530

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