जैन लोग प्याज-लहसुन क्यों नहीं खाते? ‘भाभीजी घर पर हैं’ के सानंद वर्मा ने पूछा सवाल, महाराज का जवाब हुआ वायरल
जैन धर्म में प्याज-लहसुन के साथ आलू, गाजर और मूली जैसी कई जड़ वाली सब्जियों से भी परहेज किया जाता है. लेकिन आखिर इसके पीछे वजह क्या है? सानंद वर्मा के इसी सवाल पर सुधा सागरजी महाराज का जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा में है...
पनीर की भुर्जी छोड़िए, एक बार चखिए मूली और पत्तों की देसी भुर्जी, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे
मूली और उसके पत्तों से बनने वाली देसी भुर्जी स्वाद में बेहद लाजवाब होती है. घर में मौजूद मसालों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. रोटी या पराठे के साथ परोसी जाने वाली यह पारंपरिक सब्जी स्वाद के साथ-साथ मूली के पत्तों को इस्तेमाल करने का भी बेहतरीन तरीका है.
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