ट्रंप ने की रेड लाइन क्रॉस, फ्रांस से ऐसा दहाड़े जयशंकर, अमेरिका में भूचाल!
पेरिस में भारत ने बिना शोर मचाए अमेरिका तक को बेचैन कर देने वाला संदेश दे डाला है जब पूरी पूरी दुनिया अमेरिका के अगले कदम को लेकर सहमी हुई है। जब डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद धमकियां, दबाव और दादागिरी या फिर यह कह लें गुंडागर्दी फिर से लौट आई है। ठीक उसी वक्त भारत ने एक ऐसी शांत लेकिन निर्णायक चाल चली है जिससे वाशिंगटन के गलियारों में पसीना छूटना तय है। दरअसल भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच चुके हैं और उन्होंने वहां साफ शब्दों में कहा कि फ्रांस हमारे सबसे पुराने रणनीतिक साझदारों में से एक है और यूरोप में हमारा पहला रणनीतिक साझेदार है। अब इसे सामान्य बयान मत समझिए। यह एक भू- राजनीतिक संदेश है। मतलब साफ है भारत अब यूरोप में अमेरिका के इशारों से नहीं अपनी शर्तों पर रिश्ते निभा रहा।
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ट्रंप के आते ही नाटो को धमकी, यूरोप पर दबाव, व्यापार युद्ध की चेतावनी और जो मेरे साथ नहीं वो मेरे खिलाफ वाली नीति। पूरी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल और ठीक इसी माहौल पर जयशंकर ने पेरिस से चोट की। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ बोलते हुए, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यूरोप गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है जिनके वैश्विक सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव होंगे। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में उत्पन्न हो रही स्थिति सहित हाल के संकटों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक अनिश्चितता का मतलब यह है कि भारत और फ्रांस जैसे देशों की स्थिरता बनाए रखने में मदद करने की जिम्मेदारी है।
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फ्रांस की धरती पर खड़े होकर मंत्री ने कहा कि यूरोप, जिसे अक्सर मानवाधिकार और कूटनीति का शिक्षक माना जाता है, अब अपने देश में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है जिसका असर वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने विश्व व्यवस्था के निर्धारण के लिए व्यापक वैश्विक चर्चा का भी आह्वान किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे निकायों में पश्चिमी वर्चस्व की परोक्ष रूप से आलोचना करता है और सुधारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। राजनयिक विश्लेषक जयशंकर की टिप्पणियों को यूरोप की वर्तमान सुरक्षा और आर्थिक कमजोरियों के संकेत के रूप में देखते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में नेतृत्व परिवर्तन और वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बीच, यूरोप अपनी सुरक्षा और रणनीतिक दिशाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
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यानी भारत अब फैसले अपने हित पर लेता है। भारत स्थिति को लीड करता है। अब जरा ध्यान दीजिए जो बयान जयशंकर ने दिया। जयशंकर ने एक साथ तीन मंच गिनाए। ब्रिक्स, की अध्यक्षता भारत के पास G7 की अध्यक्षता फ्रांस के पास। G20 में दोनों देश अहम भूमिका में। यह बहुत बड़ा संकेत है क्योंकि ब्रिक्स अमेरिका के लिए चुनौती है। G7 अमेरिका का पुराना क्लब है और इन दोनों के बीच भारत और फ्रांस का सीधा तालमेल। यही वजह है कि अब अमेरिका को लगने लगा है कि खेल हाथ से निकलने वाला है। जयशंकर ने सबसे खतरनाक शब्द बोला। दो ऐसे राष्ट्र जो बहुध्रविता के लिए प्रतिबद्ध है। यही वो शब्द है जिससे अमेरिका खासकर ट्रंप डरता है। ट्रंप की मनमानी के बाद भारत-फ्रांस की बैठक अमेरिका के लिए रेड लाइन है या यूं कह ले रेड अलर्ट है।
America में अवैध रूप से रह रहे दो भारतीय कोकीन की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे दो भारतीयों को संघीय अधिकारियों ने एक ट्रक के जरिए 300 पाउंड से अधिक कोकीन की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार गुरप्रीत सिंह (25) और जसवीर सिंह (30) को चार जनवरी को इंडियाना के पुटनम काउंटी में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में स्थानीय अधिकारियों ने गिरफ्तार किया।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने इस सप्ताह बताया कि अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
एजेंसी ने कहा कि दोनों व्यक्तियों ने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था और उन्हें पुटनम काउंटी में एक ट्रक से 300 पाउंड से अधिक कोकीन की तस्करी करते हुए पकड़ा गया। डीएचएस के अनुसार, दोनों के पास कैलिफोर्निया राज्य द्वारा जारी वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस थे।
एजेंसी ने अपने बयान में कहा, “300 पाउंड से अधिक कोकीन जब्त की गई है। कोकीन की मात्र 1.2 ग्राम खुराक ही घातक होती है, ऐसे में यह मात्रा 1,13,000 से अधिक अमेरिकियों की जान ले सकती थी।”
डीएचएस ने बताया कि गुरप्रीत सिंह ने 11 मार्च 2023 को एरिजोना के ल्यूकविल के पास अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था और बाइडन प्रशासन के तहत उसे देश में रहने की अनुमति दे दी गई थी। उसने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष स्वीकार किया कि वह भारतीय नागरिक है और अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा है।
वहीं, जसवीर सिंह ने 21 मार्च 2017 को कैलिफोर्निया के ओटाय मेसा के पास अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था। उसे पिछले वर्ष पांच दिसंबर को कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनो में चोरी की संपत्ति प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आईसीई ने उस समय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया और उसे रिहा कर दिया गया। डीएचएस ने इसके लिए कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम की नीतियों की आलोचना की।
डीएचएस की सहायक सचिव ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने कहा, “न्यूसम की लापरवाह नीतियों के कारण इन दो आपराधिक अवैध प्रवासियों को कैलिफोर्निया राज्य द्वारा वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए और वे एक ट्रक में भारी मात्रा में 300 पाउंड कोकीन की तस्करी करते हुए पकड़े गए।
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