भारत जूनियर हॉकी एशिया कप के फाइनल में:मलेशिया को 3-1 से हराया, कप्तान अनमोल एक्का ने दो गोल किए
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। चीन के मोकी में शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने मलेशिया को 3-1 से हराया। कप्तान अनमोल एक्का ने दो गोल किए। भारत अब 13 सितंबर को होने वाले फाइनल में पाकिस्तान और साउथ कोरिया के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से खेलेगा। भारत इस टूर्नामेंट का डिफेंडिंग चैंपियन है और अब उसके पास लगातार तीसरी बार खिताब जीतने का मौका है। अनमोल के गोल ने बढ़त दिलाई पूल-ए में टॉप करने के बाद भारत का सामना सेमीफाइनल में पूल-बी की दूसरे नंबर की टीम मलेशिया से हुआ। मलेशिया ने अपने पूल में कजाकिस्तान और बांग्लादेश को हराया था, जबकि पाकिस्तान से उसे 5-2 से हार मिली थी। चीन के खिलाफ 1-0 की जीत के बाद उसने सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराया। कप्तान अनमोल एक्का ने दो गोल कर टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सुखविंदर ने भी गोल किया। मलेशिया की ओर से एम. राहुल ने एक गोल किया। भारत फाइनल तक कैसे पहुंचा? भारत को टूर्नामेंट के पूल-ए में साउथ कोरिया, जापान, चीनी ताइपे और इंडोनेशिया के साथ रखा गया था। टीम ने चार लीग मैचों में 3 जीत और 1 ड्रॉ के साथ 10 अंक हासिल किए और पूल में टॉप किया। साउथ कोरिया 9 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत ने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ 14-0 की बड़ी जीत से की। इस मैच में कप्तान अनमोल एक्का ने 4 और अजीत यादव ने 3 गोल किए, जबकि प्रभदीप सिंह ने 5 गोल दागे। दूसरे मैच में भारत का सामना जापान से हुआ। मुकाबला 3-3 से ड्रॉ रहा। इसके बाद टीम ने साउथ कोरिया को 7-3 से हराया। इस मैच में भी अनमोल एक्का ने 2 गोल किए और भारत ने आखिरी क्वार्टर में लगातार तीन गोल कर मुकाबला अपने नाम किया। पूल स्टेज के आखिरी मैच में भारत ने चीनी ताइपे को 15-0 से हरा दिया। अनमोल एक्का ने अकेले 6 गोल किए और सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। इस जीत के साथ भारत 10 अंकों के साथ पूल में पहले स्थान पर रहा। भारत ने पूल स्टेज में 39 गोल किए और सिर्फ 6 गोल खाए। एक मैच ड्रॉ रहा, जबकि बाकी तीनों में उसे जीत मिली। भारत लगातार तीसरी बार चैंपियन बनना चाहेगा भारत ने 2023 में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जूनियर एशिया कप का खिताब जीता था। इसके बाद 2024 में भी पाकिस्तान को फाइनल में 5-3 से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बना। 2024 का खिताब भारत का कुल पांचवां जूनियर एशिया कप खिताब था। भारत इससे पहले 2004, 2008 और 2015 में भी चैंपियन बन चुका है। 2023 की जीत के साथ उसने सबसे ज्यादा खिताब के मामले में पाकिस्तान को पीछे छोड़ा था और 2024 में अपना रिकॉर्ड पांचवां खिताब जीता। जूनियर वर्ल्ड कप का टिकट भी दांव पर जूनियर एशिया कप सिर्फ महाद्वीपीय खिताब की लड़ाई नहीं है। यह एशिया की टीमों के लिए FIH जूनियर वर्ल्ड कप की क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता भी है। इस बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारत, मलेशिया, पाकिस्तान और साउथ कोरिया की टीमों ने 2027 जूनियर वर्ल्ड कप के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। ------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में:बांग्लादेश को 40 रन से हराया; शेफाली ने 64 रन बनाए, दीप्ति के 3 विकेट भारत 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराया। भारत 4 बार वनडे और अब छठी बार टी-20 फॉर्मेट के फाइनल में पहुंचा है। वनडे के चारों फाइनल भारत ने जीते हैं। टी-20 में टीम 2012, 2016 और 2022 में चैंपियन बनी, जबकि 2018 और 2024 में रनर-अप रही थी। पूरी खबर
काउंटी मैच में कुलदीप को 10 विकेट:फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा पहली बार किया, यॉर्कशायर ने एसेक्स को पारी और 106 रन से हराया
कुलदीप यादव ने लीड्स के हेडिंग्ले में एसेक्स के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मैच में 10 विकेट लिए। यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनके प्रदर्शन से यॉर्कशायर ने एसेक्स को पारी और 106 रन से हराया। यॉर्कशायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 390 रन बनाए। कुलदीप ने 94 गेंदों पर 36 रन भी बनाए। इसके जवाब में एसेक्स की पहली पारी 171 रन पर सिमट गई। कुलदीप ने 23 ओवर में 70 रन देकर 4 विकेट लिए। दूसरी पारी में 6 विकेट, एसेक्स 113 रन पर सिमटा फॉलोऑन खेलते हुए एसेक्स की दूसरी पारी में कुलदीप ने 16 ओवर में 50 रन देकर 6 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी के सामने एसेक्स की टीम 40 ओवर में 113 रन पर ऑलआउट हो गई। कुलदीप ने मैच में कुल 10 विकेट लिए और 120 रन दिए। यॉर्कशायर ने तीसरे दिन ही मुकाबला पारी और 106 रन से अपने नाम कर लिया। हेडिंग्ले की पिच ने कुलदीप को दिया फायदा कुलदीप ने मैच से पहले हेडिंग्ले की पिच को अपनी गेंदबाजी के लिए बेहतर बताया था। उन्होंने कहा था कि विकेट में पहले से तेजी थी, इसलिए उन्हें गेंद को ज्यादा तेज फेंकने की जरूरत नहीं पड़ी। गेंद में अच्छी स्पिन और सही टप्पा उनकी रणनीति का हिस्सा रहा। उन्होंने भारतीय पिचों से तुलना करते हुए कहा था कि भारत में विकेट धीमे होते हैं और बल्लेबाजों को गेंद खेलने के लिए ज्यादा समय मिलता है। हेडिंग्ले की तेजी के कारण बैकफुट पर जाने वाले बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट मिलने के मौके ज्यादा बने। काउंटी में कुलदीप के अलावा 8 और भारतीय खिलाड़ी 2026 काउंटी चैंपियनशिप में कुलदीप यादव के अलावा 8 भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग काउंटी टीमों के लिए खेल रहे हैं। इनमें मानव सुथार, युजवेंद्र चहल, जयदेव उनादकट, मयंक अग्रवाल, राहुल चाहर, आर साई किशोर, महिपाल लोमरोर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी शामिल हैं। टेस्ट टीम में दावेदारी मजबूत कुलदीप का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में स्पिन विभाग को लेकर विकल्प बढ़े हैं। आर अश्विन के संन्यास के बाद रवींद्र जडेजा टीम के अनुभवी स्पिन विकल्प हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर और मानव सुथार भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। कुलदीप ने अब लाल गेंद से इंग्लैंड में मैच जिताने वाला प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी फिर मजबूत की है। खास तौर पर 10 विकेट का यह प्रदर्शन बताता है कि वह सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी लंबे स्पेल में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। मानव सुथार अब तक 21 विकेट ले चुके हैं मानव सुथार ने वारविकशायर के लिए इस सीजन में शानदार गेंदबाजी करते हुए चार राउंड में 21 विकेट लिए हैं। हाल ही में हैम्पशायर के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 3/42 और दूसरी पारी में 4/52 के साथ मैच में सात विकेट लिए, जिससे वारविकशायर ने पारी और 129 रन से जीत दर्ज की। ग्लैमरगन के खिलाफ भी उन्होंने दोनों पारियों में तीन विकेट लिए और एक भी रन नहीं दिया। युजवेंद्र चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए डरहम के खिलाफ मैच में नौ विकेट लिए, जिसमें पहली पारी में 4/36 और दूसरी पारी में 5/84 शामिल रहे। वहीं, जयदेव उनादकट ने ससेक्स के लिए खेलते हुए इस सीजन में 12 विकेट लिए हैं। राहुल चाहर सरे टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने अब तक नौ विकेट लिए हैं। युजवेंद्र चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेलते हुए नौ विकेट लिए हैं। मयंक अग्रवाल ने डरहम के लिए डेब्यू मैच में 36 और 48 रन की पारियां खेलीं। वहीं, आकिब नबी ने सरे के लिए काउंटी डेब्यू करते हुए दोनों पारियों में एक-एक विकेट लिया और अपने पहले काउंटी विकेट के रूप में कुलदीप यादव को आउट किया। -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में:बांग्लादेश को 40 रन से हराया; शेफाली ने 64 रन बनाए, दीप्ति के 3 विकेट भारत 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराया। भारत 4 बार वनडे और अब छठी बार टी-20 फॉर्मेट के फाइनल में पहुंचा है। वनडे के चारों फाइनल भारत ने जीते हैं। टी-20 में टीम 2012, 2016 और 2022 में चैंपियन बनी, जबकि 2018 और 2024 में रनर-अप रही थी। पूरी खबर
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