92 साल पुराना नाम, पर लोगों को खाने में परोसा जा रहा था 'जहर'! तुकाराम मुंडे के छापे में बेनकाब हुआ मुंबई के Cafe Mondegar का घिनौना सच
अपनी सख्त कार्यशैली और कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक 'कैफ़े मोंडेगर' (Café Mondegar) पर बड़ी कार्रवाई की है। कोलाबा स्थित इस लगभग 100 साल पुराने प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर खामियां मिलने के बाद FDA ने इसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। साल 1932 में एक ईरानी कैफे के रूप में शुरू हुआ यह रेस्टोरेंट न केवल अपने भोजन बल्कि अपनी दीवारों पर बने मशहूर कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के ओरिजिनल कार्टून्स के लिए भी दुनिया भर में पहचाना जाता है। यह खास तौर पर अपनी दीवारों पर बने मशहूर कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के कार्टून के लिए जाना जाता है।इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख
छापे के दौरान, FDA ने पाया कि औपनिवेशिक दौर के इस रेस्टोरेंट में गर्म खाने की चीज़ों को ज़रूरी तापमान (60°C से ऊपर) पर नहीं रखा जा रहा था, जबकि कोल्ड स्टोरेज का तापमान 5°C से नीचे नहीं रखा जा रहा था। जांच के दौरान खाने को पिघलाने (thawing) के गलत तरीकों और पके हुए खाने को तेज़ी से ठंडा न करने जैसी कमियां भी देखी गईं।इसे भी पढ़ें: 5000 पर 20 और 10000 पर कटेंगे 40 रुपए, सरकार ने UPI पर MDR को लेकर क्या नया ऐलान कर दिया, जानिए आम लोगों पर क्या होगा असर
FDA प्रमुख तुकाराम मुंडे की अगुवाई वाली टीम की जांच में फ़र्श पर नमी से हुए नुकसान का भी पता चला। खाना बनाने की जगह के पास ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं था, जिससे क्रॉस-कंटैमिनेशन (एक चीज़ से दूसरी चीज़ में गंदगी या बैक्टीरिया का फैलना) का खतरा पैदा हो रहा था। FDA ने यह भी पाया कि उपकरणों की ठीक से सफ़ाई और सैनिटाइज़ेशन नहीं किया जा रहा था।
त्योहारों के दौरान खाने की सुरक्षा के लिए अभियान
मुंडे और उनकी टीम ने चल रहे गणपति उत्सव के दौरान पूरे महाराष्ट्र में रेस्टोरेंट, खाने-पीने की जगहों, होटलों और मिठाई की दुकानों पर जांच और छापेमारी तेज़ कर दी है।
इससे पहले मंगलवार को, FDA ने पूरे राज्य में 30 लीटर तरल दूध और 4,138.7 किलोग्राम डेयरी और मिठाई के उत्पाद ज़ब्त किए, जिनकी कीमत 15.5 लाख रुपये से ज़्यादा थी। इनमें खोया, पनीर, घी, पेड़ा, हलवा, श्रीखंड, मक्खन और मिल्क पाउडर शामिल थे।
FDA ने जालना ज़िले में प्रतिबंधित खाने की चीज़ों के खिलाफ़ भी कार्रवाई की, जहाँ 1.35 करोड़ रुपये का सामान ज़ब्त किया गया। ग्रेटर मुंबई में भी, FDA अपने त्योहारों के अभियान के तहत होटलों की जांच कर रहा है और प्रतिबंधित खाने की चीज़ों के खिलाफ़ कार्रवाई कर रहा है।
गणेश मंडलों में फ़ूड सेफ्टी
गणेशोत्सव से पहले, FDA की ग्रेटर मुंबई यूनिट ने अलग-अलग गणेश मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता वर्कशॉप आयोजित कीं। इसका मकसद यह पक्का करना था कि भक्तों को बांटा जाने वाला प्रसाद और महाप्रसाद सुरक्षित, साफ़-सुथरे और हाइजीनिक तरीके से तैयार और परोसा जाए।
अलग-अलग जगहों पर कुल पांच वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनमें 320 गणेश मंडल पदाधिकारियों और संबंधित संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
FDA ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) के साथ मिलकर, मोदक बनाने वाले लगभग 110 स्वयं-सहायता समूहों (self-help groups) के प्रतिनिधियों के लिए 'मोदक की मिठास, फ़ूड सेफ्टी के भरोसे के साथ' नाम से एक खास ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित की।
इन वर्कशॉप में, FDA के असिस्टेंट कमिश्नर (फ़ूड) और फ़ूड सेफ्टी अधिकारियों ने 'फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के शेड्यूल 4 का पालन करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने 'गुड हाइजीन प्रैक्टिस' (GHP) और 'गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस' (GMP) पर खास ज़ोर दिया।
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Kochi में Reporter TV के दफ्तर पर पुलिस का छापा, पत्रकारों के फोन जब्त
पुलिस की एक टीम ने बुधवार तड़के मलयालम समाचार चैनल ‘रिपोर्टर टीवी’ के कोच्चि स्थित मुख्यालय में तलाशी ली। चैनल ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उसके समाचार संचालन में बाधा पहुंची। चैनल के अनुसार, पुलिसकर्मी पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने साथ ले गए।
चैनल ने बताया कि तलाशी न्यूज़ डेस्क पर ली गई, जहां आम तौर पर केवल पत्रकार और तकनीकी कर्मचारी काम करते हैं। चैनल का आरोप है कि अधिकारी आधे घंटे से अधिक समय तक कार्यालय में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने तलाशी का कारण या अन्य विवरण स्पष्ट नहीं किया। ड्यूटी पर आए पत्रकारों के निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए।
माना जा रहा है कि यह कार्रवाई केरलम में पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम के विफल होने से जुड़े विवाद की जांच से जुड़ी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) कथित तौर पर पांच स्थानों पर तलाशी ले रहा है। इनमें कोच्चि में ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ के मालिक ऑगस्टीन बंधुओं के आवास, कंपनी का कार्यालय और वायनाड स्थित उनका पारिवारिक घर शामिल हैं।
चैनल ने आरोप लगाया कि तलाशी का उद्देश्य उसके प्रसारण कार्य में बाधा डालना था। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और आरोप लगाया कि न्यूज़ डेस्क तक पहुंचना तथा पत्रकारों के फोन जब्त करना मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। विजयन ने एक बयान में कहा कि पुलिसकर्मी तड़के ‘न्यूज़ डेस्क पर आ गए’ और करीब डेढ़ घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पत्रकारों की वीडियो रिकॉर्डिंग की। विजयन ने इस कार्रवाई की तुलना अन्य राज्यों और दिल्ली में मीडिया संस्थानों से जुड़े मामलों से की और कहा कि मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री को मीडिया स्वतंत्रता पर इस कथित हमले पर जवाब देना चाहिए। चैनल और विजयन द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस का पक्ष तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
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