बारां नगर परिषद में AAP का परचम, 60 में से 31 सीटें जीतकर तोड़ा कांग्रेस का 15 साल का राज
बारां नगर परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के 15 साल पुराने बोर्ड को सत्ता से हटा दिया और सोमवार को घोषित नतीजों में 60 में से 31 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। बारां नगर परिषद में कांग्रेस को 18 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा नौ वार्ड तक सिमट गयी। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
परंपरागत रूप से बारां नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। बारां नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ ने ‘आप’ की ओर से स्थानीय निकाय चुनाव का नेतृत्व किया। राठौड़ ने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी।
बाद में वह भाजपा और कांग्रेस में भी रहे। ‘आप’ के स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद अब सभी की नजरें सभापति पद के लिए उम्मीदवार के चयन पर हैं। सभापति का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है।
राठौड़ की पत्नी शीतल राठौड़ ने भी वार्ड 37 से चुनाव जीता है और उन्हें सभापति पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वार्ड 46 से ‘आप’ उम्मीदवार कमल राठौड़ ने कहा, ‘‘बारां की जनता ने विकास को चुना है। बारां को पीछे धकेलने और जनता को परेशान करने वाले भ्रष्ट नेताओं को जनता ने नकार दिया है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो लक्ष्य तय किया था, उसमें सफल रही और अब लोगों की उम्मीदों को पूरा करना उसकी प्राथमिकता होगी।
हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव कैलाश जैन ने कहा कि पार्टी अपनी कमियों की समीक्षा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के केंद्रीय शासन और स्थानीय स्तर पर हस्तक्षेप के कारण नगर निकाय के कामकाज में बाधा आई। जैन ने कहा, ‘‘इन चुनावों में भाजपा की स्थिति हमसे भी खराब है।
राज्य में ढाई साल के भाजपा शासन के दौरान कांग्रेस के पास बोर्ड होने के बावजूद भाजपा ने हमारे नेताओं और सभापति के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए और सार्वजनिक विकास कार्यों में बाधा डाली। इस व्यवधान को लेकर जनता में पैदा हुई नाराजगी का असर चुनाव परिणामों पर पड़ा और इसका खमियाजा हमें भी भुगतना पड़ा।’’ भाजपा के बारां जिलाध्यक्ष नरेश सीकरवाल ने जनादेश स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी यह समीक्षा करेगी कि वह कहां पीछे रही और क्या गलतियां हुईं। राज्य के 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 4,179 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्ड मिले।
भाजपा ने 10 नगर निगमों में से चार में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42, माकपा ने 38, बसपा ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्ड जीते। इन चुनावों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं समेत कुल 309 शहरी स्थानीय निकाय शामिल थे।
HFCL का बड़ा फैसला, क्षमता विस्तार के लिए Capex बढ़ाकर 1800 करोड़ रुपये किया
दूरसंचार उपकरण विनिर्माता एचएफसीएल ने ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर केबल और इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘प्रीफॉर्म’ की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अपने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 1,800 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, कंपनी के निदेशक मंडल ने ऑप्टिकल फाइबर के लिए 46 लाख फाइबर किलोमीटर सालाना, ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए 56.4 लाख फाइबर किलोमीटर सालाना और प्रीफॉर्म के लिए 300 टन सालाना की अतिरिक्त क्षमता विस्तार को मंजूरी दी है।
कंपनी ने बताया, ‘‘प्रस्तावित क्षमता विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजीगत व्यय लगभग 820 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस निवेश का वित्तपोषण आंतरिक साधनों, प्रवर्तक एवं प्रवर्तक समूह की इकाइयों को वारंट जारी कर और वित्तीय संस्थानों से कर्ज के जरिये किया जाएगा।’’ एचएफसीएल ने बताया कि यह प्रस्तावित क्षमता विस्तार निदेशक मंडल द्वारा पहले ही स्वीकृत 980 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के अतिरिक्त है, जिससे क्षमता विस्तार की इन पहल के लिए कुल नियोजित पूंजीगत व्यय बढ़कर लगभग 1,800 करोड़ रुपये हो गया है।
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