Responsive Scrollable Menu

EV Maintenance: बैटरी की वारंटी खत्म होने के बाद कितना आएगा खर्च? जानें पूरी डिटेल

EV Maintenance: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय ग्राहकों के मन में बैटरी की लाइफ को लेकर कई सवाल रहते हैं। सबसे आम सवाल यह है कि क्या बैटरी की वारंटी खत्म होते ही EV चलना बंद कर देती है? ऐसा आमतौर पर नहीं होता। नए जमाने की लिथियम-आयन बैटरियां वारंटी अवधि के बाद भी कई वर्षों तक इस्तेमाल की जा सकती हैं। समय के साथ बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होती है, जिससे वाहन की ड्राइविंग रेंज प्रभावित होती है।

बैटरी वारंटी में क्या मिलता है?
भारत में ज्यादातर EV निर्माता बैटरी पर करीब 8 साल या 1.60 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देते हैं। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों और मॉडलों के अनुसार इसकी अवधि और शर्तें अलग हो सकती हैं। वारंटी में आमतौर पर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट, बैटरी फेलियर और तय सीमा से अधिक बैटरी डिग्रेडेशन शामिल होता है। कई कंपनियां बैटरी हेल्थ 70 प्रतिशत से नीचे जाने पर भी वारंटी कवरेज देती हैं।

वारंटी खत्म होने का मतलब बैटरी की उम्र खत्म होना नहीं है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि इसके बाद बैटरी से जुड़ी खराबी की मरम्मत या बदलाव का खर्च ग्राहक को उठाना पड़ सकता है।

बैटरी पुरानी होने पर क्या होता है?
बैटरी अचानक खराब होने के बजाय धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोती है। उदाहरण के लिए, करीब 400 किलोमीटर की रेंज वाली EV कई वर्षों के इस्तेमाल के बाद कम रेंज दे सकती है। वास्तविक गिरावट ड्राइविंग शैली, मौसम, चार्जिंग की आदत और बैटरी के रखरखाव पर निर्भर करती है।

बैटरी पुरानी होने पर ड्राइविंग रेंज में कमी, चार्जिंग में थोड़ा अधिक समय और बैटरी प्रतिशत के तेजी से कम होने जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, सामान्य स्थिति में कार की रोजमर्रा की उपयोगिता और एक्सेलरेशन पर बड़ा असर नहीं पड़ता।

बैटरी खराब होने पर क्या करें?
आधुनिक EV बैटरियां कई मॉड्यूल से बनी होती हैं। खराबी किसी एक मॉड्यूल में होने पर कुछ मामलों में केवल प्रभावित हिस्से को बदला जा सकता है। हालांकि, गंभीर खराबी में पूरा बैटरी पैक बदलना पड़ सकता है, जिसकी लागत वाहन के अनुसार कई लाख रुपये तक हो सकती है।

बैटरी की उम्र कैसे बढ़ाएं?
बैटरी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने के लिए रोजाना AC होम चार्जिंग को प्राथमिकता दें और DC फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें। बैटरी को लंबे समय तक पूरी तरह चार्ज या डिस्चार्ज स्थिति में न रखें। गर्म मौसम में वाहन को छाया में पार्क करना और समय पर सर्विस करवाना भी फायदेमंद है।

इसलिए केवल बैटरी वारंटी खत्म होने के डर से EV खरीदने से बचने की जरूरत नहीं है। पुरानी EV खरीदते समय वारंटी के साथ बैटरी हेल्थ, सर्विस रिकॉर्ड और चार्जिंग इतिहास की जांच करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।|

(मंजू कुमारी)

Continue reading on the app

Sun Images: क्या सूरज के रहस्य खुलने वाले हैं? पहली बार सामने आईं हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें, दिखे प्लाज्मा भंवर

Sun Surface Images: सूरज को इंसान सदियों से देखता आ रहा है, लेकिन उसकी सतह को इतनी बारीकी से पहले कभी नहीं देखा गया था। अब वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की बेहद हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें रिकॉर्ड की हैं, जिनमें पहली बार छोटे-छोटे घूमते हुए प्लाज्मा भंवर (Plasma Vortices) दिखाई दिए हैं। यह खोज सूरज से जुड़े सबसे बड़े वैज्ञानिक रहस्यों में से एक को समझने में अहम साबित हो सकती है।

पहली बार इतने करीब से दिखी सूरज की सतह
सूरज पृथ्वी से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। इसका अत्यधिक तापमान और तेज रोशनी इसकी सतह का बारीकी से अध्ययन करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली डेनियल के. इनोए सोलर टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की ऐसी तस्वीरें ली हैं, जिनमें बेहद छोटे-छोटे बदलाव भी साफ दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों में पहली बार प्लाज्मा के सूक्ष्म भंवर रिकॉर्ड किए गए हैं। 

आखिर क्या है सूरज का सबसे बड़ा रहस्य?
आमतौर पर किसी भी गर्म चीज से दूर जाने पर उसका तापमान कम होता जाता है, लेकिन सूरज के साथ ऐसा नहीं होता। सूरज की दिखाई देने वाली सतह, जिसे फोटोस्फीयर कहा जाता है, उसका तापमान लगभग 5,500 डिग्री सेल्सियस है।

वहीं, उसकी सबसे बाहरी परत कोरोना का तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा होता है। यानी सतह से दूर जाने पर तापमान कम होने के बजाय कई गुना बढ़ जाता है। आखिर ऐसा क्यों होता है, यही सवाल पिछले कई दशकों से वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है।

आखिर क्या है सूरज का सबसे बड़ा रहस्य?

क्या हैं प्लाज्मा भंवर?
सूरज पर मौजूद पदार्थ सामान्य गैस नहीं, बल्कि बेहद गर्म और ऊर्जा से भरे कणों का मिश्रण होता है, जिसे प्लाज्मा कहा जाता है। जब इसकी तेज और धीमी धाराएं आपस में टकराती हैं, तो छोटे-छोटे घूमते हुए भंवर बनते हैं। वैज्ञानिक इन्हें केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता (Kelvin-Helmholtz Instability) कहते हैं। ये भंवर सूरज की ऊर्जा को समझने की अहम कड़ी माने जा रहे हैं।

क्यों खास है यह खोज?
अब तक वैज्ञानिक इन भंवरों के बारे में सिर्फ कंप्यूटर मॉडल और गणितीय गणनाओं के आधार पर अनुमान लगाते थे। लेकिन पहली बार इन्हें वास्तविक तस्वीरों में देखा गया है।

इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि सूरज के अंदर ऊर्जा का प्रवाह कैसे होता है और उसका चुंबकीय क्षेत्र किस तरह काम करता है।

नई तस्वीरों में क्या दिखा?
नई हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में सूरज की सतह पर बेहद छोटे और घूमते हुए प्लाज्मा भंवर साफ दिखाई दे रहे हैं। ये संरचनाएं इतनी सूक्ष्म हैं कि पुराने टेलीस्कोप इन्हें रिकॉर्ड नहीं कर पाते थे। यही छोटी-छोटी संरचनाएं सूरज की ऊर्जा प्रणाली को समझने की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती हैं।

क्या अब सुलझेगा 70 साल पुराना रहस्य?
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस खोज पर और रिसर्च की जरूरत है। लेकिन पहली बार मिले इन प्रत्यक्ष सबूतों से उम्मीद बढ़ी है कि प्लाज्मा के ये सूक्ष्म भंवर ही सूरज के कोरोना की असामान्य गर्मी का राज खोलने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

सूरज की सतह से मिली नई तस्वीरों ने अंतरिक्ष विज्ञान को एक नई दिशा दी है। यह खोज न सिर्फ वैज्ञानिकों को सूरज की प्रक्रिया समझने में मदद करेगी, बल्कि बेहतर भविष्यवाणी और पृथ्वी की तकनीकी प्रणालियों को सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

यह भी पढ़ें: गुजरात के मोरबी में 'हिलता' कुआं बना रहस्य, भूकंप नहीं तो आखिर क्या है असली वजह?

Continue reading on the app

  Sports

NEWS18 इंडिया ‘जज़्बा, जड़ों से शिखर तक, 18 सितंबर को सजेगी भारतीय खेल जगत की महफिल

NEWS18 इंडिया का विशेष कार्यक्रम 'जज़्बा: जड़ों से शिखर तक' 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है. यह मंच सिर्फ जीत का जश्न मनाने के लिए नहीं, बल्कि छोटे शहरों व गांवों से निकले एथलीटों के कठिन संघर्ष, त्याग और अटूट हौसले को सलाम करने का माध्यम है. इस आयोजन में खेल जगत के दिग्गज, पैरा-एथलीट और नीति-निर्माता एक साथ जुड़कर भारतीय खेलों के वर्तमान, बुनियादी ढांचे और उज्ज्वल भविष्य से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन करेंगे. Thu, 17 Sep 2026 16:20:46 +0530

  Videos
See all

चोरी करने घुसा था देखिए कैसे फंस गया चोर | #Thief #viralvideo #Surat #CCTV #Shorts #Aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T11:44:25+00:00

असम में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, CMAAA से दो लाख तक सहायता | Assam News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T11:46:33+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers