Responsive Scrollable Menu

UP में मकान-दुकान किराये पर लेने का बदला पूरा गणित! स्टांप शुल्क से रजिस्ट्रेशन तक जानें नए नियम

UP Rent Agreement New Rules: उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या गोदाम किराए पर लेने-देने वालों के लिए योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. 10 साल तक के किरायेदारी और लीज एग्रीमेंट के लिए स्टांप शुल्क व रजिस्ट्रेशन फीस को सरल और किफायती बनाया गया है.

The post UP में मकान-दुकान किराये पर लेने का बदला पूरा गणित! स्टांप शुल्क से रजिस्ट्रेशन तक जानें नए नियम appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा अमेरिका! रूस पर प्रतिबंध वाले बिल का पास होना तय

US Tariff Bill: अमेरिका ने एक बार फिर से भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, अमेरिका में रूस से जुड़े प्रतिबंधों को और सख्त करने की दिशा में एक नया कदम उठाया है. जिसके तहत रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल पर वोटिंग होने वाली है. इस बिल के पास होने की की भी पूरी संभावना है. अगर ऐसा होता है तो अमेरिका भारत समेत दुनिया भर के कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का कानून अधिकार हासिल कर लेगा.

अमेरिकी सीनेट में मिल चुकी है बिल को मंजूरी

बता दें कि यह विधेयक ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ के नाम से जाना जाता है. अमेरिकी सीनेट में इसे 86 के मुकाबले 11 मतों से मंजूरी मिल चुकी है. अब इसकी अगली परीक्षा प्रतिनिधि सभा में होनी है. अगर इस सदन से भी विधेयक पारित होता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है.

क्या है प्रस्तावित कानून?

बता दें कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस के नेतृत्व और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. प्रस्ताव में उन जहाजों पर भी कार्रवाई की बात है, जिनके जरिए रूस से तेल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश की जाती है. ऐसे जहाजों के नेटवर्क को आम तौर पर ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है. इसे लेकर अमेरिकी सरकार का तर्क रहा है कि ऊर्जा से होने वाली रूस की कमाई उसके युद्ध संबंधी खर्चों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है. इसी वजह से रूसी तेल और उससे जुड़े कारोबार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

भारत समेत किन देशों पर टैरिफ लगा सकता है अमेरिका?

प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सांसद स्टेनी होयर की ओर से पेश किए गए संशोधन में कई देशों को संभावित टैरिफ के दायरे में लाने का प्रस्ताव है. इनमें भारत के अलावा चीन, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक शामिल हैं. हालांकि, इन देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क अपने आप लागू नहीं होगा.

इसके लिए संबंधित प्रावधानों का कानून में शामिल होना और आगे की कानूनी प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है. बता दें कि सीनेट से पारित मूल विधेयक में इन देशों के नाम सूची में शामिल नहीं थे. हालांकि, रूस से ऊर्जा उत्पादों के बड़े खरीदारों को लेकर अलग प्रावधानों पर चर्चा हुई थी. अब प्रतिनिधि सभा में प्रस्तावित संशोधन के जरिए दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

भारत पर पहले भी लगा था अतिरिक्त शुल्क

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाने की कोशिश कर रहा है भारत और रूस के बीच तेल व्यापार को लेकर अमेरिका और भारत के संबंधों में पहले भी तनाव देखने को मिल चुका है. पिछले साल अमेरिकी प्रशासन ने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था. अलग-अलग चरणों में लगाए गए शुल्क के बाद भारत पर कुल अतिरिक्त शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था, हालांकि बाद में इसमें बदलाव किया गया था. इसी बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी जारी रही है. ऐसे में रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नई पहल दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है.

अमेरिकी सांसदों में भी मतभेद

हालांकि इस विधेयक को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में पूरी तरह एकमत स्थिति नहीं है. कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने प्रस्तावित कानून पर आपत्ति जताई है. उनका तर्क है कि यह राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने के मामले में बहुत व्यापक अधिकार दे सकता है, जबकि रूस पर प्रतिबंधों को अनिवार्य बनाने की व्यवस्था पर्याप्त स्पष्ट नहीं है. इस बिल का विरोध करने वाले सांसदों का यह भी कहना है कि अत्यधिक शुल्क का असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है और इससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं. उनके मुताबिक, ऐसी नीति का यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन पर भी दीर्घकालिक असर पड़ने की आशंका है.

Continue reading on the app

  Sports

WPL 2027: तारीखों का ऐलान हुआ, 14 जनवरी से शुरू होगा घमासान; 28 अक्टूबर को ऑक्शन

Womens Premier League: महिला प्रीमियर लीग (WPL) के अगले सीजन की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने WPL 2027 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। टूर्नामेंट का पांचवां सीजन 14 जनवरी से शुरू होगा और 7 फरवरी 2027 तक चलेगा। यानी नए साल की शुरुआत महिला क्रिकेट के बड़े मुकाबलों के साथ होगी।

टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों के रिटेंशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी पांच फ्रेंचाइजी को 28 सितंबर तक अपने रिटेन किए गए खिलाड़ियों की सूची जमा करनी होगी। इसके बाद 28 अक्टूबर को कोच्चि में खिलाड़ियों की नीलामी होगी। इस बार मेगा ऑक्शन नहीं, बल्कि मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा।

पिछले सीजन के मेगा ऑक्शन में दिल्ली में कुल 73 स्लॉट भरे गए थे। अब टीमों को अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ खाली स्लॉट भरने का मौका मिलेगा। WPL की एक टीम में अधिकतम 18 खिलाड़ी हो सकते हैं और हर फ्रेंचाइजी के पास 15 करोड़ रुपये का सैलरी कैप होगा। खास बात यह है कि खिलाड़ियों को रिटेन करने की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

पिछले साल के मेगा ऑक्शन में दीप्ति शर्मा सबसे महंगी खिलाड़ी रही थीं। उन्हें यूपी वॉरियर्ज ने 3.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। मुंबई इंडियंस ने Melie Kerr को 3 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा था, जबकि शिखा पांडे के लिए यूपी वॉरियर्ज ने 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

मिनी ऑक्शन की बात करें तो WPL 2024 में काशवी गौतम पर गुजरात जायंट्स ने 2 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वह मिनी ऑक्शन में सबसे महंगी खिलाड़ी बनी थीं। इसके बाद 2025 के ऑक्शन में यूपी वॉरियर्ज ने सिमरन शेख को 1.9 करोड़ रुपये में खरीदा था।

Royal Challengers Bengaluru WPL की मौजूदा चैंपियन है। टीम ने 2024 में भी खिताब जीता था। वहीं दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के कोचिंग स्टाफ में बदलाव की संभावना है। लिसा कीटली को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में नेशनल डेवलपमेंट लीड की जिम्मेदारी मिलने के बाद टीम को नया हेड कोच तलाशना पड़ सकता है।

उधर, यूपी वॉरियर्ज ने भी अपने सपोर्ट स्टाफ को मजबूत किया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर नीतू डेविड को टीम का चीफ स्काउट नियुक्त किया गया है। उन्होंने बंगाल के ऑलराउंडर राजीव दत्ता की जगह ली है।

Wed, 16 Sep 2026 18:46:25 +0530

  Videos
See all

BRICS से लौटते ही हॉस्पिटल क्यों गए Jinping? Modi ने भाषण रोका,चीन लौटते ही अस्पताल पहुंचने का दावा! #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-16T14:15:11+00:00

Aar Paar: Congress प्रवक्ता Vs Deepti Taneja | UPI MDR Charges | PM Modi | Amish Devgan #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-16T14:14:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers