New Moms की उदासी को न करें Ignore, ये हो सकते हैं Postpartum Blues के Signs, जानें उपाय
र्टम ब्लूज एक ऐसी स्थिति है जिसमें नई मां को अचानक उदासी, भावनात्मक उतार-चढ़ाव या बेचैनी महसूस होती है, जबकि इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं होता। यह समस्या डिलीवरी के बाद लगभग 70 से 80 प्रतिशत महिलाओं में देखी जाती है। आमतौर पर यह स्थिति कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन इस दौरान मां को परिवार की समझ, भावनात्मक सहारा और सहयोग मिलना बेहद जरूरी होता है।
पोस्टपार्टम ब्लूज के लक्षण
- महिला कभी बहुत खुश महसूस करती है और अगले ही पल अचानक उदास हो जाती है या रोने लगती हैं। छोटी-छोटी बातों पर उनके इमोशन्स उन पर हावी हो जाती है।
- बिना किसी कारण रोने का मन करना पोस्टपार्टम ब्लूज का सबसे आम लक्षण होता है, जिससे महिला को खुद भी समझ नहीं पाती हैं कि वह क्यों रो रही है।
- नई मां को जल्दी गुस्सा आना, बेचैन रहना या छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाहट महसूस होने लगती है।
- डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर महसूस करता है, इसके साथ ही नींद की कमी भी रहती है, जिसके कारण मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ जाती है।
- अक्सर पोस्टपार्टम ब्लूज में देखने को मिलता है कि बच्चे के सो जाने के बाद भी मां को नींद नहीं आती है या बच्चे की सही देखभाल करने में उन्हें समस्या होती है।
- बच्चे की हेल्थ, भविष्य या अपनी जिम्मेदारियों को लेकर अक्सर वह जरुरत से ज्यादा चिंता होना भी इसका एक आम लक्षण है।
पोस्टपार्टम ब्लूज से निपटने के उपाय
- सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पोस्टपार्टम ब्लूज होना बिल्कुल सामान्य है। इस वजह से खुद को कमजोर समझना या किसी तरह का अपराधबोध महसूस करना सही नहीं है। अपनी भावनाओं को छिपाने या दबाने के बजाय उन्हें समझें और स्वीकार करें, क्योंकि यही ठीक होने की पहली और सबसे अहम प्रक्रिया होती है।
- अपने पति, माता-पिता या किसी भरोसेमंद मित्र से दिल की बात खुलकर साझा करें। जब आप अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करती हैं, तो मन का बोझ हल्का होता है और मानसिक तनाव भी काफी हद तक कम हो जाता है।
- जब भी आपका बच्चा सो रहा हो, उस समय आप भी थोड़ा आराम करने का प्रयास करें। पूरी नींद न मिलना आपके मन और भावनाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है और स्थिति को और कठिन बना सकता है।
- दिनभर की जिम्मेदारियों के बीच थोड़ा समय केवल अपने लिए जरूर निकालें। इस दौरान हल्का म्यूजिक सुनना, गहरी सांसों का अभ्यास करना या कुछ देर टहलना भी मन को शांत करने और अच्छा महसूस कराने में मदद कर सकता है।
- इसके अलावा, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन आपके शरीर और मन दोनों से मजबूत बनाने में मदद करता है। अपनी डाइट में आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करें।
- बता दें कि, नई मां के लिए हर चीज तुरंत परफेक्ट होना जरुरी नहीं है। आपसे गलतियां होना आम बात है इसलिए धीरे-धीरे सीखना ही आपके लिए सही तरीका है।
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