Gurugram में महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने का HSWC ने लिया संज्ञान, पुलिस से मांगी सुरक्षा
गुरुग्राम में एक जिम मालिक द्वारा तेज रफ्तार कार से एक बाइक सवार महिला को कथित तौर पर टक्कर मारने की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग (एचएसडब्ल्यूसी) ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि महिला और उसके परिवार को किसी भी तरह की धमकी, दबाव या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। एचएसडब्ल्यूसी की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी द्वारा गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को 14 सितंबर को लिखे गए एक पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो सामने आने के बाद आयोग ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के माध्यम से हरियाणा राज्य महिला आयोग के संज्ञान में एक घटना आई है, जिसमें कार चालक एक महिला बाइक सवार को कथित तौर पर जानबूझकर वाहन से टक्कर मारता हुआ दिखाई दे रहा है।’’ एचएसडब्ल्यूसी ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने सहित कानून के मुताबिक त्वरित कार्रवाई करने को कहा है।
आयोग ने अपने पत्र में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध जोड़ने पर विचार करने की भी सिफारिश की है।
AISA अध्यक्ष Neha Bora का आरोप: धर्म और राम मंदिर के नाम पर अयोध्या के निवासियों को हुआ भारी नुकसान
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि धर्म और राम मंदिर के नाम पर फैलाए गए “डर, हिंसा और नफरत” का सबसे अधिक नुकसान अयोध्या-फैजाबाद के आम लोगों को हुआ है। फैजाबाद प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोरा ने कहा कि 1990 के दशक में शुरू हुआ ‘‘नफरत का अभियान’’ अयोध्या को डर का केंद्र बना गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने बच्चों और युवाओं को इस अभियान का हिस्सा बनाया, वे आज उत्तर प्रदेश में सत्ता में हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का नेतृत्व करने वाले लोग आज सत्ता में हैं और युवा पीढ़ी का भविष्य खराब कर रहे हैं। उन्होंने किसी संगठन या व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा, ‘‘जिन लोगों ने आपके बच्चों को डर के अभियान का हिस्सा बनाया, वे आज आपके राज्य में सत्ता में बैठे हैं और उन्हीं बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।’’ बोरा ने आरोप लगाया कि जब भी अयोध्या और धर्म के नाम पर हिंसा व नफरत को बढ़ावा दिया गया, तो सबसे ज्यादा नुकसान फैजाबाद-अयोध्या के आम निवासियों को उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि मंदिर निर्माण और राजनीतिक सत्ता हासिल करने की प्रक्रिया में जिन लोगों के घर ढहाए गए और दुकानें तोड़ी गईं, वे भी इसी शहर के आम निवासी थे।
बोरा ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाया जाने वाला चढ़ावा धर्म या मंदिरों के बजाय सत्ता में बैठे लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की “बुलडोजर न्याय” व्यवस्था की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि जिन लोगों के घर गिराए गए, उनमें गरीब, दलित और मुस्लिम परिवारों समेत आम लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि “सत्ता का प्रतीक” बना बुलडोजर प्रदेश के लोगों की बेबसी का भी प्रतीक है। बोरा ने कहा कि अयोध्या के लोग “हिंसा, नफरत और लूट” से छुटकारा चाहते हैं। आइसा अध्यक्ष अयोध्या में संगठन के उत्तर प्रदेश में चल रहे ‘जेन-जी महाजुटान’ अभियान के तहत पहुंची थीं।
अभियान के तहत बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय और सरकारी भर्ती परीक्षाओं तथा नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। आइसा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष ने बताया कि अभियान बुधवार को लखनऊ पहुंचेगा, जहां संवाददाता सम्मेलन के बाद रायबरेली और अलीगढ़ का दौरा किया जाएगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










