Ukraine's postal workers deliver lifeline under Russian fire | BBC News
Every morning Igor Smelyansky looks at a vast map of Ukraine on his office wall and decides where he should put his people in harm's way. His aides provide him with live intelligence about Russian attacks and he deploys his teams, balancing their potential operational success against risk to life or limb. But Smelyansky is no military commander. He is the head of Ukraine's state postal service, Ukrposhta. The BBC's James Landale follows the postal workers who are risking their lives. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #Ukraine #War #BBCNews
रिटायरमेंट की खबरों पर बोले अमिताभ बच्चन:'टाइम टू रिटायर' का मतलब सोने जाना था; जो बोला नहीं वो भी छप गया
एक्टर अमिताभ बच्चन ने काम से रिटायरमेंट लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। अपने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखी एक बात का मीडिया में गलत मतलब निकाले जाने पर अमिताभ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ किया कि ब्लॉग में लिखे अंग्रेजी वाक्य 'टाइम टू रिटायर' का मतलब देर रात सोने जाना था, न कि एक्टिंग से संन्यास लेना। अमिताभ ने मीडिया में सबसे पहले खबर देने की होड़ और बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की प्रवृत्ति पर भी तंज कसा है। इसके साथ ही उन्होंने गणेश चतुर्थी के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। 'टाइम टू रिटायर' का मतलब सोने जाना था, काम छोड़ना नहीं अमिताभ बच्चन के एक ब्लॉग पोस्ट के बाद मीडिया में उनके काम से दूरी बनाने और रिटायरमेंट लेने की चर्चा शुरू हो गई थी। इस पर सफाई देते हुए अमिताभ ने ब्लॉग में लिखा, "जी नहीं हुजूर, मैं काम से रिटायर नहीं हो रहा हूं।" उन्होंने बताया कि ब्लॉग के अंत में उन्होंने देर रात होने के कारण सोने जाने के संदर्भ में लिखा था कि अब सोने का समय हो गया है। लेकिन लोगों ने इसका गलत मतलब निकाल लिया और काम से संन्यास की खबरें चला दीं। 'अटेंशन पाने के लिए बात का गलत मतलब निकाला जाता है' अमिताभ ने खबरों में सबसे पहले बनने की होड़ पर सवाल उठाए। उन्होंने ब्लॉग में लिखा कि ध्यान और पैसा पाने की इस दौड़ में कई बार सच्चाई को अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने लिखा, "लोग सबसे पहले आने की बेचैनी में बात का गलत मतलब निकालते हैं, भले ही खबर देने वालों को भाषा की सही समझ न हो। इसे सच दिखाने के लिए फालतू बातें जोड़ दी जाती हैं। जब कंटेंट खरीदा हुआ होता है, तो उसकी लागत वसूलनी ही पड़ती है। यह बिजनेस है और सच्चाई को किनारे कर दिया जाता है।" लिखा- जो नहीं बोला था वो भी छप गया अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस विषय में दो पोस्ट किए। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "जो बोला था छप गया, जो नहीं बोला था वो भी छप गया! बोलो?" वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "जो कहते हैं, वो भाषा तो समझ नहीं पाते और अपनी मनगढ़ंत समझ को छापकर समझाने लगते हैं।" अमिताभ ने ब्लॉग के अंत में मजाकिया लहजे में लिखा कि वे अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनके इस ब्लॉग को तोड़-मरोड़कर क्या बनाया जाएगा। पोस्ट के बाद आईं रिटायरमेंट की खबरें दरअसल अमिताभ ने अपने एक ब्लॉग में लिखा था कि अब उनके लिए टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) होस्टिंग करना मुश्किल होता जा रहा है। उनके एक पोस्ट के बाद से ही उनके रिटायरमेंट की खबरों ने जोर पकड़ लिया था। उन्होंने बताया कि शो में आने वाले कई कंटेस्टेंट अपने जीवन के बेहद दुखद और गंभीर व्यक्तिगत किस्से सुनाते हैं। अमिताभ के मुताबिक, एक होस्ट के रूप में उन गहरी भावनाओं को संभालते हुए शो को आगे जारी रखना बहुत मुश्किल हो जाता है। ये खबर भी पढ़ें अमिताभ बच्चन बोले- खाली हाथ आए थे, ऐसे ही जाएंगे:बिग बी ने जिंदगी के ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर किया चिंतन, खुद से सवाल-जवाब किए एक्टर अमिताभ बच्चन ने हाल ही में जीवन और उसके अर्थ को लेकर एक नोट शेयर किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक पूरा दिन शांति में रहकर खुद से सवाल-जवाब करते हुए बिताया। पूरी खबर पढ़ें
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