राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, किसान बाहुल्य इलाकों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने दिखाई ताकत
किसान बाहुल्य इलाकों में निर्दलीयों का दिखा दम राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दबदबा देखने को मिला है, वहीं किसान बहुल क्षेत्रों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. राजस्थान निकाय चुनाव के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दबदबा रहा. पार्टी को विशेष रूप से छोटे कस्बों और आदिवासी बेल्ट में काफी सफलता हासिल हुई है. किसान बाहुल्य इलाकों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी ताकत दिखाई है. वहीं, प्रदेश के 10 नगर निगमों में हालात सामने आई है. 10 नगर निगमों में से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पांच पर जीत दर्ज की. इस दौरान कांग्रेस को 1 सीट हासिल हुई. चार नगर निगमों में त्रिशंकु के हालात रहे.
सीट की संख्या
बीजेपी-144
कांग्रेस -92
निर्दलीय- 16
नगर परिषद-47
बीजेपी-21
कांग्रेस -17
निर्दलीय- 9
इस चुनाव में भाजपा की सफलता के पीछे कई वजह बताई गई हैं.ऐसा माना जा रहा है कि युवाओं को नौकरी देने और पेपरलीक नहीं होने से भजनलाल सरकार को सफलता मिली. हालांकि, बड़े शहरों में यूजीसी के विरोध का असर पार्टी के प्रदर्शन पर देखने को मिला.
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर देखने को मिल रहा है. पार्टी बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने में नाकाम रही. इसके साथ संगठन के अंदर आपसी फूट, नीट पेपरलीक और युवाओं के मामलों पर खामोशी ने पार्टी को काफी नुकसान पहुंचाया.
निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना परचम लहराया
राजस्थान निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन किया. यहां पर 4 हजार से अधिक वार्डों में जीत दर्ज की. वहीं, कांग्रेस को 3450 से ज्यादा वार्डों में सफलता हासिल की, जबकि 2400 से अधिक वार्डों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना परचम लहराया.
भाजपा को हार का सामना करना पड़ा
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के इलाके बीकानेर में भाजपा की बड़ी हार देखने को मिली. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालावाड़ में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा. इस बीच, राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर नगर पालिका चुनाव का एक नतीजा चर्चा का विषय बन गया है.
यहां अलग-अलग वार्डों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के उम्मीदवारों को महज एक-एक वोट मिला. वहीं,खासबात है कि BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहे थे. यहां उनका खुद का वोट भी नहीं था. राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने नगर निकाय चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर जनता आभार व्यक्त किया है. उन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताया. सीएम भजनलाल ने कहा कि वह राजस्थान की जनता और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को दिल से आभार व्यक्त किया. पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से यह जीत संभव हुई है.
उत्तराखंड में सड़कों से हटेंगे गड्ढे और सुधरेंगे अस्पताल, सचिवालय में सीएम धामी ने दिए कड़े निर्देश
Uttarakhand News: उत्तराखंड में सड़कों की बदहाली और मानसून के बाद बिगड़ी स्थिति को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि जनता को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने प्रदेश की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को तय समय के भीतर गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण और मरम्मत के काम में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
15 अक्टूबर के बाद कभी भी होगा औचक निरीक्षण
सड़क मरम्मत के कार्यों में गति लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वे खुद जमीनी हकीकत परखने के लिए किसी भी समय सड़क मार्ग से यात्रा शुरू कर सकते हैं. इस दौरान वे सड़कों की स्थिति का औचक निरीक्षण करेंगे और जमीनी स्तर पर हुए काम को खुद देखेंगे. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जनपदों में सड़कों की लगातार समीक्षा करें. निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जाए ताकि काम केवल कागजों पर न दिखे बल्कि सड़कों पर इसका वास्तविक असर नजर आए.
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी विस्तृत ब्योरा लिया. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया से देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है. यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छता के पूरे प्रबंध किए जाएं. उन्होंने संबंधित जिलों के कप्तानों और प्रशासनिक अफसरों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने को कहा ताकि यात्रियों को किसी भी पड़ाव पर जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े. यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य चौकियों और एम्बुलेंस सेवाओं को हमेशा तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
जन जन की सरकार अभियान से घर बैठे समाधान
प्रशासन को जनता के सीधे संपर्क में लाने के लिए चलाए जा रहे जन जन की सरकार, जन जन के द्वार अभियान के तीसरे चरण की तैयारियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने दिशा निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम नागरिक को छोटे छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए. जो समस्याएं सामने आएं, उनका समाधान जितना संभव हो सके उसी समय मौके पर ही किया जाए.
सेवा संकल्प अभियान से बढ़ेगी जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के तहत तय कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता जनभागीदारी पर टिकी होती है. इसलिए इस अभियान में समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाए. सरकार की मंशा है कि दूरदराज के गांवों में बैठे अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी नीतियां पहुंचे. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पात्र लोगों को बिना किसी रुकावट के समयबद्ध तरीके से सहायता मिले. कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की सुस्ती या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
संक्रामक रोगों और स्वाइन फ्लू से बचाव के पुख्ता इंतजाम
मौसमी बदलाव और संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है. उन्होंने स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए समय रहते ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक मुआयना करें. अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयों, जरूरी जांच उपकरणों और साफ सफाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. स्वास्थ्य महकमे को निर्देश दिए गए हैं कि बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए नियमित तौर पर निगरानी रखी जाए.
समीक्षा बैठक में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सुशासन का मतलब जनता को राहत पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल सहित अन्य सचिव और विभागाध्यक्ष सचिवालय में मौजूद रहे. इसके अलावा सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे.
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