सलमान के खिलाफ भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान:कहा- हक के लिए लड़ना जरूरी, फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट न दिए जाने पर विवाद
कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। इसके बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर ये कहते हुए ट्रोल किया जाने लगा कि जिन सलमान ने उन्हें करियर में सपोर्ट किया, वह उन्हीं सलमान की आलोचना कर रहे हैं। अब इस विवाद पर सिंगर अमाल मलिक भी भाई के सपोर्ट में उतरे हैं। भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान मलिक ऐसी ही एक पोस्ट के जवाब में अरमान ने लिखा, “कृपया पहले कोई ओरिजिनल गाना बनाइए, उसे लिखिए या गाइए। फिर देखिए कि जहां आपका नाम होना चाहिए, वहां उसे आसानी से छोड़ दिया जाए।” उन्होंने कहा, “मैं जानना चाहूंगा कि तब आपको कैसा लगेगा। कृतज्ञता की बात मत कीजिए। मैं अपनी शुरुआत के लिए हमेशा आभारी रहा हूं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि जहां पहुंचा हूं, वहां तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा है। अगर हम अपने हक के लिए नहीं लड़ेंगे, तो कोई और नहीं लड़ेगा।” भाई और गीतकार के क्रेडिट के लिए बोले अरमान एक फैन ने अरमान से ट्रोल्स पर ध्यान नहीं देने को कहा। इस पर उन्होंने साफ किया कि उनका जवाब भाई और गीतकार को सही क्रेडिट दिलाने के लिए था। अरमान ने कहा, “मैं सच में सिर्फ अपने भाई और गीतकार के क्रेडिट को लेकर चिंतित था। उनके बिना यह गाना कुछ भी नहीं है। मेरा क्रेडिट तो छोड़ ही दीजिए। मैंने उम्मीद करना बंद कर दिया है। मेरे लिए आप लोग ही काफी हैं।” जानिए क्या है पूरा विवाद? 11 सितंबर को साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म हीरो की रिलीज के 11 साल पूरे हुए। इस मौके पर सलमान खान फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस की तरफ से इंस्टाग्राम और X अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की गई। इस फिल्म के गानों का कंपोजिशन अमाल मलिक ने किया था, लेकिन पोस्ट में उन्हें क्रेडिट नहीं दिया गया था। क्रेडिट ने मिलने पर अमाल मलिक ने नाराजगी जताई और लिखा, “सलमान खान फिल्म्स का पेज संभालने वाले व्यक्ति में संगीतकार और गीतकार को छोड़ने की इतनी हिम्मत कैसे हुई? यह अच्छा नहीं लगता।” उन्होंने कहा कि गाना संगीतकार और गीतकार की मेहनत, खून-पसीने और दर्द से बनता है। ऐसे गाने का जश्न मनाते समय उसके क्रिएटर्स का सम्मान और जिक्र होना चाहिए। अमाल ने आगे लिखा, “बुनियादी बातें सीखिए, वरना यह पेज डिलीट कर दीजिए। मेरा कमेंट डिलीट मत करना। सलमान सर को भी इसे देखने दीजिए, ताकि उन्हें पता चले कि आप लोगों ने गलती की है।” प्रोडक्शन ने पोस्ट एडिट कर जोड़ा अमाल का नाम अमाल की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस ने पोस्ट एडिट की और इसमें अमाल मलिक का नाम जोड़ा। सलमान खान ने दिया था अमाल को ब्रेक अमाल मलिक के करियर में सलमान खान का योगदान रहा है। सलमान ने साल 2014 में अपनी फिल्म ‘जय हो’ से अमाल को बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोजर ब्रेक दिया था। साथ ही सलमान ने अरमान मलिक के म्यूजिक एल्बम लॉन्च में पहुंचकर उनका सपोर्ट किया था। इसके बाद साल 2015 में सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘हीरो’ के लिए अमाल मलिक ने ही संगीत तैयार किया था। इस फिल्म का गाना "मैं हूं हीरो तेरा" ब्लॉकबस्टर रहा, जिसे ओरिजिनली अमाल के भाई अरमान मलिक ने गाया था और बाद में खुद सलमान खान ने भी अपनी आवाज में इसका एक स्पेशल वर्जन रिकॉर्ड किया था। बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’ पारिवारिक विवाद से भी चर्चा में रहे अमाल मलिक अमाल मलिक ने बीते साल परिवार को डिप्रेशन का जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। सोशल मीडिया पोस्ट पर परिवार से रिश्ता तोड़ने का ऐलान करते हुए अमाल ने लिखा था, मैं अब ऐसी स्टेज पर आ गया हूं, जहां मैं दर्द नहीं छिपा सकता। सालों से मुझे ऐसा महसूस करवाया गया है कि मैं कमतर हूं, जबकि मैं लोगों को सेफ जिंदगी देने के लिए दिन रात मेहनत करता हूं। मैंने अपने हर सपने को तोड़ दिया और जाना की लोग मुझसे बुरा व्यवहार करते हैं और पूछते हैं कि मैंने क्या किया है।' आगे उन्होंने लिखा था, 'मुझसे मेरी शांति छीन ली गई है, मुझे इमोशनली निचोड़ लिया गया है, शायद आर्थिक रूप से भी, लेकिन मैं इससे ज्यादा परेशान नहीं हूं। जिस चीज से सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है वो ये कि मैं क्लीनिकली डिप्रेशन में हूं, क्योंकि ये सब हो रहा है। हां, मेरे एक्शन के लिए मैं खुद को ही दोषी मान सकता हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान को कई बार उन प्रिय लोगों के कामों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मेरी आत्मा के टुकड़े चुरा लिए हैं।' बिग बॉस से किया कमबैक, अंकल अनु मलिक पर दिए विवादित बयान रिकवरी के बीच अमाल मलिक ने रियलिटी शो बिग बॉस 19 में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अंकल अनु मलिक पर पिता डब्बू मलिक का करियर खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनु मलिक ने उनके पिता डब्बू मलिक से काम छीन लिया और उनका करियर बर्बाद किया। अमाल ने दावा किया कि अगर इंडस्ट्री में उनके पिता को काम मिलता था, तो अनु मलिक प्रोड्यूसर्स से कम फीस लेकर वो काम करने के लिए राजी हो जाते थे। अमाल ने बिग बॉस 19 में अनु मलिक की पत्नी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते उनके परिवार को तवज्जो नहीं दी जाती थी। एक बार वह सड़क में भीग रहे थे, लेकिन आंटी ने उन्हें देख कार के शीशे चढ़ा लिए। अमाल का बयान विवादों में आने के बाद उनके पिता डब्बू मलिक ने इस पर सफाई दी और माफी मांगी। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में डब्बू मलिक ने कहा, 'मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो पिन पॉइंट करके किसी पर इल्जाम लगाऊं कि इनकी वजह से मैं बना नहीं। शायद मेरी जिंदगी के उतार-चढ़ाव में ऐसी बातें डिनर टेबल पर या जिंदगी में हुई होंगी, जिन्हें बच्चों (अमाल, अरमान) ने सुना होगा।' ‘उसने (अमाल ने) 12-15 साल की उम्र में क्या सुना, क्या देखा, क्या झेला और हमारी क्या बातें हुई और वो उसके दिल में घर कर गई और आज प्रोसेस हो रही हैं। अब बिग बॉस में जाकर उसको मैं बोल तो नहीं सकता कि रुक जा, अरे तुम क्या बोल रहे हो, लेकिन अगर यह चीज किसी को भी हर्ट कर रही है और कोई भी शब्द या कोई भी बात गलत लग रही है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। क्योंकि मुझे किसी से कोई प्रॉब्लम नहीं है।’ अनु मलिक के मीटू विवाद पर दिया अटपटा बयान सिद्धार्थ कानन को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या अनु मलिक पर आरोप लगने पर आपको शर्मिंदगी हुई। इस पर अमाल ने कहा, 'जाहिर तौर पर। बहुत। जैसे मेरे उनसे रिश्ते होने चाहिए थे, वैसे नहीं थे, तो मैं उस आदमी को नहीं जानता। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा किया या नहीं, लेकिन जाहिर है कि सोना हैं, श्वेता पंडित हैं, कई लोगों ने अपनी आवाजें उठाई हैं, तो इसमें कुछ तो सच्चाई होगी। वर्ना लोग ऐसे ही आकर ये क्यों कहते।' अमाल मलिक ने ये भी बताया है कि उनके पिता डब्बू मलिक का भी यही मानना था कि अनु मलिक पर लगे आरोप सही हैं। अमाल ने बताया कि उनके पिता ने कहा था- ‘बिना आग के धुआं नहीं होता। 4-5 लोग आकर किसी के बारे में कुछ नहीं कह सकते।’ बताते चलें कि अमाल मलिक के पिता डब्बू मलिक और अनु मलिक भाई हैं। बीते कुछ सालों से दोनों परिवारों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं।
मुंबई छोड़ने वाला था, तभी आया ‘हनुमान अंश’ का ऑफर:कंपोजर धीरेंद्र ने बताया- बाबा जी का स्मरण किया और 5 मिनट में बन गई धुन
फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित है। फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ गाने को धीरेंद्र मुलकलवार ने कंपोज किया है। खास बात यह है कि यह गाना पहले कहानी का हिस्सा था ही नहीं। एक सीन के बैकग्राउंड म्यूजिक से इसकी शुरुआत हुई और बाद में यही गाना फिल्म की पहचान बन गया। धीरेंद्र बताते हैं कि फिल्म से जुड़ने से पहले ही वे कैंची धाम जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। कैंची धाम पहुंचने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें फिल्म का ऑफर मिला। धीरेंद्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फिल्म के दौरान हुए चमत्कार, गाने की मेकिंग और 20 साल के संघर्ष पर बात की। सवाल: फिल्म ‘हनुमान अंश’ से आपका जुड़ना भी किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। कैसे? जवाब: मैं पिछले चार-पांच साल से कैंची धाम जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन किसी न किसी वजह से जा नहीं पा रहा था। पिछले साल अप्रैल में आखिरकार कैंची धाम पहुंचा और बाबा जी के दर्शन हुए। इसके करीब दो महीने बाद जुलाई में विशाल चतुर्वेदी जी का फोन आया। वे बाबा नीम करोली पर फिल्म बना रहे थे और 43 दिनों का हनुमान चालीसा पाठ कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने मुझसे फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर करने के लिए पूछा। मैंने बिना सोचे हां कर दी। मुझे लगा कि यह बाबा जी की कृपा से हुआ है। सवाल: फिल्म का साउंड तय करने वाली शुरुआती धुन कैसे बनी? जवाब: विशाल जी ने मुझे फिल्म की कहानी सुनाई और शूट पर जाने से पहले एक थीम बनाने को कहा। मैं करीब दो महीने तक अलग-अलग आइडिया बनाता और खुद ही रिजेक्ट करता रहा। मुझे लग रहा था कि बाबा जी पर बनी फिल्म के लिए जो बनाऊं, वह मेरे स्तर का सबसे अच्छा काम होना चाहिए। एक दिन मुझे एक किस्सा याद आया। विशाल जी ने बताया था कि एक कंपोजर ने बाबा जी की तस्वीर के सामने बैठकर कुछ पंक्तियों को पांच मिनट में कंपोज कर दिया था। वही बात मेरे दिमाग में आई। मैंने बाबा जी का स्मरण किया और अचानक एक धुन दिमाग में आई। सिस्टम ऑन किया और करीब पांच से सात मिनट में पूरी धुन तैयार हो गई। सवाल: वही धुन आगे फिल्म की पहचान बन गई? जवाब: हां। मैंने धुन का अरेंजमेंट करके विशाल जी को भेज दिया। दो-तीन दिन बाद उनके ऑफिस गया तो देखा कि उन्होंने उसे एडिट पर लगा दिया था और ऑफिस में लोग उसे बार-बार सुन रहे थे। फिल्म की शुरुआत में बांसुरी और सितार पर यही धुन आती है। यही फिल्म का साउंड तय करने वाली मुख्य थीम बन गई। सवाल: ‘सियावर रामचंद्र की जय’ गाना कैसे बना? जवाब: फिल्म में एक सीन है, जिसमें एक क्रांतिकारी, जो नास्तिक है, बाबा जी के पास लौटता है। बाबा जी उसे कंबल ओढ़ाते हैं, हाथ में काठी देते हैं और भस्म लगाकर कहते हैं- ‘जाओ, देश का काम करो।’ इस सीन में देशभक्ति और आध्यात्मिकता दोनों का भाव चाहिए था। मैंने एक म्यूजिक बनाया, लेकिन विशाल जी को लगा कि कुछ कमी है। फिर मैंने विजुअल्स बंद कर दिए और सिर्फ सीन का भाव दिमाग में रखा। अचानक एक रिदम आई और मेरे मुंह से अपने आप निकला- ‘सीताराम, सीताराम।’ वहीं से ‘जय जय श्री राम, सीताराम’ की धुन बनी। इसके बाद मंदिरों में होने वाला जयघोष याद आया- ‘सियावर रामचंद्र की जय, पवनसुत हनुमान की जय, उमापति महादेव की जय।’ मैंने इसे धुन में जोड़ दिया। गाना पहले फिल्म में था ही नहीं। बैकग्राउंड म्यूजिक से इसकी शुरुआत हुई। सवाल: फिर बैकग्राउंड म्यूजिक से पूरा गाना कैसे बना? जवाब: जब यह म्यूजिक एडिट पर लगा तो सबको लगा कि यह ट्रेलर के अंत में भी अच्छा बैठेगा। ट्रेलर में इस्तेमाल करने के बाद लगा कि सिर्फ ‘सीताराम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ तक सीमित नहीं रहना चाहिए। फिर इसे पूरा गाना बनाने का फैसला हुआ। मेरे दोस्त शांतनु सुदामे ने इसे लिखा और गाया, जबकि कंपोज मैंने किया। बजट बहुत कम था, इसलिए स्टूडियो का खर्च उठाना मुश्किल था। मैंने अपना घर ही स्टूडियो में बदल दिया था। शांतनु पुणे से आए और करीब एक महीने मेरे घर पर रहकर रिकॉर्डिंग की। सवाल: कम बजट में भी म्यूजिक की क्वालिटी से समझौता नहीं किया? जवाब: बिल्कुल नहीं। फिल्म सिनेमाघरों में दिखाई जानी थी, इसलिए सिनेमैटिक अनुभव जरूरी था। शांतनु ने इंस्ट्रूमेंट्स बजाए। सिताराम और दिलरुबा की रिकॉर्डिंग हुई। स्वर शर्मा के अलाप लिए गए। इंटरवल के एक बड़े सीन के लिए भारी परकशन चाहिए था। इसके लिए परकशनिस्ट जैनत पटनायक को फोन किया। मैंने उन्हें फिल्म और बाबा जी के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि बाबा जी के लिए वे जरूर आएंगे। उन्होंने दो दिन दिए और हमने लगातार रिकॉर्डिंग की। सवाल: फिल्म की कमाई बढ़ने के बाद क्या आपको ज्यादा पैसे मिले? जवाब: मेरे और विशाल जी के बीच दोस्ती है, इसलिए पैसों को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं हुई। मैंने उनसे कहा था कि जितनी न्यूनतम तकनीकी लागत आए, वह कर दीजिए। उससे ज्यादा मैं कुछ नहीं मांगूंगा। मेरे लिए यह बाबा जी की फिल्म थी। मुझे जो सबसे बड़ा प्रसाद मिलना था, वह मुझे पहले ही मिल चुका था। बाकी बाबा जी जो देंगे, वही मिलेगा। सवाल: कैंची धाम में आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: हम आरती के समय पहुंचे और पांच मिनट के अंदर दर्शन हो गए। जहां बाबा जी की मूर्ति है, वहां आमतौर पर लोगों को जाने का मौका नहीं मिलता, लेकिन हमें वहां जाने और बैठकर ध्यान करने का भी अवसर मिला। वह अनुभव इतना अद्भुत था कि वहां से आने के बाद भी मैं उसी भाव में रहा। दो महीने बाद जब फिल्म का ऑफर आया तो मुझे लगा कि शायद बाबा जी ने ही यह रास्ता बनाया था। सवाल: आपके 20 साल के करियर में फिल्मी संगीत तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: बचपन से सपना था कि फिल्मों में म्यूजिक करूं। मेरे बड़े भाई ने मुझे अच्छा संगीत सुनाया और वहीं से संगीत के प्रति लगाव बढ़ा। घर में बर्तन बजाता रहता था तो मेरी मां ने एक दिन कहा कि इसे तबला सिखाओ। मेरे गुरु राजीव पिल्ले जी ने मुझे तबले की तालीम दी। मुंबई आने के बाद ऑडियो इंजीनियरिंग की और रेडियो में ऑडियो इंजीनियर की नौकरी की। रात में डेमो बनाता था और लोगों से काम मांगता था। शुरुआत में फिल्मों में काम नहीं मिला तो विज्ञापनों और जिंगल्स पर काम किया। अब तक 500 से ज्यादा जिंगल्स और विज्ञापनों पर काम कर चुका हूं। इसके बाद टॉयलेट: एक प्रेम कथा का ‘सुबह की ट्रेन’ गाना प्रोड्यूस करने का मौका मिला। फिर उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक, अटैक और आर्टिकल 15 जैसी फिल्मों में म्यूजिक प्रोडक्शन का काम किया। सवाल: फिल्म ‘हनुमान अंश’ से पहले का दौर कितना मुश्किल था? जवाब:कैंची धाम जाने से पहले करीब डेढ़ साल बहुत मुश्किल रहा। फिल्मों में म्यूजिक करने का सपना पूरा नहीं हो रहा था और आर्थिक परेशानियां भी थीं। विज्ञापन और डॉक्यूमेंट्री के काम पर भी असर पड़ा। मुझे लगने लगा था कि मुंबई छोड़कर अपने होमटाउन वापस चला जाऊं। लेकिन तभी कैंची धाम जाने का मौका मिला और उसके दो महीने बाद हनुमान अंश का ऑफर आया। मुझे लगा कि 20 साल की मेहनत के बाद शायद बाबा जी ने फल देने का समय तय कर दिया है। ___________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान पहुंचा रहस्यमयी बंदर:मूर्ति स्थापना देखता रहा; भगवान दास बोले- लगा जैसे हनुमान जी खुद निगरानी कर रहे हों फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गोपाल का किरदार निभाकर अभिनेता भगवान दास पटेल इन दिनों दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर से मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं रहा। थिएटर में छह साल बिताने के बाद उन्होंने टीवी और फिल्मों में छोटे-बड़े किरदार निभाए।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
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