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MP में बनेगी सीमेंस एनर्जी इंडिया की बड़ी यूनिट, उज्जैन में 2053 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी, 1500+ लोगों को मिलेगा रोजगार

मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में एक और कदम आगे बढ़ाने जा रहा है। प्रदेश में सीमेंस एनर्जी इंडिया की बड़ी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई स्थापित होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) सौंपा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार, 16 सितंबर को मंत्रालय में सीमेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर तथा हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद रहे।

कंपनी की तरफ से बड़ी क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के निर्माण के लिए लगभग 2,053 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है।  कंपनी की यूनिट स्थापना से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

निवेश से MP में औद्योगिक विकास और कुशल रोजगार सृजन को मिलेगी नई गति 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।  सरकार औद्योगिक निवेशों के क्रियान्वयन तथा रोजगार सृजन के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने  आगे कहा कि कंपनी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को देश के उभरते ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेश राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।

सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड के बारे में

सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण तथा डीकार्बोनाइजेशन समाधानों से जुड़ी अग्रणी कंपनी है। कंपनी का दक्षिण एशिया क्षेत्र में व्यापक परिचालन है और यह वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग एवं अनुसंधान क्षमताओं के लिए जानी जाती है।

क्या लाभ मिलेगा

  • इस प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा, जो देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में योगदान देंगे।
  • परियोजना से क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
  • परियोजना के क्रियान्वयन के साथ विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उज्जैन और आसपास के क्षेत्र ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
  • यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और ऊर्जा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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बैंगलुरू ट्रेनिंग पर गए MP के कुछ अधिकारी जल्द होंगे रिटायर, जीतू पटवारी बोले “रिटायरमेंट से पहले सरकारी पर्यटन”

मध्यप्रदेश में कृषि विभाग के अधिकारियों को प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग के लिए बैंगलुरू भेजे जाने को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रशिक्षण के लिए अधिकारियों के चयन पर सवाल उठाते हुए सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का ज्ञान किसान के खेत तक कब पहुंचेगा यह पता नहीं, लेकिन सरकारी खर्च पर अधिकारियों की ट्रेनिंग का इंतजाम समय पर हो रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ऐसे अधिकारियों को भी प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग के लिए भेज रही है, जिनमें कुछ अधिकारी 12 से 90 दिन के भीतर रिटायर होने वाले हैं। उन्होंने इसे लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति से पहले अधिकारियों को ‘सरकारी पर्यटन’ कराया जा रहा है।

अधिकारियों की ट्रेनिंग

दरअसल कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती की तीन दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग के लिए अधिकारियों के पांच बैच तैयार किए हैं। इसमें अपर संचालक से लेकर स्टेट कोआर्डिनेटर स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण का पहला बैच 16 सितंबर से शुरू होना है और अलग-अलग बैच नवंबर के पहले पखवाड़े तक चलेंगे। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के साथ योग और ध्यान भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

ट्रेनिंग के लिए बैंगलुरू स्थित श्रीश्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी ने प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव के अनुसार अधिकारियों के ठहरने और प्रशिक्षण से जुड़े खर्च की अलग-अलग दरें तय की गई हैं। एक बैच पर करीब चार से साढ़े चार लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि टीए-डीए अलग से दिया जाना है।

जीतू पटवारी ने किए सवाल

कांग्रेस ने खासतौर पर उन अधिकारियों के चयन पर सवाल उठाया है जिनकी सेवानिवृत्ति नजदीक है। जानकारी के अनुसार, सूची में सहायक संचालक सविता श्रीवास्तव का नाम है जिनकी सेवानिवृत्ति 30 सितंबर को होनी है। वहीं अपर संचालक जीपी प्रजापति 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं। इसके अलावा संचालनालय में प्रशासन, स्थापना, बजट, योजना, विभागीय जांच और कानूनी मामलों से जुड़े अधिकारियों के नाम भी प्रशिक्षण के लिए भेजे जाने वालों में शामिल हैं। इसे लेकर जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा है कि “किसान के खेत तक ज्ञान कब पहुंचेगा पता नहीं, लेकिन सरकारी खर्चे पर अफसरों की ट्रेनिंग का टिकट जरूर समय पर कट रहा है।” उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले सरकारी पर्यटन” करवाने वाली सरकार को सर्कस नहीं कहें तो और क्या कहें। इस तरह कांग्रेस ने ऐसे अधिकारियों को प्रशिक्षण पर भेजने के औचित्य पर सवाल किए हैं।

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  Sports

केएल राहुल बने उप कप्तान, हार्दिक पंड्या की वापसी पर फंसा पेच, फेंकने होंगे 10 ओवर, ध्रुव जुरेल बैकअप विकेटकीपर

KL Rahul named vice-captain: वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस टीम में केएल राहुल को उप-कप्तानी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं, स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत टीम से बाहर हैं. चयनकर्ताओं ने साफ किया है कि हार्दिक को वापसी के लिए भारत 'ए' की तरफ से 10 ओवर गेंदबाजी कर अपनी फिटनेस साबित करनी होगी. 27 सितंबर से शुरू हो रही इस सीरीज में रोहित-विराट का अनुभव और नए चेहरों का जोश देखने को मिलेगा. Wed, 16 Sep 2026 22:54:11 +0530

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