सेवा संकल्प अभियान क्या है? PM मोदी के जन्मदिन से होगी शुरुआत; एक महीने चलेंगे जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम
Seva Sankalp Abhiyan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने वाले हैं. इस अवसर पर बीजेपी ने देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' के आयोजित का एलान किया है. इस अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ होगी. ये कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक देश के सभी राज्यों में चलाया जाएगा. इस दौरान जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन होगा.
अक्टूबर 2021 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे पीएम मोदी
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे. यही वह दिन था जब नरेंद्र मोदी ने सीएम के रूप में अपने राजनीतिक सफर के अहम पड़ाव को पार किया था. अक्टूबर 2026 में इस जिम्मेदारी को संभाले हुए उन्हें 25 साल पूरे हो जाएंगे. बीजेपी ने इस अवसर को केवल राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर मनाने के बजाय सेवा और जनभागीदारी से जोड़ने की योजना बनाई है.
एक महीने तक चलेंगे सेवा से जुड़े कार्यक्रम
पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे.
इस दौरान ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ कैंप आयोजित करने की भी योजना है. इन शिविरों में लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में मदद दी जाएगी.
छात्रों के लिए भी आयोजित किए जाएंगे कार्यक्रम
बीजेपी इस अभियान के दौरान युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी पर भी जोर दे रही है. ऐसे में स्कूलों में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला और भाषण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाएगा. इसके अलावा ‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रम भी कराए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के जरिए सरकार की योजनाओं और विकास से जुड़े मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.
50 स्थानों पर दिखाया जाएगा बदलाव
इस अभियान के तहत ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ भी प्रस्तावित है. इसके लिए देशभर में करीब 50 ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जिन्हें बीजेपी मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए बदलाव और विकास के उदाहरण के रूप में पेश करना चाहती है. इन स्थानों में गुजरात की GIFT City और बस्तर जैसे इलाकों को शामिल किया गया है. इसके साथ ही सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन जगहों का दौरा कराने की तैयारी है, जिससे वहां हुए बदलावों और विकास कार्यों को डिजिटल माध्यम के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सके.
17 अक्टूबर को समाप्त होगा अभियान
बता दें कि एक महीने तक चलने वाले इस अभियान का समापन 17 अक्टूबर को बड़े कार्यक्रम के साथ किया जाएगा. इस दिन बीजेपी ने 'जनसेवक महाकुंभ' आयोजित करने की भी योजना बनाई है. जिसमें पंचायत से लेकर संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है. वहीं समापन कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम' की सभी छह छंदों को गाने का भी कार्यक्रम है. बता दें कि इस कार्यक्रम के जरिए बीजेपी पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को जनसेवा, विकास और जनभागीदारी से जोड़कर लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है. इस अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में आम नागरिकों की भागीदारी को भी प्रमुखता दी जाएगी.
हनुमान अंश मेकर्स की अगली फिल्म राम बोला पर विवाद:एक ही टॉपिक पर एक साथ दो फिल्में अनाउंस, कोर्ट जाएगा टाइटल विवाद; जानिए पूरा मामला
फिल्म हनुमान अंश डायरेक्ट करने वाले डॉक्टर विशाल चतुर्वेदी ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर अगली फिल्म राम बोला की घोषणा की है। उनकी ये फिल्म महाकवि तुलसीदास की जिंदगी पर आधारित होगी, लेकिन इसी दिन, इसी टाइटल पर दूसरी फिल्म की भी घोषणा हो गई, जिससे दो मेकर्स के बीच टाइटल का विवाद शुरू हो गया है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने प्रोडक्शन हाउस महावीर जैन के साथ राम बोला अनाउंस की। इसी समय डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी फिल्म राम बोला की घोषणा की। पोस्ट में बताया गया कि इसे चंद्रप्रकाश द्विवेदी डायरेक्ट करेंगे, जबकि मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी इसे प्रोड्यूस करेंगी। एक ही टाइटल और एक ही टॉपिक पर दो फिल्में अनाउंस होने पर विवाद हो गया। इस विवाद पर महावीर जैन से जुड़े एक करीबी सूत्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है कि फिल्म राम बोला का टाइटल डॉक्टर विशाल चतुर्वेदी के नाम पर रजिस्टर है। वह कुछ समय पहले महावीर जैन के पास इस फिल्म का आइडिया लेकर पहुंचे थे, जिसके बाद इस फिल्म पर काम शुरू हुआ। फिल्म बनाने के राइट्स विशाल चतुर्वेदी और महावीर जैन प्रोडक्शन के पास हैं। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने विशाल चतुर्वेदी द्वारा फिल्म की घोषणा करने पर आपत्ति जताई और कहा कि इस फिल्म के टाइटल के राइट्स उनके पास हैं। उन्होंने दावा किया है कि कुछ समय पहले ही उन्होंने महावीर जैन से इस फिल्म पर बातचीत की थी, जिसके बाद उन्होंने खुद इस फिल्म पर अधिकार जताते हुए इसकी घोषणा कर दी, जबकि राइट्स उनके पास हैं। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि वो पिछले कुछ महीनों से महावीर जैन से इस फिल्म पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने महावीर जैन को एक मेल और 8 मिनट का एक वीडियो भी भेजा था। चंद्रप्रकाश द्विवेदी का कहना है कि अब इस विवाद का फैसला राइटर एसोसिएशन और अदालत में होगा। बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना रही फिल्म हनुमान अंश पहले हफ्ते डिजास्टर घोषित होने वाली फिल्म हनुमान अंश रिलीज के 38 दिनों बाद भी बंपर कमाई कर रही है। इसने 39वें दिन यानी छठे सोमवार को 8 करोड़ 25 लाख रुपए का कलेक्शन किया है। जबकि इससे पहले रविवार को फिल्म ने 22 करोड़ कमाए थे। अब फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 279 करोड़ हो चुका है। 2026 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी हनुमान अंश इस कलेक्शन के साथ ये 2026 में रिलीज हुई तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। कमाई के मामले में इसने मिर्जापुर, आवारापन 2, भूत बंगला, कॉकटेल 2 और बंटवारा 1947 जैसी फिल्मों को भी पीछे कर दिया है।
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