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BRICS FAQ: क्या है ब्रिक्स, कितने देश हैं सदस्य, भारत कितनी बार बना अध्यक्ष? 10 सवालों में जानें पूरी जानकारी

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स को लेकर इन दिनों पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। साल 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस दौरान समूह से जुड़े कई अहम मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में आपके मन में भी सवाल होगा कि आखिर BRICS क्या है, इसकी शुरुआत कब हुई, इसमें कितने देश शामिल हैं और भारत की इसमें क्या भूमिका है?

BRICS सिर्फ उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और 2024-25 में इसके विस्तार के बाद इसमें सदस्यों और पार्टनर देशों की संख्या भी बढ़ी है। आइए, BRICS के बारे में 10 जरूरी सवालों और उनके आसान जवाबों के जरिए इसे समझते हैं।

1. BRICS क्या है?

BRICS दुनिया के प्रमुख उभरते बाजारों और विकासशील देशों का एक समूह है। वर्तमान में इसमें 11 सदस्य देश शामिल हैं—ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।

BRICS का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाना तथा वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ विचार-विमर्श करना है। समय के साथ BRICS का एजेंडा भी काफी व्यापक हुआ है। अब इसमें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और कई दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है।

2. BRICS की स्थापना कब हुई थी?

BRICS की शुरुआत BRIC के रूप में हुई थी। वर्ष 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान BRIC देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई। इसी के साथ इस समूह को औपचारिक रूप मिला। इसके बाद पहला BRIC शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ।

साल 2010 में BRIC में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करने पर सहमति बनी। दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में चीन के सान्या में आयोजित तीसरे शिखर सम्मेलन में पहली बार हिस्सा लिया। इसके बाद समूह का नाम BRICS हो गया।

3. BRICS का विस्तार कब हुआ?

BRICS का पहला बड़ा विस्तार दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के साथ हुआ। इसके बाद समूह का विस्तार एक बार फिर 2024 में हुआ। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात BRICS के सदस्य बने। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS में शामिल हुआ। इस विस्तार के साथ BRICS का दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ गया।

BRICS के विस्तार को ऐसे समझें

साल  प्रमुख बदलाव
2006  
 
 BRIC को औपचारिक रूप मिला
2009  
 
 पहला BRIC शिखर सम्मेलन
2011    
 
दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ, BRICS बना
2024    
 
मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE शामिल हुए
2025    
 
इंडोनेशिया BRICS का सदस्य बना
2026    
 
भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है

4. BRICS के सदस्य देश कौन-कौन से हैं?

वर्तमान में BRICS में 11 सदस्य देश हैं:

  • ब्राज़ील
  • चीन
  • मिस्र
  • इथियोपिया
  • भारत
  • इंडोनेशिया
  • ईरान
  • रूस
  • सऊदी अरब
  • दक्षिण अफ्रीका
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

इन देशों को मिलाकर BRICS दुनिया के एक बड़े हिस्से की आबादी और अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है। यही वजह है कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में इस समूह की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

5. BRICS के पार्टनर देश कौन-कौन से हैं?

BRICS में सिर्फ सदस्य देश ही नहीं हैं। समूह ने पार्टनर कंट्री की व्यवस्था भी शुरू की है, जिसके जरिए दूसरे देशों को BRICS के साथ सहयोग का अवसर मिलता है।

2025 में BRICS के 10 पार्टनर देश शामिल हुए:

  • बेलारूस
  • बोलीविया
  • क्यूबा
  • कजाकिस्तान
  • मलेशिया
  • नाइजीरिया
  • थाईलैंड
  • युगांडा
  • उज्बेकिस्तान
  • वियतनाम

इससे BRICS का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और मजबूत हुआ है।

6. भारत कितनी बार BRICS का अध्यक्ष रहा है?

भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत ने 2012, 2016, 2021 में BRICS की अध्यक्षता की थी। भारत के लिए 2026 की अध्यक्षता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि BRICS का विस्तार हो चुका है और समूह का वैश्विक प्रभाव पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।

7. अब तक कितने BRICS शिखर सम्मेलन हो चुके हैं?

2025 तक BRICS के 17 शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ था।

BRICS के प्रमुख शिखर सम्मेलनों की सूची इस प्रकार है:

 शिखर सम्मेलन तारीख स्थान 
17वां        6-7 जुलाई 2025  रियो डी जनेरियो, ब्राज़ील
16वां       22-24 अक्टूबर 2024   कज़ान, रूस
15वां       22-24 अगस्त 2023   जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका
14वां         23-24 जून 2022 बीजिंग, चीन
13वां         9 सितंबर 2021 नई दिल्ली, भारत
12वां       17 नवंबर 2020   मॉस्को, रूस
11वां       13-14 नवंबर 2019   ब्रासीलिया, ब्राज़ील
10वां       25-27 जुलाई 2018   जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका
9वां         4-5 सितंबर 2017 ज़ियामेन, चीन
8वां        15-16 अक्टूबर 2016  गोवा, भारत
7वां         8-9 जुलाई 2015 उफ़ा, रूस
6वां         14-16 जुलाई 2014 फोर्टालेज़ा, ब्राज़ील
5वां         26-27 मार्च 2013 डरबन, दक्षिण अफ्रीका
4था        29 मार्च 2012  नई दिल्ली, भारत
3रा       14 अप्रैल 2011   सान्या, चीन
दूसरा      16 अप्रैल 2010   ब्रासीलिया, ब्राज़ील
पहला       16 जून 2009   येकातेरिनबर्ग, रूस

 8. BRICS में सहयोग के मुख्य क्षेत्र कौन से हैं?

शुरुआत में BRICS का फोकस मुख्य रूप से आर्थिक और वित्तीय सहयोग पर था। लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है। BRICS सहयोग को मुख्य रूप से तीन बड़े स्तंभों में समझा जा सकता है:

  • राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग
  • आर्थिक और वित्तीय सहयोग
  • लोगों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग

इनके अलावा BRICS में कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होती है, जैसे:

  • आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
  • जलवायु परिवर्तन
  • खाद्य सुरक्षा
  • ऊर्जा सुरक्षा
  • वैश्विक व्यापार
  • WTO से जुड़े मुद्दे
  • कृषि
  • श्रम और रोजगार
  • दूरसंचार
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था
  • वैश्विक आर्थिक स्थिति

यानी BRICS का काम अब केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई वैश्विक मुद्दों पर सहयोग का मंच बन चुका है।

9. 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम क्या है?

BRICS 2026 में भारत की अध्यक्षता की थीम है- “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability.” इसे सरल शब्दों में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण के रूप में समझा जा सकता है।

भारत की यह थीम ऐसे समय में सामने आई है जब BRICS का विस्तार हो चुका है और दुनिया कई आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत की अध्यक्षता का जोर ऐसे सहयोग पर है, जिसमें लोगों और मानवता को केंद्र में रखते हुए विकास, नवाचार और स्थिरता को आगे बढ़ाया जा सके।

10. BRICS 2026 के लोगो का क्या मतलब है?

भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का लोगो परंपरा और आधुनिकता के मेल को दर्शाता है। लोगो के केंद्र में कमल दिखाई देता है। भारतीय संस्कृति में कमल को पवित्रता, मजबूती और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। लोगो की पंखुड़ियों में BRICS के सदस्य देशों के जीवंत रंगों को शामिल किया गया है। ये रंग सामूहिक शक्ति, विविधता और एकता को दर्शाते हैं।

लोगो के केंद्र में 'नमस्ते' मुद्रा भी दिखाई देती है। यह भारत की गर्मजोशी, सम्मान और मिल-जुलकर काम करने की भावना को सामने रखती है। इस तरह BRICS 2026 का लोगो भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ एकता, सहयोग, विविधता और साझा प्रगति का संदेश देता है।

BRICS को एक लाइन में कैसे समझें?
अगर आसान भाषा में समझें तो BRICS दुनिया के प्रमुख उभरते और विकासशील देशों का ऐसा मंच है, जहां सदस्य देश आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर मिलकर सहयोग और विचार-विमर्श करते हैं। 2026 में भारत इसकी अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए इस साल BRICS Summit 2026 और इससे जुड़े फैसले भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी काफी महत्वपूर्ण हैं।

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तमिलनाडु: 10वीं की छात्रा की मौत, शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप; POCSO में गिरफ्तारी

चेन्नई। तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में 10वीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या से मौत के मामले में पुलिस ने उसके स्कूल के एक पुरुष शिक्षक को गिरफ्तार किया है। शिक्षक पर छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO Act (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों के अनुसार छात्रा अपने घर पर मृत पाई गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि छात्रा की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही। पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार की जानकारी सामने आई है।

शिक्षक गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने आरोपी शिक्षक की पहचान जगदीसन के रूप में की है। उसे बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून POCSO Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस छात्रा से जुड़े आरोपों और उसकी मौत की परिस्थितियों, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार की बात सामने आई है। हालांकि मामले की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बहस

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब तमिलनाडु में विपक्ष कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की ओर से हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध, हिरासत में मौत और ऑनर किलिंग जैसे मामलों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

विधानसभा में मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हर अपराध को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने अपराधों की रोकथाम और आरोपियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने को सरकार की प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार के शुरुआती 100 दिनों में सामने आए सभी अपराधों के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पिछली DMK सरकार पर नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।

मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए हेल्पलाइन

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक संकट, आत्महत्या के विचार या गंभीर भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा है, तो अकेले न रहें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Vandrevala Foundation Mental Health Helpline: 9999666555
TISS iCall: 022-25521111 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक)

आपात स्थिति में नजदीकी अस्पताल या स्थानीय आपातकालीन सेवा से तुरंत संपर्क करें।

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  Sports

Ajit Agarkar का कार्यकाल खत्म, BCCI Chief Selector पद के लिए Parthiv Patel चर्चा में

भारतीय क्रिकेट में चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बीसीसीआई की शुक्रवार को हुई वार्षिक आम बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि अगरकर का कार्यकाल आगे बढ़ना तय नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने अभी इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। माना जा रहा है कि महीने के अंत तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

बैठक के बाद बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि फैसला लेने के लिए अभी करीब 15 दिन का समय बाकी है। उन्होंने साफ किया कि अगरकर के कार्यकाल की समाप्ति की तारीख बोर्ड को पता है और इसी अवधि में आगे का निर्णय लिया जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है।

देवजीत सैकिया ने कहा कि क्रिकेट में 15 दिन का समय काफी होता है और बोर्ड जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर बोर्ड इस बारे में आधिकारिक जानकारी देगा। यानी फिलहाल अगरकर के पद पर बने रहने या हटने को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

अगरकर के भविष्य को लेकर अटकलें पिछले कुछ समय से लगातार चल रही हैं। इसी महीने भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए हुई बैठक में अगरकर की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, बोर्ड ने उनकी गैरमौजूदगी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। इसके बाद रोहित शर्मा से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। लॉर्ड्स में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले से पहले चयनकर्ताओं ने कथित तौर पर रोहित को टीम की आगे की योजनाओं में शामिल नहीं होने की जानकारी दी थी। बाद में बोर्ड के स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप की बात सामने आई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली में हाल ही में हुई सेलेक्शन मीटिंग के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबलों, ईरानी कप और भारत ए टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन किया गया था। बैठक सामान्य तरीके से हुई, लेकिन इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद यह अगरकर की चयन समिति के प्रमुख के तौर पर आखिरी बैठक हो सकती है।

अगर अगरकर का कार्यकाल खत्म होता है तो बोर्ड के लिए तुरंत नया प्रमुख चयनकर्ता नियुक्त करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले पद के लिए आवेदन मांगे जाएंगे, फिर उम्मीदवारों के नामों की जांच और बातचीत की प्रक्रिया होगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक महीने या उससे ज्यादा समय लग सकता है।

मौजूदा चर्चा में भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम अगले प्रमुख चयनकर्ता के तौर पर सामने आ रहा है। वहीं अंतरिम व्यवस्था में प्रज्ञान ओझा को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना की भी चर्चा है। ओझा ने मौजूदा चार अन्य चयनकर्ताओं की तुलना में भारत के लिए ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि, अभी इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

बता दें कि अंतिम फैसला बीसीसीआई के पदाधिकारियों को करना है और अगले करीब 15 दिनों में इस मामले पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। तब तक अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी हैं।

Fri, 18 Sep 2026 21:48:00 +0530

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