Veg Franky Roll: बच्चों की फेवरेट बनेगी ये टेस्टी वेज फ्रैंकी, घर पर इस तरीके से बनाएं बाजार जैसा रोल
Veg Franky Roll: बच्चों के टिफिन या शाम के स्नैक्स में रोज क्या बनाया जाए, यह अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है। अगर बच्चा सब्जियां खाने में आनाकानी करता है, तो वेज फ्रैंकी रोल एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें स्वादिष्ट मसालेदार सब्जियों की फिलिंग को रोटी में लपेटकर रोल तैयार किया जाता है, जिसे बच्चे आसानी से हाथ में लेकर खा सकते हैं।
वेज फ्रैंकी को घर पर बनाना भी मुश्किल नहीं है। इसके लिए आटा, कुछ पसंदीदा सब्जियां और घर में मौजूद मसालों की जरूरत होती है। आप इसमें बच्चों की पसंद के हिसाब से पनीर, चीज या स्वीट कॉर्न भी शामिल कर सकते हैं। खास बात यह है कि कम समय में तैयार होने वाला यह रोल नाश्ते, टिफिन या शाम के स्नैक्स के लिए बढ़िया ऑप्शन है।
वेज फ्रैंकी बनाने के लिए सामग्री
- 4 रोटियां या पतली पराठे
- 1 गाजर
- 1 शिमला मिर्च
- 1 छोटा प्याज
- 1 छोटा उबला हुआ आलू
- 1/2 कप पत्तागोभी
- 2 बड़े चम्मच स्वीट कॉर्न
- 2 बड़े चम्मच टोमैटो सॉस
- 1 छोटा चम्मच चाट मसाला
- 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
- नमक स्वादानुसार
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- थोड़ा नींबू का रस
वेज फ्रैंकी रोल बनाने का तरीका
ऐसे तैयार करें वेज फ्रैंकी की फिलिंग
सबसे पहले गाजर, शिमला मिर्च, प्याज और पत्तागोभी को बारीक काट लें। एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें प्याज डालकर हल्का भूनें। अब इसमें गाजर, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और स्वीट कॉर्न डालकर तेज आंच पर कुछ मिनट पकाएं।
इसके बाद इसमें उबला हुआ आलू डालें। नमक, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और चाट मसाला डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। सब्जियों को बहुत ज्यादा गलाने के बजाय हल्का क्रंची रखें। आखिर में थोड़ा नींबू का रस डालकर गैस बंद कर दें।
रोल को इस तरह दें फ्रैंकी वाला स्वाद
अब एक रोटी या पराठे को तवे पर हल्का गर्म करें। इसके ऊपर थोड़ा टोमैटो सॉस फैलाएं और बीच में तैयार की हुई सब्जियों की फिलिंग रखें। अगर बच्चे को पसंद हो तो ऊपर से थोड़ा कद्दूकस किया हुआ चीज या पनीर भी डाल सकते हैं।
रोटी के दोनों किनारों को अंदर की तरफ मोड़ते हुए इसे कसकर रोल कर लें। चाहें तो रोल को बटर या थोड़ा तेल लगाकर तवे पर हल्का सेंक सकते हैं। इससे बाहर से हल्का क्रिस्पी टेक्सचर आएगा और फ्रैंकी का स्वाद और बढ़ जाएगा।
बच्चों के टिफिन के लिए है बढ़िया ऑप्शन
वेज फ्रैंकी को छोटे-छोटे रोल में काटकर टिफिन में रखा जा सकता है। साथ में टोमैटो सॉस या बच्चों की पसंद की हल्की डिप दें। फिलिंग में अलग-अलग सब्जियां शामिल करके इसे हर बार थोड़ा अलग स्वाद भी दिया जा सकता है।
अगर बच्चों को तीखा पसंद नहीं है तो लाल मिर्च कम रखें। वहीं पनीर या चीज मिलाने से रोल ज्यादा क्रीमी और स्वादिष्ट बन सकता है। घर पर तैयार होने की वजह से आप तेल और मसालों की मात्रा भी अपनी जरूरत के अनुसार रख सकते हैं।
फ्रैंकी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
रोटी बहुत मोटी न रखें, वरना रोल आसानी से नहीं लिपटेगा। सब्जियों को ज्यादा पकाने से फिलिंग पानी छोड़ सकती है, इसलिए उन्हें तेज आंच पर कम समय में पकाना बेहतर है। रोल को पैक करने से पहले थोड़ा ठंडा कर लें, ताकि वह नरम होकर टूटे नहीं।
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लेखक: (कीर्ति)
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शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत दिलाएगी भगवान गणेश की पूजा
ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या की अवधि को जीवन का कठिन समय माना जाता है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिषी के अनुसार, साढ़ेसाती और ढैय्या के समय भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने की सलाह देते हैं।
गणेशोत्सव के समय, सच्चे मन से गणपति की साधना करने से शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और जीवन में आ रही हर तरह की रुकावटें भी दूर होती हैं। आइए आपको बताते हैं कैसे भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना करें।
ज्योतिष के अनुसार, शनि देव न्याय और कर्मफल के देवता माने जाते हैं। वहीं, भगवान गणेश सभी विघ्नों को हरने वाले विघ्नहर्ता हैं। जब भी किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव होता है, तो उसे मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट और आर्थिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
शनि दोष में गणेश पूजा का महत्व और लाभ
शनि जनित कष्ट दूर होना- साढ़ेसाती या ढैय्या के समय नियमित रुप से गणेश जी की पूजा करने और उन्हें दूर्वा अर्पित करने से शनि जनित कष्टों में भारी कमी आती है।
सद्बुद्धि और सही निर्णय- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि ग्रह का संबंध अनुशासन से हैं और गणेश जी बुद्धि तथा सिद्धि के दाता है। जब गणेश जी की कृपा जातक को मिलती है, तो सही निर्णय लेने की सद्बुद्धि मिलती है, जिससे कर्म में सुधार होता है।
विघ्नों का नाश- भगवान गणेश जी की आराधना से शनि देव प्रसन्न होते हैं। इस पूजा से मानसिक शांति प्रदान होती हैं और जीवन में चल रही बाधाएं दूर होती हैं।
क्या दान करें?
अगर आप शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम करने के लिए सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है। इसलिए शनिवार के दिन स्नान के बाद शनिदेव की पूजा-अर्चना करने के बाद, मंदिर में जरुरतमंदों को सरसों के तेल का दान करें। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त आप वस्त्र और धन का दान करना काफी शुभ माना जाता है। इससे धन में वृद्धि होती है।
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