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2026 में वैश्विक एआई खर्च में 49.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान, 2030 तक एआई सेवाओं में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का अवसर

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। गार्टनर की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर वैश्विक खर्च वर्ष 2026 में बढ़कर 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 49.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य की बढ़ती एआई जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग मजबूत बनी हुई है। मेमोरी से जुड़ी लागतों में वृद्धि के बावजूद एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में कोई खास कमी देखने को नहीं मिल रही है।

गार्टनर के विशिष्ट उपाध्यक्ष विश्लेषक जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा कि एआई डेटा सेंटर क्षमता का निर्माण मानव इतिहास की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि हाइपरस्केलर कंपनियों और सेवा प्रदाताओं द्वारा एआई-अनुकूलित सर्वरों की खरीद पर होने वाला निवेश आगे भी खर्च का सबसे बड़ा क्षेत्र बना रहेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, एआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स के लिए अल्पकालिक आउटलुक भी मजबूत हुआ है। पहले 2026 के लिए इस क्षेत्र में 28 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, जिसे बढ़ाकर अब 39 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका कारण यह है कि कंपनियां, सॉफ्टवेयर प्रदाता और सेवा फर्म अपने-अपने कामकाज की जरूरतों के अनुसार कस्टम एआई एप्लिकेशन विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियां अब अपने सेवा प्रदाताओं से लागत नियंत्रण में मदद और कार्यप्रवाह में उपयोग ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं चाहती हैं, ताकि एआई परियोजनाओं की सफलता को बेहतर तरीके से मापा जा सके।

मॉडल डेवलपर्स पर भी अधिक लागत-कुशल एआई मॉडल उपलब्ध कराने का दबाव बढ़ रहा है। विशेष रूप से ऐसे मॉडल जो उद्योगों और कंपनियों की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप हों। इससे डोमेन-स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल्स (डीएसएलएम) के लिए एक छोटा लेकिन तेजी से बढ़ता अवसर पैदा हो रहा है।

इसी का परिणाम है कि जनरेटिव एआई मॉडल्स के लिए 2026 की अनुमानित वृद्धि दर को पहले के 110 प्रतिशत से बढ़ाकर 117 प्रतिशत कर दिया गया है।

लवलॉक ने कहा कि अब कंपनियां व्यापक कारोबारी बदलावों के लिए सेवा प्रदाताओं पर पहले की तुलना में कम निर्भर हो रही हैं। इसके बजाय वे अपनी मौजूदा सॉफ्टवेयर प्रणालियों में एआई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए छोटे और विशिष्ट प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े परिवर्तनकारी प्रोजेक्ट्स और ऐसे अप्रत्यक्ष एआई प्रोजेक्ट्स का संयुक्त प्रभाव 2030 तक एआई सेवाओं के क्षेत्र में 1.2 ट्रिलियन डॉलर के अवसर का निर्माण कर सकता है। यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में एआई केवल तकनीकी निवेश का क्षेत्र नहीं रहेगा, बल्कि सेवाओं, सॉफ्टवेयर विकास, परामर्श और डिजिटल परिवर्तन का भी प्रमुख चालक बनेगा।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Kal Ka Mausam: अगले 15 घंटे के अंदर 20 राज्यों में में बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की चेतावनी; आया IMD का अपडेट

कल का मौसम, 17 सितंबर: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है. आसमान में बादलों का डेरा जमने लगा है और कई इलाकों में अचानक तेज हवाएं चलने लगी हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा आकलन के बाद चेतावनी दी है कि अगले पंद्रह घंटों के दौरान देश के बीस राज्यों में जोरदार बारिश और भयंकर आंधी का दौर शुरू हो सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर कम दबाव का मजबूत क्षेत्र तैयार हो रहा है, जिसका सीधा असर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर पड़ेगा. वहीं पूर्वोत्तर में असम और उसके आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है. इस दोहरे सिस्टम के कारण कई राज्यों में अचानक मौसम बिगड़ने की पूरी आशंका है.

मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत

खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. अगले चौबीस घंटों के दौरान मछुआरों को पूर्वोत्तर अरब सागर और समुद्री तटों पर न जाने की दो टूक सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी हिस्से में भी तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में हालात बिगड़ सकते हैं. इसके साथ ही आम नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि आंधी और बारिश के दौरान भूलकर भी बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें. तेज झोंकों के कारण पेड़ों की भारी डालियां टूटकर गिर सकती हैं, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है.

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ऐसा रहेगा हाल

देश की राजधानी दिल्ली में सत्रह सितंबर को बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान बीस से तीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. दिल्ली में अधिकतम तापमान पैंतीस डिग्री और न्यूनतम तापमान चौबीस डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, गोंडा, आजमगढ़, झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बहराइच में आंधी के साथ बारिश का यलो अलर्ट है. राजधानी लखनऊ में पारा अधिकतम तैंतीस डिग्री और न्यूनतम छब्बीस डिग्री रह सकता है. वहीं राजस्थान के अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, भरतपुर, पाली, टोंक, अलवर, डूंगरपुर और डीडवाना में पचास से पचपन किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. जयपुर में तापमान चौंतीस से पच्चीस डिग्री के बीच रहने की संभावना है.

मध्य भारत में तूफानी हवाओं का जोर

मध्य प्रदेश में भी बादलों का जोरदार जमावड़ा देखने को मिलेगा. छिंदवाड़ा, उज्जैन, नर्मदापुरम, धार, हरदा, देवास, उमरिया, मंडला, सिवनी, बालाघाट, गुना और जबलपुर में तेज तूफानी बारिश का खतरा जताया गया है. इन जिलों में पचास से पचपन किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं. भोपाल में पारा उनतीस डिग्री से तेईस डिग्री के आसपास बना रहेगा. छत्तीसगढ़ में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहेंगे. रायपुर, दुर्ग, धमतरी, सूरजपुर, बस्तर, बेमेतरा, महासमुंद और बिलासपुर में पचहत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश की पूरी संभावना है. रायपुर में अधिकतम तापमान बत्तीस और न्यूनतम पच्चीस डिग्री दर्ज हो सकता है.

पहाड़ी राज्यों में तेज झोंके बढ़ाएंगे परेशानी

पहाड़ों पर बारिश के साथ तेज अंधड़ का संकट खड़ा हो गया है. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, चंबा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर, ऊना, लाहौल स्पीति और कांगड़ा में पचपन से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अंदेशा है. मनाली में दिन का तापमान महज बारह डिग्री और रात का तापमान चार डिग्री तक लुढ़क सकता है. उधर उत्तराखंड के प्रयाग, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, अल्मोड़ा और चमोली में अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की भयावह रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश का अलर्ट है. देहरादून में अधिकतम तापमान अट्ठाईस और न्यूनतम बीस डिग्री रहने का अनुमान है. जम्मू कश्मीर के उधमपुर, राजौरी, किश्तवाड़, गांदरबल, बारामूला, जम्मू, पुंछ, अनंतनाग और रियासी में भी चालीस से पचास किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है. श्रीनगर में तापमान इक्कीस से बारह डिग्री के बीच रहेगा.

इन राज्यों में भी भारी अलर्ट

पश्चिम बंगाल के नादिया, मुर्शिदाबाद, अलीपुरद्वार, बांकुड़ा, उत्तर चौबीस परगना, कोलकाता, जलपाईगुड़ी, हावड़ा, मालदा और दुर्गापुर में सत्तर से अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश का संकट है. कोलकाता में पारा तैंतीस से सत्ताईस डिग्री रहेगा. ओडिशा के पुरी, मयूरभंज, संबलपुर, भुवनेश्वर, नौपाड़ा और सुंदरगढ़ में सत्तर किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

झारखंड के हजारीबाग, जमशेदपुर, देवघर, रांची, दुमका, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा खूंटी में चालीस किलोमीटर की आंधी के साथ पानी बरसेगा. इसके अलावा पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, पालघर, नासिक, नंदुरबार, धुले और ठाणे में साठ किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. गुजरात के सबरकांठा, महिसागर, आणंद, दाहोद, पंचमहल और खेड़ा जिलों में भी तीस से चालीस किलोमीटर की आंधी चलने और जमकर बादल बरसने की संभावना जताई गई है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न! तेज आंधी शुरू, दिन में छाया अंधेरा, IMD ने जारी किया बारिश का अलर्ट

 

 

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