Responsive Scrollable Menu

पेयजल और स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के लिए 'स्वच्छ सेवा आकलन' का किया शुभारंभ

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 15 सितंबर को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित एक वर्चुअल बैठक के दौरान ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ (एसएसए) का शुभारंभ किया।

बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित थे। ग्रामीण स्वच्छता के प्रभारी मंत्री, संबंधित अधिकारी और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन निदेशक भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

स्वच्छ सेवा आकलन (एसएसए) पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत विकसित एक वार्षिक, ग्राम पंचायत स्तरीय डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढांचा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं के वितरण का आकलन और निगरानी करना है।

इस बहुस्तरीय मूल्यांकन ढांचे में जमीनी स्तर पर स्वच्छता सेवाओं के वितरण को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी), जिला एवं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर के अधिकारियों की भागीदारी की परिकल्पना की गई है।

एसएसए के तहत ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित ग्राम पंचायतें, अपनी वीडब्ल्यूएससी और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत में ओडीएफ की स्थिरता, दृश्य स्वच्छता और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) की स्थिति का आकलन करेंगी।

आकलन के माध्यम से स्वच्छता और सामुदायिक एसएलडब्ल्यूएम संसाधनों की कार्यक्षमता तथा संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) की स्थिति का भी स्व-मूल्यांकन किया जाएगा।

निष्कर्षों पर संबंधित ग्राम सभा द्वारा चर्चा और सत्यापन किया जाएगा और ये जिला एवं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को डीडब्ल्यूएसएम/एसडब्ल्यूएसएम बैठकों में समीक्षा के लिए उपलब्ध होंगे। ये अधिकारी सेवा वितरण में कमियों की पहचान कर सकेंगे और जमीनी स्तर पर सुधारात्मक कार्रवाई के लिए अपनी-अपनी सुधार योजनाएं तैयार कर सकेंगे।

73वें संविधान संशोधन अधिनियम की भावना के अनुरूप, इससे ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को अपनी उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा करने और उनमें सुधार के लिए केंद्रित प्रयास करने में और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

--आईएएनएस

डीकेपी/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

अमेरिका की लैम रिसर्च भारत में सिलिकॉन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए करेगी 10,000 करोड़ रुपए का निवेश

बेंगलुरु, 16 सितंबर (आईएएनएस) अमेरिका की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग उपकरण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लैम रिसर्च कॉरपोरेशन ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले कई वर्षों में भारत में लगभग 10,000 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी देश में अपनी पहली सिलिकॉन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के साथ-साथ अपने एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) ऑपरेशंस का विस्तार करेगी।

यह घोषणा सेमीकॉन इंडिया 2026 से पहले की गई है और भारत में लैम रिसर्च के दीर्घकालिक विस्तार के अगले चरण को दर्शाती है। कंपनी पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से भारत में मौजूद है। प्रस्तावित निवेश का उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना और अपने वैश्विक ग्राहकों को सहयोग देना है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में तेजी से जटिल होती सेमीकंडक्टर तकनीकों की मांग बढ़ रही है।

प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीकों और अत्याधुनिक नोड्स के लिए सिलिकॉन इनगट के उत्पादन और प्रोसेसिंग सहित एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रक्रिया को सपोर्ट करेगी। मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ लैम रिसर्च अपने इंडिया सेंटर ऑफ इंजीनियरिंग के जरिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं को भी बढ़ाने की योजना बना रही है। यह केंद्र फिलहाल डिजाइन, टेस्टिंग, वैलिडेशन और अगली पीढ़ी की तकनीक के विकास सहित कई क्षेत्रों में वैश्विक ग्राहकों के कार्यक्रमों को सपोर्ट करता है।

लैम रिसर्च इंडिया के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर रंगेश राघवन ने कहा, “भारत लैम की वैश्विक इनोवेशन और ग्रोथ स्ट्रैटेजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” उन्होंने कहा कि कंपनी का लगातार विस्तार भारत की प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और सहयोगी नीतिगत माहौल में उसके भरोसे को दर्शाता है।

राघवन ने कहा कि लैम रिसर्च सरकार, शिक्षा जगत, सप्लायर्स, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि ऐसी सेमीकंडक्टर इनोवेशन को गति दी जा सके, जिससे वैश्विक उद्योग को लाभ हो।

इस निवेश से भारतीय सप्लायर्स के साथ साझेदारी के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। लैम रिसर्च वर्तमान में स्थानीय कंपनियों के साथ काम करती है, जो सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए जरूरी विशेष सामग्री, सटीक कंपोनेंट्स, गैस, केमिकल्स, मेट्रोलॉजी सॉल्यूशंस और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज की आपूर्ति करती हैं।

कंपनी ने कहा कि उसके विस्तार से भारत में विशेष मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता और क्षमताएं आएंगी तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। इस निवेश से एडवांस्ड इंजीनियरिंग और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स के विकास में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

भारत में लैम रिसर्च की योजनाएं कंपनी की मौजूदा वर्कफोर्स डेवलपमेंट पहलों पर आधारित हैं। कंपनी ने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ साझेदारी की है, ताकि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग शिक्षा तक पहुंच बढ़ाई जा सके। इसके तहत कंपनी के सेमीवर्स सॉल्यूशंस वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए अगले कई वर्षों में 60,000 तक छात्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

रेप के आरोप में अभिषेक पोरेल को 36 दिन बाद मिली बेल, दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर को राहत

दिल्ली कैपिटल्स और घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेलने वाले अभिषेक पोरेल को बड़ी राहत मिली है. अभिषेक को कथित रेप के आरोप में 36 दिन बाद बेल मिली है. अभिषेक पर एक मेडिकल छात्रा ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया था. इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी हुई थी. Sat, 19 Sep 2026 11:07:06 +0530

  Videos
See all

Bengal News: Kolkata Police की नई पहल | E-Motorcycle से बदलेगा Policing का अंदाज | Suvendu Adhikari #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T23:00:42+00:00

Trump Tariff News: Russia Oil खरीदना पड़ेगा भारी? भारत पर 100% Tariff का खतरा! India Economy | Trade #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T23:30:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers