भास्कर अपडेट्स:गुवाहाटी में पत्नी का सिर काटकर फ्रिज में रखने वाले की भी मौत, पुलिस की वैन से कूदा; गई जान
गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के आरोपी रामानुज गोस्वामी की सोमवार तड़के पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में पुलिस की वैन का टायर पंचर हो गया था। इसी दौरान मौका पाकर रामानुज हथकड़ी लगी हालत में ही वैन से कूदकर भागने लगा। भागने के दौरान वह गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान दोपहर को उसकी मौत हो गई। आज की अन्य बड़ी खबरें... केदारनाथ में भूस्खलन के बाद निकाले 6500 यात्री, 700 घोड़े-खच्चर भी बचाए गए केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोमवार को चीरबासा हेलीपैड के पास भूस्खलन होने से हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी इस दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही थम गई थी। हाईवे के दूसरी ओर यात्री फंस गए थे, जिनमें से 6500 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। 600 से 700 घोड़े-खच्चरों को भी सुरक्षित रास्ते से पार करा लिया गया है। दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: 2 पीजी संचालकों को 12 दिन की जेल दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने पीजी संचालक सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी। ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट ट्विंकल खन्ना ने सोमवार को यह आदेश दिया। शुभम त्यागी इसी कोर्ट में वकालत भी करता है। सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। मामले में पीजी बिल्डिंग के मालिक पति-पत्नी और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को भी गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में संदिग्ध आतंकी हैंडलर की संपत्ति कुर्क जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पुलिस ने सोमवार को एक संदिग्ध आतंकी हैंडलर की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आतंकवाद और उससे जुड़े सहायता नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। थन्नामंडी के नियाली निवासी नजरत हुसैन के खिलाफ थन्नामंडी पुलिस थाने में EIMCO अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले के तहत उसकी संपत्ति पर कार्रवाई की गई। कुर्क की गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपए है।
‘पत्नी को दूसरों संग आपत्तिजनक पोजिशन में देखना’…अवैध संबंध नहीं:पटना हाईकोर्ट ने खारिज की तलाक की अर्जी, 'अवैध संबंध' के 4 आधार क्या हैं जानिए
सिर्फ पत्नी को किसी अन्य पुरुष के साथ 'आपत्तिजनक पोजिशन' में देख लेने से अवैध संबंध (व्यभिचार) साबित नहीं होता। 'आपत्तिजनक पोजिशन' और 'फिजिकल रिलेशन बनाना'- दोनों शब्दों के बीच बहुत बड़ा अंतर है। पटना हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए तलाक की अर्जी खारिज कर दी। पूरा मामला क्या है, कैसे तय होता है अवैध संबंध, कोर्ट ने क्यों बरी किया; जानेंगे, बूझे की नाही में...। सवाल-1: आपत्तिजनक पोजिशन और तलाक का यह पूरा मामला क्या है? जवाबः समस्तीपुर के रहने वाले युवक की शादी मधुबनी की युवती से 2 जुलाई 2006 को हुई थी। शादी के बाद पति-पत्नी दोनों बहुत खुश थे। 2010 में दोनों को एक बेटा भी हुआ। इसके बाद दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ गए। पति के आरोपों के मुताबिक, पत्नी का अपनी बड़ी बहन के पति (जीजा) के साथ अवैध संबंध था। एक बार हमने दोनों को आपत्तिजनक पोजिशन में देख लिया। इसका विरोध किया तो वह भड़क गई। फिर हमारे साथ क्रूरता करने लगी। मधुबनी फैमिली कोर्ट ने 4 अप्रैल 2024 को पत्नी की बातों को सही मानते हुए तलाक की अर्जी खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट के इसी फैसले को पति ने पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी और तलाक की मांग की थी। जिसे 3 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। और फैमिली कोर्ट के फैसले को ही बहाल रखा। सवाल-2: हाईकोर्ट ने क्या कहते हुए तलाक देने से इनकार कर दिया? जवाबः 3 सितंबर 2026 को याचिका खारिज करते हुए जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह ने कहा, 'आपत्तिजनक पोजिशन' और 'यौन संबंध बनाना' दोनों अलग-अलग चीजें हैं। याचिकाकर्ता शारीरिक संबंध (सेक्सुअल इंटरकोर्स) का कोई ठोस सबूत नहीं दे पाया।’ जस्टिस चौधरी और जस्टिस सिंह ने फैसला सुनाते हुए 5 बड़ी बातें कही… सवाल-3: …तो ‘अवैध संबंध’ कैसे साबित होगा? जवाबः इस केस का फैसला सुनाते हुए पटना हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय 'हरगोविंद सोनी बनाम रामदुलारी- 1985' फैसले का जिक्र किया है। फैसले के पैराग्राफ-6 में कहा गया है कि अदालत में किसी पर अवैध संबंध (व्यभिचार) का आरोप लगाना और उसे साबित करना कानूनी रूप से बहुत ही कठिन है। चूंकि अवैध संबंध के मामलों में कोई सीधा सबूत (जैसे वीडियो या प्रत्यक्षदर्शी) मिलना लगभग असंभव होता है, इसलिए अदालतें मुख्य रूप से 4 तरह के साक्ष्यों पर भरोसा करती हैं... सवाल-4: हिन्दू कपल के तलाक का नियम क्या है? जवाबः हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13(1)ia में क्रूरता को तलाक लेने का प्रमुख कानूनी आधार बताया गया है। इसमें 2 तरह की क्रूरता का जिक्र है। 1. फिजिकल क्रूरता पार्टनर के साथ मारपीट करना। शारीरिक चोट पहुंचाना या हमला करना। जान का खतरा या गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने की धमकी देना। 2. मानसिक क्रूरता मानसिक क्रूरता वह व्यवहार है जिससे पार्टनर का मानसिक सुकून छिन जाए। इसके 8 तरीके हैं...
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 










