Healthy Diet Tips: डाइट में फाइबर की कमी पड़ सकती है भारी, जानें एक्सपर्ट की राय
Fiber Rich Foods: आजकल की भाग-दौड़ भरी लाइफस्टाइल में पिज्जा, बर्गर, चिप्स और पैकेज्ड फूड्स डाइट का हिस्सा बनते जा रहे हैं। लेकिन इससे सबसे बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि हमें जरूरी पोषक तत्व फाइबर नहीं मिल पाता है। इससे कब्ज, थकान और मोटापे जैसी परेशानियां बढ़ती हैं।
हेल्दी रहने के लिए फाइबर से भरपूर डाइट लेना क्यों जरूरी है और फाइबर युक्त आहार के लिए डाइट में क्या शामिल करें, इस बारे में जरूरी सजेशंस।
1. फाइबर का रोल
फाइबर रिच फूड्स के सेवन से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। फाइबर न केवल डाइजेशन को सही रखता है बल्कि भूख को भी लंबे समय तक कंट्रोल करता है और वेटलॉस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके अलावा डाइट में फाइबर लेने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है, एनर्जी लेवल बरकरार रहता है, पाचन क्रिया बेहतर होती है, इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है, स्किन ग्लो करती है और हार्ट प्रॉब्लम्स से भी बचाव होता है।
2. फाइबर रिच फूड खाने का सही समय
फाइबर रिच फूड, दिन के किसी भी समय लिया जा सकता है, लेकिन सुबह या दोपहर में लेना सबसे फायदेमंद रहता है क्योंकि इस समय पाचन सबसे एक्टिव होता है। रात में भारी फाइबर फूड खाने से डाइजेशन धीमा हो सकता है।
3. फाइबर की कमी के लक्षण
शरीर में फाइबर की कमी होने पर कई लक्षण दिख सकते हैं। आपको इन लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए। फाइबर की कमी होने पर गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या बनी रहती है।खाना खाने के एक-दो घंटे बाद ही अगर भूख महसूस हो तो यह भी भोजन में फाइबर की कमी का संकेत हो सकता है।
4. फाइबर की कमी के नुकसान
डाइट में फाइबर की कमी होने से शरीर में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। फाइबर शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को धीरे-धीरे रिलीज करने में मदद करता है। लेकिन फाइबर की कमी होने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ता और घटता है, जिससे दिन भर थकावट, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है।
फाइबर आंतों में जाकर खराब कोलेस्ट्रॉल को सोख लेता है और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है लेकिन डाइट में फाइबर न होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लगता है।
5. फाइबर रिच फूड्स
- सब्जियों के अलावा ओट्स, ब्राउन राइस, साबुत अनाज, दालें, नट्स, सेब, केला और चिया सीड्स से भी फाइबर मिलता है। रोज सुबह ओट्स या फ्रूट सलाद लेने से फाइबर की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा हो सकता है।
- इनके अलावा मैदे और पॉलिश किए हुए चावल की जगह चोकर वाले आटे (मल्टीग्रेन आटा), दलिया, ब्राउन राइस और छिलके वाली दालों (जैसे साबुत मूंग, चना, राजमा) में भरपूर फाइबर होता है।
- फाइबर के बेहतरीन स्रोत सेब, अमरूद, नाशपाती, संतरा और पपीता जैसे फल होते हैं। अपने दोपहर और रात के खाने से पहले एक प्लेट कच्चा सलाद (खीरा, गाजर, चुकंदर, पत्तागोभी, टमाटर) खाना फायदेमंद होता है।
- रोजाना अपनी डाइट में बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स भी शामिल करें। इनसे भी हमें फाइबर मिलता है।
फाइबर शरीर में तभी सही से काम करता है, जब पर्याप्त मात्रा में पानी पीया जाता है। इसलिए डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
(डाइटीशियन शीला सहरावत से बातचीत चर आधारित)
ललिता गोयल
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