मोदी के बाद पुतिन-जिनपिंग को ट्रंप की धमकी, कहा- सिर्फ अमेरिका से ही डरते हैं ये लोग
अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप, ग्रीनलैंड, वेनेजुला, रूस, चीन, भारत, कनाडा और नाटो यह सब अलग-थलग घटनाएं नहीं रही हैं। बल्कि एक ही बड़े वैश्विक टकराव की कई कड़ियां बन चुकी है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के बयान अब सिर्फ बयान नहीं रह गए। कनाडा ने इसे सीधी चेतावनी के रूप में लिया है। कनाडा की विदेश मंत्री ग्रीनलैंड जाने वाली हैं। ग्रीनलैंड में कनाडा दूतावास खोलने जा रहा है। यूरोपीय देश भी खुलकर ट्रंप के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं। कनाडा को यह एहसास हो चुका है कि आज ग्रीनलैंड कल कनाडा। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बन जाना चाहिए। यानी अब मामला मजाक या फिर बयानबाजी का नहीं रह गया। दुनिया पहले ट्रंप को हल्के में लेती थी। लेकिन वेनेजुला की घटना ने सबको जगा दिया। माधुरों को हटाया। वेनेजुला का ऑयल कंट्रोल में लिया। ट्रंप ने खुले शब्दों में कहा कि आई रन द कंट्री। यहीं से दुनिया को समझ में आ गया कि ट्रंप के शब्द आने वाली कारवाई है।
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ट्रंप ने अगला कदम उठाया है रूस और चीन को वेनेजुला से बाहर निकालने की चेतावनी। कहा गया है कि वेनेजुला, रूस, चीन, क्यूबा से आर्थिक रिश्ते तोड़े, यूएस ऑयल को प्राथमिकता देने का दबाव है। यानी साफ संदेश है। या तो अमेरिका के साथ रहो या हमारे खिलाफ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोहराया कि उन्होंने दुनिया भर में कई युद्धों को समाप्त किया है और अमेरिका के बिना नाटो का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस और चीन को बिना अमेरिका के नाटो से कोई डर नहीं है। उन्होंने टूथ सोशल पर लिखा, भागीदारी के बिना रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता। यह भी याद रखिए कि मैंने अकेले ही आठ युद्ध खत्म किए और नाटो का सदस्य होने के बावजूद नॉर्वे ने मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया।
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हालांकि अमेरिका के कदम के बाद चीन चुप बैठने वालों में से नहीं है। चीन वेनेजुला का सबसे बड़ा ऑयल खरीददार है। साल 2025 में रोज 6.13 लाख बैरल तेल चीन को मिलता है। चीन ने कहा कि हम अपने ऑयल टैंकरों की सुरक्षा करेंगे। यह सीधा संकेत है कि अगर जरूरत पड़ी तो चीन सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा सकता है। अब ट्रंप ने भारत को भी कहा कि रूस से तेल मत खरीदो। हम सस्ता तेल देंगे। यानी ऑयल के जरिए भारत पर भी दबाव बनाने की कोशिश। अगर यूरोप, कनाडा, चीन, रूस और ग्लोबल साउथ और भारत सब एकजुट हुए तो ट्रंप को रोका जा सकता है।
डोनाल्ड, प्लीज़ लोगों को मत बताना...रो-रो कर ट्रंप ने मैक्रों का मजाक बनाया, Video Viral
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को बड़ा दिखाने के लिए एक नई नई नीति लेकर आए हैं। खुद को बड़ा दिखाने के लिए वह दूसरे को नीचा दिखाना बहुत पसंद करते हैं। और इस बार उनके शिकार हुए कोई और नहीं बल्कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो। इमैनुअल मैक्रो की एक्टिंग करके डोनाल्ड ट्रंप ने एक सभा में दिखाई और उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कारवाई करनी शुरू की तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो रोते हुए गिड़गिड़ाते हुए उनसे यह कहने लगे कि आपकी जो भी डील है वह हमें मंजूर है और आप खुश हो जाइए। लेकिन प्लीज मैं आपके आगे हाथ जोड़ता हूं। जनता को मत बताइएगा। यह सब कुछ डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे और रोते हुए एक्टिंग कर रहे थे। यानी कि वो यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो उनके आगे घिगियाते हुए रोते हुए गिड़गिड़ाते हुए यह कह रहे थे कि वो अमेरिका की सारी शर्तें मानने को राजी हैं।
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दरअसल अमेरिका ने जब से ही टेरिफ लगाया है उसके बाद से दुनिया के तमाम देशों के साथ उसके नेगोशिएशंस चल रहे हैं। यूरोप के साथ भी अमेरिका ने डील की लेकिन पहले उस पर भी टैरिफ लगाया और जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त दुनिया के तमाम देशों के साथ व्यवहार करते हैं। उससे यह पता चलता है कि वह खुद को अब इस दुनिया का राजा समझने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को बड़ा दिखाने के लिए दूसरे को नीचा दिखाने से नहीं चूकते हैं। यही वजह है कि वह कभी किसी का मजाक उड़ाते हैं। कभी किसी के बारे में झूठ बोल देते हैं। हाल ही में एक और बड़ा झूठ जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोलते हुए नजर आए वो यह कि भारत ने अमेरिका को 68 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के आर्डर दिए थे। जबकि सच्चाई यह है कि आंकड़ा महज 28 है।
Trump mocks Macron:
— Clash Report (@clashreport) January 6, 2026
Emmanuel said to me: “Donalddd, you have a deal. I would like to increase my prescription drug prices by 200% or whatever. Whatever you want, Donald, please don’t tell the population, I beg you.”
Every country said the same thing. pic.twitter.com/hrAXWkKDD3
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