DMK Protest Against CM Vijay: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ डीएमके का राज्यव्यापी प्रदर्शन; बताया 'घायल शेर'
तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विपक्षी दल डीएमके के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है। विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि, पूर्व सीएम एम. के. स्टालिन और मुरासोली मारन के खिलाफ की गई टिप्पणियों से नाराज डीएमके कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
डीएमके ने सीएम विजय के आरोपों को राजनीतिक हताशा करार देते हुए चेतावनी दी है कि पार्टी एक 'घायल शेर' की तरह है और सही समय आने पर इसका पूरा हिसाब चुकता किया जाएगा।
डीएमके नेताओं ने स्टालिन को बताया 'मिस्टर क्लीन'
चेन्नई में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ डीएमके नेता पी. के. शेखर बाबू ने पार्टी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के त्याग, व्यक्तित्व और मानवीय मूल्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्टालिन 'मिस्टर क्लीन' की छवि वाले नेता हैं, जिन्होंने हमेशा नैतिकता का पालन किया है। शेखर बाबू ने आरोप लगाया कि विधानसभा जैसे गरिमामय मंच पर मुख्यमंत्री विजय ने ऐसे बेदाग नेता पर बेबुनियाद व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले किए।
भ्रष्टाचार के आरोपों और फिल्मी संवादों पर तंज
विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय द्वारा सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के दस्तावेजों का हवाला देते हुए डीएमके के शासनकाल पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को पार्टी ने खारिज कर दिया। शेखर बाबू ने कहा कि मुख्यमंत्री का एक घंटे लंबा भाषण महज 'फिल्मी संवादों' से भरा था, जिसमें कोई तथ्य नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने इन आरोपों का जवाब देना चाहा, तो उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
आपातकाल (MISA) और जेल की सजा पर विवाद
विवाद की मुख्य वजह 7 सितंबर को विधानसभा में दिया गया मुख्यमंत्री विजय और कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार का बयान बना। मंत्री ने दावा किया था कि 1975-77 के आपातकाल के दौरान एम. के. स्टालिन को एमआईएसए (MISA) के तहत जेल में रखे जाने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। इस पर डीएमके ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि स्टालिन के 23 साल की उम्र में दिए गए बलिदानों और जेल की प्रताड़ना का विधानसभा में मजाक उड़ाया गया, जो बेहद निंदनीय है।
Anti Terror Operation J&K: जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़; एक आतंकवादी ढेर
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। डोडा जिले के भद्रवाह इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की जानकारी मिलने के बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। खुद को घिरता देख आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।
गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया तलाशी अभियान
सुरक्षा एजेंसियों को भद्रवाह के ऊपरी और जंगली इलाकों में कुछ संदिग्ध आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। जानकारी मिलते ही सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस के विशेष अभियान समूह ने इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया। जैसे ही सुरक्षा बल आतंकियों के ठिकाने के पास पहुँचे, झाड़ियों में छिपे आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
हथियार बरामद और अन्य आतंकियों की तलाश तेज
मुठभेड़ स्थल से मारे गए आतंकवादी का शव बरामद कर लिया गया है, जिसके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी जब्त किए गए हैं। मारे गए आतंकी की पहचान और उसकी संगठन संबद्धता का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में दो से तीन अन्य आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए जंगल के एक बड़े हिस्से में व्यापक घेराबंदी कर अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण बल तैनात कर दिए गए हैं।
जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में हाई अलर्ट
भद्रवाह और आसपास के इलाकों में आतंकी गतिविधियों की कोशिशों को देखते हुए पूरे डोडा, किश्तवाड़ और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर नए जांच चौकियां स्थापित की गई हैं और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा बलों का कहना है कि घाटी और जम्मू संभाग में शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को कड़ाई से विफल किया जाएगा।
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