Gaurav Khanna ही नहीं ये कंटेस्टेंट्स भी बीच में छोड़ चुके हैं Khatron Ke Khiladi, कोई स्टंट से डरा तो किसी ने की होस्ट से बदतमीजी
These Contestants Quitted Khatron Ke Khiladi: इंडिया में खतरों के खिलाड़ी (Khatro Ke Khiladi) और बिग बॉस ऐसे दो रियलिटी शो हैं, जिन्हें देखने को वाली ऑडियंस की संख्या बहुत बड़ी है. हर साल फैंस अपने फेवरेट्स को इन शो में देखने की चाह रखते हैं. अभी हाल ही में खतरों के खिलाड़ी से खबर आई थी कि टीवी के जाने-माने एक्टर गौरव खन्ना ने खतरों के खिलाड़ी 15 को बीच में ही छोड़ दिया. दरअसल उन्होंने बीते रविवार को अपनी कोहनी में चोट की वजह से शो छोड़ने का फैसला किया था. जिससे उनके फैंस काफी निराश हुए थे. हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं कि जब किसी ने शो को बीच में छोड़ा है, इस लिस्ट में ऐसे कई नाम हैं, जिनमें से किसी ने मर्जी से वॉक आउट किया था तो किसी ने होस्ट रोहित शेट्टी के साथ बदतमीजी की थी. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
गौरव खन्ना ने खुद किया था शो छोड़ने का फैसला
गौरव खन्ना शुरू से ही खतरों के खिलाड़ी में अपनी कंथे की चोट का जिक्र करते नजर आए थे. जिसकी वजह से वह कई स्टंट को बड़ी मुश्किल से पूरा कर पाए. लेकिन शुरुआत में वह शो के एक स्टंट को कंधे में आए अचानक झटके की वजह से पूरा नहीं कर पाए. जिसके बाद उन्हें शो से बाहर होना पड़ा. लेकिन बाद में उनकी वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई. फिर भी वह अपने कंधे और हेल्थ को लेकर परेशान नजर आए. इसी के चलते उन्होंने बीते रविवार के स्टंट को पूरा करने के बाद भी शो से बाहर होने का फैसला किया.
विशाल आदित्य को चोट की वजह से होना बाहर
इसी शो में बिहार के रहने वाले जाने-माने एक्टर विशाल आदित्य सिंह ने भी हिस्सा लिया था. हालांकि, वह शो में ठीक आए थे, जब उन्होंने स्टंट किया तो उनका कंधा उतर गया था. इसके बाद मेकर्स ने उन्हें रिकवरी के लिए खुद टाइम दिया था. बाद उन्होंने भी गौरव की तरह वाइल्ड कार्ड एंट्री की थी. इतना ही नहीं जब वह दोबारा आए तो उन्हे कंधे की परेशानी से जूझना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, स्टंट को परफॉर्म करते वक्त विशाल को लिगामेंट टीयर (Ligament Tear) की चोट लग गई. बता दें कि इससे पहले विशाल आदित्य सिंह केकेके सीजन 11 का भी हिस्सा रह चुके हैं. उन्होंने शो में काफी प्यार मिला था.
जैस्मिन भसीन ने भी छोड़ा था बीच में शो
जैस्मिन भसीन टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, उन्होंने कई रियलिटी शो में हिस्सा ले रखा है. जैस्मिन ने इस बार खतरों के खिलाड़ी 15 में तीसरी बाहर हिस्सा लिया है. इस सीजन में उन्होंने स्टंट अबोर्ट किया था लेकिन रोहित शेट्टी और उनके बॉयफ्रेंड अली गॉनी के समझाने के बाद उन्होंने शो में दोबारा आने का फैसला किया था. सीजन 15 से पहले वह सीजन 9 में भी शो को बीच में ही छोड़कर चली गई थीं. जानकारी के मुताबिक, उस दौरान उन्हें कुछ मेडिकल प्रॉबलम्स की वजह से शो बीच में छोड़ना पड़ा था.
आसिम रियाज ने की थी रोहित शेट्टी संग बदतमीजी
कश्मीर के रहने वाले आसिम रियाज अक्सर किसी न किसी वजह से विवाद में रहते हैं. उनके बारे में बात की जाए तो उन्होंने सीजन 14 में शो के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ बदतमीजी की थी. इस दौरान दोनों के बीच तगड़ी बहस हुई और उन्हें शो से बाहर कर दिया गया था. ऐसा कहा जाता है कि आसिम अक्सर हर शो में विवाद करते नजर आते हैं. उनका हर बार किसी न किसी से विवाद या झगड़ा हो ही जाता है. ये बात टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने भी की थी. आपको ये भी बताते चलें कि आसिम खतरों के खिलाड़ी के ऐसे पहले कंटेस्टेंट रहे हैं, जिन्हें खुद रोहित शेट्टी ने बाहर किया था.
सिद्धार्थ शुक्ला और विकास गुप्ता इसलिए हुए बाहर
बिग बॉस 13 विनर और दिवंगत टीवी एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला ने खतरों के खिलाड़ी सीजन 7 में हिस्सा लिया था. शो में वह काफी अच्छा करते हुए नजर आए लेकिन उनकी टांग में आई इंजरी और इन्फेक्शन की वजह से सिद्धार्थ को डॉक्टर्स ने आराम करने की सलाह दी थी. जिसके बाद उन्होंने वाइल्ड एंट्री कर ट्रॉफी अपने नाम की थी. सिद्धार्थ के अलावा खतरों के खिलाड़ी सीजन 9 में विकास गुप्ता ने भी शो को बीच में छोड़ा था. बताया जाता है कि उन्होंने कंधे की पुरानी चोट की वजह बिना बताए ही पेनकिलर्स ले ली थी. जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया था. इस कारण उन्हें शो से बाहर होना पड़ा था.
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Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख
तेल से मालामाल खाड़ी देश सऊदी अरब एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। यह संकट तब पैदा हुआ जब पिछले हफ़्ते हूथी विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। सऊदी अरब के सहयोगियों खासकर मक्का समझौते में शामिल पाकिस्तान के यमन संकट में दखल देने से इनकार करने की खबरों के बीच, रियाद ने इज़राइल का रुख किया है; एक ऐसा देश जिसे वह एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर भी मान्यता नहीं देता है। तेल अवीव से छपने वाले दैनिक अखबार द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल और सऊदी अरब के बीच US सेंट्रल कमांड की मध्यस्थता में बातचीत हुई। इस बातचीत का मकसद खुफिया जानकारी देकर रियाद को हूथी सेना के खिलाफ अपना बचाव करने में मदद करना था।
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एक अन्य अखबार इज़राइल हायोम ने रिपोर्ट दी कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हूथी हमलों के खिलाफ मदद के लिए खाड़ी के अन्य देशों और मिस्र से अपील की थी। हायोम के अनुसार, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री MBS ने US Centcom के ज़रिए इज़राइल से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के लिए खतरों से जुड़ी खुफिया जानकारी में मदद मांगी। सऊदी अरब इज़राइल को एक स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता नहीं देता है और यरूशलेम के साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। फिर भी, इज़राइल के साथ उसका संपर्क भले ही वह अप्रत्यक्ष हो। उस संकट के बड़े पैमाने को दिखाता है जिसमें रियाद यमन में फँसा हुआ है। इसके अलावा, रियाद की अपीलों पर ज़्यादातर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में अंसार अल्लाह के लड़ाकों पर सीधे हमले करने से इनकार कर दिया है और इसके बजाय क्रमशः खुफिया जानकारी में मदद और सैन्य सलाहकार देने की पेशकश की है।
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इससे भी अहम बात यह है कि पाकिस्तान, जो सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का डिफेंस अलायंस का हिस्सा है, ने कथित तौर पर यमन में हूतियों से लड़ने के लिए पाकिस्तानी सेना या संसाधनों को तैनात करने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय, इस्लामाबाद ने साफ़ कर दिया है कि उसकी सेना सऊदी इलाके की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन विदेशी ज़मीन पर लड़ाई वाले अभियानों में हिस्सा लेने को लेकर उसने एक 'रेड लाइन' (सीमा) तय कर दी है।
सऊदी अरब संकट में क्यों है?
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हफ़्तों तक सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कभी-कभार ड्रोन और मिसाइल हमले करने के बाद, अंसार अल्लाह मिलिटेंट्स ने पिछले हफ़्ते यमन में अचानक हमला किया और सऊदी-समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट के सारे विरोध को खत्म कर दिया। हूथी के इस तेज़ हमले से मिलिशिया का रेड सी कोस्ट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के द्वीपों पर कब्ज़ा हो गया। इसके बाद, हूथी नेताओं ने घोषणा की कि जुलाई से सऊदी शिपिंग पर लगी नाकेबंदी जारी रहेगी, जबकि अमेरिका समेत दूसरे देशों के जहाजों को आज़ादी से आने-जाने की इजाज़त होगी। 'गेट ऑफ़ टीयर्स' (Gate of Tears) के बंद होने – जिससे रियाद को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान की किसी भी नाकेबंदी से बचने का रास्ता मिलता था – और किंगडम के विशाल पाइपलाइन नेटवर्क पर हमलों के कारण, सऊदी अरब अब ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है जहाँ तेल निर्यात करने की उसकी क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, या पूरी तरह से रुक भी सकती है।
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