Rainbow Modak Recipe: बप्पा के भोग में भरें रंग और मिठास, बनाएं गुलकंद रेनबो मोदक
Gulkand Rainbow Modak Recipe: गणपति बप्पा के भोग में मोदक तो हर साल बनते हैं, लेकिन इस बार इन्हें दें थोड़ा रंगीन और स्वादिष्ट ट्विस्ट। गुलकंद की खुशबू और इंद्रधनुष जैसे रंगों से तैयार ये मोदक पूजा की थाली की रौनक बढ़ाने के साथ मेहमानों को भी खूब पसंद आ सकते हैं।
अगर आप इस गणेश चतुर्थी पर पारंपरिक मोदक से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो गुलकंद वाले रेनबो मोदक एक बढ़िया विकल्प हैं। ये देखने में आकर्षक लगते हैं और घर पर आसानी से तैयार किए जा सकते हैं।
गुलकंद रेनबो मोदक बनाने के लिए सामग्री
- मावा या खोया
- गुलकंद
- पिसी हुई चीनी
- नारियल का बुरादा
- इलायची पाउडर
- कटे हुए ड्राई फ्रूट्स
- अलग-अलग रंगों के फूड कलर
- मोदक का सांचा
- सजाने के लिए पिस्ता या बादाम
ऐसे बनाएं गुलकंद रेनबो मोदक
1. मोदक का मिश्रण तैयार करें
सबसे पहले एक पैन में मावा डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। मावा का रंग न बदले, इसका ध्यान रखें। अब इसमें नारियल का बुरादा और पिसी चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
2. इसमें डालें गुलकंद
मिश्रण कि गर्माहट कम होने के बाद इसमें गुलकंद और इलायची पाउडर डालें। ड्राई फ्रूट्स में काजू, बादाम या पिस्ता भी मिला सकते हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर फिलिंग तैयार कर लें।
3. रेनबो लुक देने की तैयारी
अब तैयार मिश्रण को अलग-अलग हिस्सों में बांट लें। हर हिस्से में अपनी पसंद का थोड़ा-सा फूड कलर मिलाएं। आप गुलाबी, पीला, हरा, नारंगी जैसे रंगों का इस्तेमाल करके मोदक को रेनबो लुक दे सकते हैं।
4. सांचे में भरें मिश्रण
अब मोदक के सांचे में अलग-अलग रंगों के मिश्रण की छोटी-छोटी परतें रखें। इसे हल्के हाथ से दबाकर सांचे का आकार दें। इसके बाद सांचा खोलकर मोदक को सावधानी से बाहर निकाल लें।
5. ड्राई फ्रूट्स से करें सजावट
इसी तरह बाकी मोदक तैयार कर लें। अंत मेंं पसंद के ड्राई फ्रूट्स से सभी मोदकों पर सजावट करें।
बप्पा के भोग में खास लगेगा ये मोदक
गुलकंद की खुशबू और रंग-बिरंगा लुक इस मोदक को सामान्य मिठाइयों से अलग बनाता है। अगर आप गणेश चतुर्थी के भोग में कुछ ऐसा रखना चाहते हैं जो बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करे, तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
इन बातों का ध्यान रखें
- मोदक के मिश्रण को बहुत गर्म हो तो सांचे में न भरें, ठंडा होंने दें।
- साथ ही फूड कलर की मात्रा कम रखें, ताकि रंग बहुत तेज न हो।
- सांचे से मोदक निकालते समय इसे ज्यादा दबाने से बचें, वरना इसकी शेप बिगड़ सकती है।
गणपति भोग में इस बार बप्पा को पारंपरिक मोदक के साथ कुछ नया खिलाना है, तो गुलकंद रेनबो मोदक आपके भोग की प्लेट को खास और रंगीन बना सकते हैं।
यह भी पढ़ें: अपनी फोटो को दें बप्पा वाला लुक, इन AI Prompts से बनाएं शानदार तस्वीर
Multani Mitti Uses: चेहरे का ग्लो बढ़ाने के लिए मुल्तानी मिट्टी लगाते हैं? इस तरीके से करें यूज, वरना स्किन हो सकती है ड्राई
Multani Mitti Uses: चेहरे की अतिरिक्त ऑयलनेस और चिपचिपाहट से परेशान लोग अक्सर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। यह त्वचा को कुछ समय के लिए साफ, फ्रेश और मैट लुक देने में मदद कर सकती है। यही वजह है कि घरेलू स्किन केयर में मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है।
लेकिन हर बार चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाना या इसे त्वचा पर पूरी तरह सूखने तक छोड़ देना सही तरीका नहीं है। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल त्वचा की नमी कम कर सकता है, जिससे ड्राईनेस, खिंचाव और जलन महसूस हो सकती है। लंबे समय तक त्वचा में नमी की कमी रहने पर महीन रेखाएं और झुर्रियां ज्यादा नजर आ सकती हैं। इसलिए ग्लो पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है।
ऑयली स्किन वालों के लिए हो सकती है फायदेमंद
मुल्तानी मिट्टी ऑयली त्वचा पर अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकती है। इससे चेहरा कुछ समय के लिए साफ और कम ऑयली दिखाई देता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि इसे रोजाना चेहरे पर लगाया जाए। त्वचा की जरूरत के हिसाब से ही इसका इस्तेमाल करना बेहतर है।
पूरी तरह सूखने तक न छोड़ें
मुल्तानी मिट्टी लगाने की सबसे आम गलती है इसे चेहरे पर तब तक छोड़ना, जब तक यह पूरी तरह सूखकर खिंचने न लगे। इससे त्वचा में रूखापन और खिंचाव बढ़ सकता है। खासकर ड्राई या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इस तरीके से बचना चाहिए।
मुल्तानी मिट्टी को चेहरे पर लगाकर हल्का सूखने दें और बहुत ज्यादा खिंचाव महसूस होने से पहले सामान्य पानी से धो लें। चेहरे को रगड़कर साफ करने से भी बचें।
मुल्तानी मिट्टी में मिलाएं मॉइश्चराइजिंग चीज
अगर त्वचा रूखी या सामान्य है तो मुल्तानी मिट्टी को अकेले लगाने के बजाय इसमें त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजिंग सामग्री मिलाई जा सकती है। जैसे दही या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते इनसे आपको पहले से कोई एलर्जी या जलन न होती हो।
ऑयली स्किन के लिए भी बहुत ज्यादा मात्रा में मुल्तानी मिट्टी लगाने के बजाय पतली परत लगाना बेहतर है।
लगाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूरी
मुल्तानी मिट्टी धोने के बाद चेहरे को धीरे से सुखाएं और अपनी त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जिनकी त्वचा जल्दी ड्राई हो जाती है। दिन में बाहर निकलना हो तो सनस्क्रीन लगाना भी न भूलें।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
बहुत ड्राई, संवेदनशील या पहले से जलन वाली त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी परेशानी बढ़ा सकती है। चेहरे पर सक्रिय रैश, कट या संक्रमण हो तो घरेलू फेस पैक लगाने से बचें। पहली बार इस्तेमाल करने पर छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी बेहतर है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








