WPL के पहले दिन खेलेंगी 7 भारतीय वर्ल्ड चैंपियन:कप्तान हरमनप्रीत और उप कप्तान स्मृति मंधाना की टीमों में मुकाबला; रिकॉर्ड में मुंबई आगे
आज से विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) की शुरुआत हो रही है। पहला मैच 2 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस और 2024 की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच शाम 7:30 बजे से डीवाई पाटील स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले में विमेंस वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम की 7 खिलाड़ी खेलते नजर आएंगी। इनमें भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना एक-दूसरे के विरुद्ध अपनी-अपनी टीम की कप्तानी करेंगी। इन दोनों के अलावा विकेटकीपर ऋचा घोष, राधा यादव, अरुंधति रेड्डी, अमनजोत कौर और क्रांति गौड़ के नाम शामिल हैं। हेड टु हेड मुंबई इंडियंस एक मैच से आगे WPL में MI और RCB के बीच अब तक कुल 7 मुकाबले खेले गए। इनमें से 4 मैच मुंबई इंडियंस ने जीते, जबकि 3 मुकाबलों में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत मिली। टॉप प्लेयर्स सिवर-ब्रंट टॉप स्कोरर, मैथ्यूज के नाम सबसे ज्यादा विकेट मुंबई की नैटली सिवर-ब्रंट ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उनके नाम 29 मैचों में 1027 रन हैं। वहीं, हेली मैथ्यूज ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उनके नाम 29 मैचों में 41 विकेट हैं। बेंगलुरु से सबसे ज्यादा रन मंधाना ने बनाए बेंगलुरु की ओर से सबसे ज्यादा रन कप्तान स्मृति मंधाना ने बनाए हैं। उनके नाम 26 मैचों में 646 रन हैं। मंधाना 128.68 के स्ट्राइक रेट से रन बनाती हैं। वहीं, श्रेयांका पाटिल ने RCB की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। RCB को पेरी की कमी खलेगी मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन की गईं RCB की एलिस पेरी निजी कारणों के चलते टूर्नामेंट नहीं खेल पाएंगी। पेरी टीम की टॉप रन स्कोरर और चौथी टॉप विकेट टेकर हैं। पेरी के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम ने सयाली साटघरे को चुना, लेकिन उनका प्लेइंग-11 में शामिल हो पाना भी मुश्किल लग रहा है। पिच रिपोर्ट टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी पसंद करेगी डीवाई पाटिल स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में रन बनाना आसान हो जाता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। मौसम रिपोर्ट बारिश की आशंका बिल्कुल नहीं नवी मुंबई के आसमान पर हल्के बादल छाए रहेंगे। हालांकि, बारिश का आशंका नहीं है। यहां शुक्रवार का अधिकतक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। पॉसिबल प्लेइंग-11 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वोल, गौतमी नायक, ग्रेस हैरिस, ऋचा घोष (विकेटकीपर), नदीन डी क्लर्क, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव, श्रेयांका पाटील, अरुंधति रेड्डी, लौरेन बेल। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), नैट सिवर-ब्रंट, हेली मैथ्यूज, अमनजोत कौर, जी कमलिनी (विकेटकीपर), अमीलिया कर, शबनिम इस्माइल, त्रिवेणी वशिष्ट, क्रांति गौड़, मिली इलिंगवर्थ, साइका इशाक। अब तक की चैंपियंस WPL के अब तक 3 सीजन हो चुके हैं। 2 बार मुंबई ने खिताब जीता। जबकि, एक बार बेंगलुरु भी चैंपियन बनी। दिल्ली कैपिटल्स तीनों सीजन फाइनल तक पहुंची, लेकिन रनर-अप ही रही। मैच कहां देख सकते हैं? WPL का लाइव टेलीकास्ट स्टार नेटवर्क पर होगा। मुकाबलों की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर होगी।
थरूर बोले- सरकार नेहरू को बलि का बकरा बना रही:मोदी गर्वमेंट लोकतंत्र विरोधी नहीं, लेकिन नेहरू विरोधी; पहले PM की गलतियां स्वीकार करना जरूरी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र-विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू-विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं, लेकिन नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता। थरूर ने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन देश की हर समस्या के लिए उन्हें अकेले दोषी ठहराना पूरी तरह गलत अनुचित है। थरूर गुरुवार को केरल विधानसभा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव (KLIBF) के चौथे संस्करण में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि नेहरू भारतीय लोकतंत्र के संस्थापक थे। उन्हें इसे मजबूती से स्थापित किया। अस्थमा, लिखने-पढ़ने की आदत का जिक्र अपने लेखक जीवन की चर्चा करते हुए थरूर ने कहा कि बचपन में अस्थमा की बीमारी के कारण उनका झुकाव किताबों की ओर हुआ। उस समय न तो टेलीविजन था और न ही मोबाइल फोन, इसलिए किताबें ही उनकी सबसे करीबी साथी बन गईं। उन्होंने बताया कि उनका पहला उपन्यास बहुत कम उम्र में लिखा गया था, लेकिन स्याही गिरने के कारण वह नष्ट हो गया। श्री नारायना गुरू की जीवनी उनकी 28वीं पुस्तक है। दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ने की आदत घट रही है, लेकिन केरल आज भी पढ़ने की संस्कृति में अग्रणी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 1989 में The Great Indian Novel इसलिए लिखा क्योंकि उस समय भारत में व्यंग्य विधा लगभग न के बराबर थी। युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा कि आज के दौर में कम पन्नों वाली छोटी किताबें ज्यादा प्रभावी हो सकती हैं, क्योंकि लोगों के पास पढ़ने के लिए समय कम होता जा रहा है। मोदी सरकार ने कब-कब किया नेहरू का जिक्र 1. चीन सीमा- 1962 युद्ध बहस कब- दिसंबर 2022 (शीतकालीन सत्र), फरवरी 2023 (बजट सत्र) LAC पर चीन के साथ तनाव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने 1962 की हार का हवाला देते हुए जवाहरलाल नेहरू की विदेश और रक्षा नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। 2. कश्मीर और अनुच्छेद 370 कब- 5/6 अगस्त 2019 (विशेष सत्र/राज्यसभा-लोकसभा), फरवरी 2020 (बजट सत्र) अनुच्छेद 370 हटाने की बहस में नेहरू काल के फैसलों को ऐतिहासिक भूल बताते हुए मौजूदा कश्मीर समस्या की जड़ कहा गया। 3. कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में ले जाना कब- फरवरी 2021 (बजट सत्र), मार्च 2023 (बजट सत्र) मोदी सरकार ने कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र ले जाने के फैसले का उल्लेख करते हुए नेहरू सरकार पर मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण का आरोप लगाया। 4. आर्थिक नीतियां / सार्वजनिक क्षेत्र (लाइसेंस-परमिट राज) कब- फरवरी 2021 (बजट सत्र), फरवरी 2022 (बजट सत्र) निजीकरण और आर्थिक सुधारों पर चर्चा के दौरान नेहरू युग की समाजवादी नीतियों और लाइसेंस-परमिट राज को विकास में बाधक बताया गया। 5. परिवारवाद की बहस कब- फरवरी 2023 (बजट सत्र), दिसंबर 2023 (शीतकालीन सत्र) कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाते हुए नेहरू-गांधी परिवार का बार-बार उल्लेख किया गया और राजनीतिक विरासत पर सवाल उठाए गए। 6. रक्षा आधुनिकीकरण कब- दिसंबर 2021 (शीतकालीन सत्र), दिसंबर 2022 (शीतकालीन सत्र) रक्षा खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण पर चर्चा में कहा गया कि नेहरू काल में सेना के आधुनिकीकरण को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई। 1 जनवरी: शशि थरूर बोले- मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य शशि थरूर ने केरल के वायनाड स्थित सुल्तान बथेरी में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए KPCC की लक्ष्य 2026 नेतृत्व शिविर में भाग लिया था। उन्होंने कहा था कि मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका। उन्होंने कहा था कि मेरा सवाल है, किसने कहा कि मैंने पार्टी लाइन छोड़ दी। जब मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की तो पार्टी और मैं एक ही लाइन पर खड़े थे। शशि ने कहा था कि मैं 17 साल से पार्टी में हूं और सहकर्मियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। अब किसी अचानक गलतफहमी की कोई जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… 27 दिसंबर- प्रधानमंत्री का हारना भारत के हारने जैस, विदेश नीति पार्टी नहीं, देश की होती है कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 27 दिसंबर को कहा कि विदेश नीति भाजपा या कांग्रेस की नहीं, भारत की होती है। अगर राजनीति में कोई प्रधानमंत्री की हार पर खुश होता है, तो वह भारत की हार की खुशी मना रहा होता है। थरूर ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से आने वाले सुरक्षा खतरों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति बदल रहा है। वह अब हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक और छिपकर हमला करने की नीति पर जोर दे रहा है। पूरी खबर पढ़ें... 25 दिसंबर- अवैध प्रवासियों पर सरकार का एक्शन सही, ,अवैध तरीके से रहने वालों को बाहर निकालने का हक कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 25 दिसंबर को देश में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोगों (अवैध प्रवासियों) के खिलाफ सरकार के एक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को ठीक से संभालना सरकार की जिम्मेदारी है। थरूर ने कहा कि अगर भारत में घुसपैठ हो रही है या लोग वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं तो यह सिस्टम की नाकामी और बॉर्डर व इमिग्रेशन कंट्रोल में कमियों को दिखाता है। सरकार के पास गैरकानूनी तरीके से रहने वालों को कानून के तहत बाहर निकालने का पूरा अधिकार है। पूरी खबर पढ़ें... 4 नवंबर- भारत में पॉलिटिक्स फैमिली बिजनेस थरूर ने 4 नवंबर को भारत की वंशवादी राजनीति की आलोचना करते हुए एक लेख में कहा था- भारत में राजनीति फैमिली बिजनेस बन गई है। जब तक राजनीति परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी, तब तक लोकतांत्रिक सरकार का असली मतलब पूरा नहीं हो सकेगा। थरूर ने लिखा- यह समय है, जब भारत को वंशवाद (परिवारवाद) छोड़कर योग्यता आधारित व्यवस्था अपनानी चाहिए। इसके लिए कानूनी रूप से तय कार्यकाल, आंतरिक पार्टी चुनाव और मतदाताओं को जागरूक करने जैसे मूलभूत सुधार जरूरी हैं। पूरी खबर पढ़ें... ------------ ये खबर भी पढ़ें... थरूर ने वीर सावरकर अवॉर्ड लेने से इनकार किया:बोले-आयोजकों ने बिना पूछे नाम घोषित किया कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 10 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में वीर सावरकर अवॉर्ड को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा- मैं ये अवॉर्ड लेने नहीं जा रहा हूं। मुझे इसके बारे में केरल में रहते हुए मीडिया रिपोर्ट्स से ही जानकारी मिली। कांग्रेस सांसद ने कहा कि आयोजकों ने बिना पूछे मेरा नाम घोषित किया है। ऐसे में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। पूरी खबर पढ़ें…
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