IMD Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर, बिहार और यूपी समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। गोरखपुर, बहराइच, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, जौनपुर और पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर में बारिश का अनुमान जताया गया है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
बिहार में ऑरेंज अलर्ट और मूसलाधार बारिश की संभावना
बिहार में मानसून का असर काफी मजबूत दिखाई दे रहा है, जहां कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। पटना, गोपालगंज, सिवान, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली और भागलपुर जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तेज बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के कारण निचले इलाकों में प्रशासनिक अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर और पर्वतीय राज्यों का हाल
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। दिल्ली में हवा की गति 40 से 50 किमी/घंटे तक रह सकती है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
New UPI MDR Framework 2026: केंद्र सरकार ने पेश किया नया यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क; 15 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम
देश में यूपीआई के तेजी से बढ़ते विस्तार और इसके सुरक्षित संचालन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर व साइबर सुरक्षा पर होने वाले खर्च को संभालने के उद्देश्य से सरकार ने नया एमडीआर फ्रेमवर्क तैयार किया है।
यह व्यवस्था मुख्य रूप से बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक लेनदेन (P2M) पर केंद्रित है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लगभग 96 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन इस नए एमडीआर दायरे से पूरी तरह बाहर और अप्रभावित रहेंगे।
किस पर लगेगा एमडीआर और कितना होगा चार्ज?
नए नियमों के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक लेनदेन (P2M) पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लागू किया जाएगा। हालांकि बड़े कारोबारियों की लागत को नियंत्रित रखने के लिए 75,000 रुपये या उससे अधिक के किसी भी बड़े लेनदेन पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है।
इसके अलावा, रेलवे, पेट्रोल-डीजल, बीमा, दूरसंचार, कृषि इनपुट और सरकारी उपयोगिता बिलों बिजली, पानी, गैस
के 2,000 रुपये से ऊपर के भुगतान पर 0.4% के बजाय सिर्फ 5 रुपये का फिक्स्ड एमडीआर लगेगा। वहीं, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और निवेश से जुड़े भुगतानों पर बेहद मामूली 0.02% यानी अधिकतम 300 रुपये का चार्ज तय किया गया है।
किन लोगों और व्यापारियों को मिली है पूरी छूट?
आम ग्राहकों के लिए किसी भी प्रकार के पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन- जैसे दोस्तों, परिवार या खुद के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने- पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसके अलावा, 2,000 रुपये तक के किसी भी मर्चेंट भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स, जो QR कोड के जरिए महीने में 1 लाख रुपये तक का भुगतान प्राप्त करते हैं (P2PM श्रेणी), उन्हें भी इस एमडीआर व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
ग्राहकों की जेब पर नहीं पड़ेगा कोई असर
सरकार और एनपीसीआई (NPCI) ने बैंकों व मर्चेंट एग्रीगेटरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि व्यापारी इस एमडीआर चार्ज को किसी भी स्थिति में ग्राहकों पर हस्तांतरित नहीं कर सकते। इसके साथ ही यूपीआई ऐप कंपनियों द्वारा ग्राहकों पर किसी भी प्रकार की प्लेटफॉर्म फीस या छुपा हुआ चार्ज लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। आम नागरिक बिना किसी दैनिक कोटा या अतिरिक्त लागत के असीमित यूपीआई भुगतान की सुविधा का लाभ उठाते रहेंगे।
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