आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा।
मेष
लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। इज्जत और कार्य क्षमता बढ़ेगी। उच्चाधिकारी आपको मनचाही पोस्टिंग दे सकते हैं। आपका प्रभाव बढ़ाने वाला दिन है।
वृष
अनेक संभावनाएं एवं सफलताएं। चंद्रमा लाभकारी और सुखदायक है। स्वजनों के कल्याण कार्यों में व्यस्त रहेंगे। विषम परिस्थितियां खर्च बढ़ायेंगी।
मिथुन
व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा। स्वास्थ्य के लिए दिन ठीक नहीं है और धन के लिए भी। कर्तव्यनिष्ठ और न्यायप्रियता से प्रभाव बढ़ेगा। रोजगार व्यवसाय में नई स्थापना।
कर्क
अदालती मामलों में विजय मिलेगी। आपसी सहमति से विवाद सुलझेगा। उधार में दिया गया धन वापस नहीं मिलेगा। विश्वासघात से मन को ठेस पहुंचेगी।
सिंह
पिछले पूंजी निवेश का उत्तम लाभ मिलेगा। नौकरी-विवाह के अटके हुए काम बनेंगे। दिल, दिमाग का बोझ हल्का होगा। मिश्रित फल सुख भी, दुख भी।
कन्या
प्रियजनों से विवाद और कलह संभव है। आध्यात्म में रूचि बढ़ेगी और लाभ भी होगा। बाहरी लोग निजी जीवन में हस्तक्षेप कर सकते हैं। आज आपकी नई पहचान बन सकती है।
तुला
धन प्राप्ति की नई योजनाएं बनेगी। जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उदारता के कारण परायों का भी प्यार मिलेगा। काम की अधिकता से थकावट।
वृश्चिक
नेतृत्व में टीम को विशेष सफलता। आशा निराशा के झूले में रहेंगे। अटके हुए काम सरलता से बनेंगे। जरूरी कागजात या कीमती समान गुम होगा।
धनु
रोजगार व्यवसाय में नई स्थापना। जन सम्पर्क बढ़ेगा, धर्म गुरु का आर्शीवाद मिलेगा। प्रियजनों से विवाद और कलह संभव है। सांसारिक सुख सुविधाएं बढ़ेगी।
मकर
मित्रों और सहयोगियों से लाभ। काम पर ध्यान दें, अफवाहों से बचें। अपेक्षा से अधिक सफलता मिलने की खुशी। अनेक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे।
कुंभ
पुराने और नए परिचय से लाभ मिलेंगे। खतरों से खेलना हानिकर सिद्ध होगा। राहत मिलने की खबरें मिलेगी। बड़े लोगों से आपका संपर्क बढ़ेगा।
मीन
लोकप्रियता बढ़ेगी, जनसंपर्क व्यापक होगा। घर-परिवार में आनंद-दायक वातावरण रहेगा। पारिवारिक सहमति से प्रेम विवाह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति के विशेष योग।
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हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष व्रत हर महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ इस व्रत को रखता है, उसे सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। आइए आपको बताते हैं सितंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है।
प्रदोष व्रत कब है 2026 ?
हिंदू पंचांग के मुताबिक, द्वादशी तिथि का आरंभ 8 तारीख को दोपहर में 2 बजकर में 44 मिनट से होगा और 9 तारीख को 12 बजकर 31 मिनट तक द्वादशी तिथि रहेगी। जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। वहीं, प्रदोष काल से पहले ही त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी। 8 तारीख को ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
वैसे इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग भी है। इसलिए इस बार 8 सितंबर मंगलवार के दिन ही रखा जाएगा। इसको भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
वहीं, भौम प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त 8 सितंबर को शुभ चौघडिया दोपहर में 3 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 1 मिनट पर। फिर रात में लाभ चौघडिया रात में 8 बजकर 1 मिनट से 9 बजकर 21 मिनट पर है।
जाने प्रदोष व्रत का महत्व
माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही जमीन से जुड़े विवाद भी दूर होते हैं। यदि किसी व्यक्ति पर काफी ज्यादा कर्ज है, तो उन्हें यह व्रत जरुर रखना चाहिए।
वहीं, जमीन जायदाद से संबंधित मामलों को सुलझाने के लिए यह व्रत उत्तम माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव की कृपा के साथ-साथ व्यक्ति की कुंडली में मंगल की स्थिति को मजबूत करता है।
भौम प्रदोष वाले दिन भगवान शिव की पूजा के साथ ही हनुमान जी की पूजा करें। ऐसा करने से साधक के जीवन में सफलता के योग बनते हैं। इस दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी चोला चढ़ाने से चोला चढ़ाने से नकारात्मकता दूर होती है। इसके साथ ही, शनि की दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या दूर होती है।
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