डोल ग्यारस पर निकलेगी भगवान काल भैरव की सवारी, राजसी ठाठ बाट के साथ नगर भ्रमण करेंगे महाकाल के सेनापति
उज्जैन का काल भैरव मंदिर शहर के सबसे प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ये मंदिर चमत्कारी माना जाता है क्योंकि यहां स्थित काल भैरव मदिरा का पान करते हैं। यही वजह है कि देश दुनिया से भक्तों की भीड़ यहां दर्शन के लिए उमड़ती है।
भगवान महाकाल के सेनापति के रूप में प्रसिद्ध काल भैरव की डोल ग्यारस यानी 22 सितंबर को सवारी निकाली जाएगी। भैरव पूरे नगर का भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे। वर्षों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक शाम 4 बजे राजसी लाव लश्कर के साथ सवारी नगर भ्रमण के लिए निकलेगी।
डोल ग्यारस पर काल भैरव की सवारी
परंपरा के अनुसार शाम 4:00 बजे उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा पालकी में विराजित बाबा कालभैरव की पूजा करेंगे। रजत मुखारविंद और चरण पादुकाओं का पूजन करने के बाद पालकी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। इस दौरान सशस्त्र बलों की टुकड़ी भगवान के गार्ड ऑफ ऑनर भी देगी। इसके बाद सवारी का सिलसिला शुरू होगा।
साल में दो बार निकलती है सवारी
काल भैरव महाकाल के सेनापति उज्जैन के नगर कोतवाल के रूप में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि साल में दो बार उनकी सवारी निकाली जाती है। एक मौका भैरव अष्टमी पर भगवान के जन्मोत्सव के दूसरे दिन और दूसरा मौका डोल ग्यारस का होता है। इस समय चांदी की पालकी में सवार होकर भैरव बाबा नगर का भ्रमण करते हैं।
राजसी अंदाज में निकलेगी सवारी
बाबा महाकाल की सवारी की तरह काल भैरव की सवारी का अंदाज भी शाही होता है। इसमें सशस्त्र पुलिस बल, बैंड, हाथी घोड़े, अखाड़े और धार्मिक झांकियां शामिल होती है। ये सवारी मंदिर से शुरू होकर नया बाजार, भैरवगढ़ नाका, माणक चौक, महेंद्र मार्ग होते हुए केंद्रीय जेल तिराहा जाती है। यहां जेल अधीक्षक द्वारा भगवान की पूजन करने के बाद सवारी सिद्धवट जाती है। यहां वैकुंठ द्वार पर पुजारी शिप्रा जल से बाबा काल भैरव की पूजा करते हैं। इसके बाद सवारी ब्रिजपुरा से जेल तिराहा होते हुए 7.30 बजे वापस मंदिर पहुंचती है।
पहनाई जाती है शाही पगड़ी
भगवान काल भैरव की सवारी के लिए सिंधिया राजघराने से एक विशेष पगड़ी भी उज्जैन आने वाली है। जब सवारी निकलने से पहले कलेक्टर पूजन करेंगे। तब ये पगड़ी बाबा को धारण कराई जाएगी। उसके बाद बाबा भ्रमण पर निकलेंगे।
Periods में दर्द और ऐंठन से राहत देगा शतावरी का पानी, सुधरेगी Reproductive Health
महिलाओं के शरीर में होने वाले तनाव, हार्मोनल बदलावों, अनियमित लाइफस्टाइल और खानपान का सीधा असर फर्टिलिटी और पीरियड्स पर देखने को मिलता है। पीएमएस, अनियमित पीरियड्स, कंसीव करने में परेशानी या ज्यादा दर्द जैसे समस्याएं होती हैं, जिसके लिए महिलाएं कई बार आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाती हैं। जोकि कारगर भी होते हैं। लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ऐसा ही एक आयुर्वेद हर्ब शतावरी है। इसको महिलाओं की सेहत और खासकर पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतों में काफी फायदेमंद माना जाता है। अगर आप इसको पानी में उबालकर पिएंगी, तो यह पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकती है। यह हार्मोन को बैलेंस कर सकती है और कंसीव करने में भी मदद कर सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं पीरियड्स और फर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए शतावरी का पानी कैसे पिएं और इसके क्या फायदे होते हैं।
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पीरियड्स में शतावरी के फायदे
पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में शतावरी का अहम रोल होता है। इस कारण इसको महिलाओं का हेल्थ टॉनिक भी कहा जाता है।
जिन महिलाओं को समय पर पीरियड्स नहीं आते हैं। उनके लिए शतावरी का पानी फायदेमंद हो सकता है।
इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके पानी के सेवन से पीरियड्स के दौरान होने वाले तेज दर्द और ऐंठन से भी राहत मिलती है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो पीरियड्स में होने वाली हैवी ब्लीडिंग को कम करने में भी शतावरी का पानी सहायता कर सकता है।
इसके सेवन से पीएमएस के लक्षण कम होते हैं। वहीं प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के समय होने वाले मूड स्विंग्स, ब्लोटिंग और थकान को यह कम कर सकती है।
फर्टिलिटी सुधारने में इसके फायदे
शतावरी हार्मोन्स को बैलेंस करके फर्टिलिटी को सुधारने में सहायता करती है। इसके सेवन से कंसीव करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
शतावरी रिप्रोडक्टिव हेल्थ और ओव्यूलेशन को बेहतर बनाती है।
यह एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल को संतुलित करती है और ओव्युलेशन भी नियमित होता है।
शतावरी के सेवन से एंग्जायटी या तनाव कम होता है। स्ट्रेस भी कंसीव करने में बाधा पैदा कर सकता है और शतावरी स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद कर सकती है।
शतावरी यूट्रेस को स्वस्थ रखती है, जिससे कंसीव करने की संभावना बढ़ जाती है।
शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट्स, फोलिक एसिड और अन्य कई न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इससे एग क्वालिटी में भी सुधार होता है।
ऐसे पिएं शतावरी का पानी
सबसे पहले शतावरी की दो स्टिक ले लें।
इसको 2 कप पानी में डालकर आधा रह जाने तक उबलने दें।
फिर इसको छानकर गुनगुना पिएं।
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