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पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक पहुंच रहा है नहर का पानी, लोक मिलनी कार्यक्रम में बोले सीएम भगवंत मान

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं. उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और अकाली दल जैसे विपक्षी दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं.

इस दौरान सीएम मान ने दावा किया कि आप सरकार में पंजाब के 80  फीसदी खेतों में नगर का पानी पहुंच रहा है. जो पहले सिर्फ 22 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि अब हमारी सरकारी का लक्ष्य इसे 100 फीसदी तक ले जाने की है. इस दौरान सीएम मान ने कहा कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए विपक्षी दलों से दूर रहने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है.

सीएम मान ने एक्स पर किया पोस्ट, कही ये बात

सीएम भगवंत मान ने लोक मिलनी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं. पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है. हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है. गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे. हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है. इंकलाब जिंदाबाद."

आप सरकार ने पंजाब की तरक्की के लिए किया काम- सीएम भगवंत मान

वहीं लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान सीएम भगवंत मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है. दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है. ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए."

'विपक्षी पार्टियों का राज्य-लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी'

इसके साथ ही सीएम मान ने कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है. इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता. विपक्ष पंजाब विरोधी मानसिकता का शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो."

उन्होंने आगे कहा, "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं."

सीएम मान ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के चलते देशभर में अपने पंख फैला रही है. राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है. वह दिन गए, जब ये पार्टियां 'उतर काटो मैं चढ़ूं' का खेल खेलती थीं और सत्ता के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं."


इस दौरान सीएम मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए. आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है. इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी."

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी. अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा. अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा."

इसके साथ ही उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा. लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे."

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EPF Salary Limit: 12 साल बाद बढ़ सकती है PF की सीमा! बदल जाएगी सैलरी स्लिप? जानिए किसे होगा फायदा...

नौकरीपेशा लोगों को आज शाम तक एक ऐसी खबर मिल सकती है जो सीधे उनकी सैलरी स्लिप और रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी से जुड़ी है. दरअसल, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक है. इस बैठक में ईपीएफ की वेतन सीमा बढ़ाने से लेकर डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड और भारत-रूस सहयोग तक, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है. बता दें आज की बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा ईपीएफ वाले फैसले की है. दरअसल, ये मसला करीब बीते 12 साल से पेंडिंग है.

सबसे बड़ा फैसला क्या रहा?

ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव है. बता दें इससे पहले वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी और अब यह मंत्रिमंडल के स्तर तक पहुंच चुका है. इस सीमा में आखिरी बार बदलाव सितंबर 2014 में हुआ था जब इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया गया था.

इसका सीधा फायदा किसे मिलेगा?

अभी तक सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को ईपीएफ और कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस के दायरे में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाता था, जिनका मूल वेतन 15,000 रुपये प्रति माह तक होता था. इससे ऊपर कमाने वालों के लिए यह वैकल्पिक था और कंपनी पर उन्हें जोड़ने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी. अगर नई सीमा लागू होती है तो 15,000 से 25,000 रुपये के बीच बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी भी अब अपने आप इस सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे.

क्या मेरी इन-हैंड सैलरी घट जाएगी?

एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे इन हैंड सैलरी पर थोड़ा असर पड़ सकता है. चूंकि बेसिक सैलरी का बड़ा हिस्सा अब पीएफ खाते में जाएगा, इसलिए हर महीने हाथ में आने वाली रकम कुछ कम हो सकती है. लेकिन दूसरा पहलू यह है कि यही पैसा आपके रिटायरमेंट फंड में जुड़ता रहेगा और लंबी नौकरी के बाद यह अंतर बहुत बड़ा बन जाता है. यानी मासिक कमाई थोड़ी घटेगी पर भविष्य की जमापूंजी बढ़ेगी.

कंपनियों और सरकार पर क्या असर होगा?

कंपनियों के लिए यह खर्च बढ़ाने वाला कदम है क्योंकि अब ज्यादा कर्मचारियों के लिए उन्हें योगदान देना होगा. बता दें मौजूदा व्यवस्था में नियोक्ता बेसिक वेतन का 833 फीसदी पेंशन फंड में जमा करता है जबकि केंद्र सरकार 116 फीसदी का योगदान देती है. दायरा बढ़ने से सरकार की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी. वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कर्मचारी पेंशन योजना के लिए करीब 11,144 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है.

यह नियम किन कंपनियों पर लागू होगा?

यह व्यवस्था मुख्य रूप से संगठित निजी क्षेत्र के लिए है. ईपीएफओ के नियम उन्हीं प्रतिष्ठानों पर अनिवार्य रूप से लागू होते हैं जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. इससे छोटी कंपनियां चाहें तो स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं पर उन पर कोई बाध्यता नहीं है. केंद्र सरकार के कर्मचारी अलग पेंशन व्यवस्था के तहत आते हैं, इसलिए वे इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे.

नई सीमा कब से लागू होगी?

लागू होने की तारीख तुरंत नहीं आएगी. कंपनियों को अपने पेरोल सॉफ्टवेयर, एचआर सिस्टम और अनुपालन प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए वक्त देना जरूरी माना जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से लागू हो सकती है.

यह फाइल अचानक आगे क्यों बढ़ी?

इसके पीछे अदालती दबाव भी एक वजह मानी जा रही है. जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और ईपीएफओ को निर्देश दिया था कि वेतन सीमा में संशोधन पर चार महीने के भीतर फैसला लिया जाए. याचिका में तर्क दिया गया था कि 2014 से अपरिवर्तित 15,000 रुपये की सीमा का न तो महंगाई से और न ही मौजूदा न्यूनतम मजदूरी से कोई मेल बैठता है. गौरतलब है कि ईपीएफओ ने शुरू में यह सीमा 30,000 रुपये तक करने का सुझाव दिया था, लेकिन विचार-विमर्श के बाद 25,000 रुपये पर सहमति बनी. जब तक श्रम मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी नहीं होती आपकी सैलरी स्लिप पहले जैसी ही रहेगी. 

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  Sports

Nitish Kumar Reddy ने चोट से उबरकर की दमदार वापसी, Afghanistan के खिलाफ झटके 3 विकेट

मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी के बाद, भारतीय ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी ने बेंगलुरु के 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' में रिहैब के दौरान बिताए समय और चोटों व खराब प्रदर्शन के बावजूद अपनी सकारात्मकता बनाए रखने के बारे में बात की। अब, यह युवा ऑलराउंडर अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ दूसरे T20I में तीन विकेट लेने से मिले आत्मविश्वास को आगे ले जाना चाहता है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के साथ शानदार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीज़न के बाद चोटों और रिहैब की वजह से महीनों तक मैदान से दूर रहने के बाद, नितीश ने मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ 3/24 के आंकड़े के साथ भारत को तेज़ गेंदबाज़ी करने वाले ऑलराउंडर के तौर पर एक बड़ी उम्मीद दी और अपनी गेंदबाज़ी से भारत के लिए सीरीज़ पक्की कर दी।

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2026 सीज़न में 13 पारियों में एक अर्धशतक के साथ 302 रन बनाने और 140 किमी/घंटा की रफ़्तार तक पहुँचने (जिससे उन्हें आठ विकेट मिले) के बाद, नीतीश उस लय को बरकरार नहीं रख पाए; अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ के दौरान जांघ की चोट (क्वाड्रिसेप्स इंजरी) के कारण वह आयरलैंड, इंग्लैंड और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ T20I सीरीज़ से बाहर हो गए। स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के बैकअप/रिप्लेसमेंट के तौर पर देखे जाने वाले 23 वर्षीय नीतीश, एक गेंदबाज़ के तौर पर अपनी कला को निखारने के लिए ज़रूरी काफ़ी कीमती मैच-टाइम नहीं खेल पाए।

हालांकि, अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे T20I मैच में नीतीश ने कप्तान इब्राहिम ज़दरान, गुलबदीन नायब और राशिद खान के अहम विकेट लिए और तीन ओवर में 3/24 का शानदार स्पेल डाला, जिससे उन पर से कुछ समय के लिए दबाव हट गया है। BCCI के एक वीडियो में नीतीश ने कहा कि इंसान को पॉज़िटिव रहना चाहिए और भगवान सही समय पर फल देते हैं। नीतीश, जिनकी पहले T20I में दो ओवर में 30 रन की पिटाई हुई थी, ने टीम मैनेजमेंट से मिले सपोर्ट और अपने करियर के लिए आने वाले दिनों में बहुत अहम साबित हो सकने वाले इस बॉलिंग परफ़ॉर्मेंस पर खुशी ज़ाहिर की।

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नीतीश ने कहा कि बस आपको मानसिक रूप से पॉज़िटिव रहना है और अच्छा काम करना है, और भगवान आपको सही समय पर सब कुछ देंगे। बहुत अच्छा लगता है; चोट से वापसी करने वाले हर खिलाड़ी को कॉन्फिडेंस की ज़रूरत होती है। सच कहूँ तो, पहला गेम मेरे लिए उतना अच्छा नहीं था, लेकिन दूसरे गेम में मुझे ज़्यादा खुशी हुई, क्योंकि किसी भी खिलाड़ी को ऐसे कॉन्फिडेंस की ज़रूरत होती है, और मुझे उम्मीद है कि मैं यह कॉन्फिडेंस आगे भी बनाए रखूँगा। भारतीय टीम का हिस्सा बनना हमेशा गर्व की बात होती है, और मैनेजमेंट ने मुझे काफ़ी मौके दिए हैं और मुझ पर बहुत भरोसा दिखाया है। मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी को असल में इसी चीज़ की ज़रूरत होती है, और मुझे मैनेजमेंट से यह मिल रहा है; मैं इससे काफ़ी खुश हूँ। 
 

Wed, 16 Sep 2026 16:13:00 +0530

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