Responsive Scrollable Menu

Mukhyamantri Scooty Yojana: 19 सितंबर को CM डॉ. मोहन यादव देंगे 7500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी, जानें किसे मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं में शानदार प्रदर्शन करने वाले 7500 से ज्यादा विद्यार्थियों को 19 सितंबर को ई-स्कूटी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत शिक्षण सत्र 2025-26 के पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में सुबह 10 बजे से होगा।

इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दिया जाता है। इसमें किसी एक संकाय की बाध्यता नहीं है, सभी संकायों के पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ ले सकते हैं।

सिर्फ 70% अंक काफी नहीं, स्कूल में पहला स्थान भी जरूरी

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की पात्रता में एक अहम शर्त है। विद्यार्थी को 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंकों के साथ पास करने के साथ अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करना जरूरी है। यानी केवल 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक आने से ही विद्यार्थी योजना के लिए पात्र नहीं हो जाएगा।

सरकार ने इस योजना को सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया है। ई-स्कूटी मिलने से खासकर उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

इस बार 7500 से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ

शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेशभर के 7500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम से ई-स्कूटी वितरण की शुरुआत करेंगे।

अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत अब तक प्रदेश के 23 हजार से अधिक पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है। योजना के संचालन पर राज्य सरकार करीब 246 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। अब इसमें 2025-26 के पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया जा रहा है।

Continue reading on the app

Hindi Diwas 2026: CM पुष्कर सिंह धामी बोले- किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रहे हिंदी, विज्ञान-तकनीक और डिजिटल दुनिया में भी बढ़े दायरा

देहरादून: हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी को बदलती तकनीक और भविष्य की जरूरतों के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक का दौर है। ऐसे में हिंदी को केवल पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे विज्ञान, तकनीक, शोध और डिजिटल दुनिया की भी मजबूत भाषा बनाना होगा।

कार्यक्रम में साहित्यकारों, लेखकों, भाषाविदों, विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए सीएम धामी ने हिंदी को राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों के बीच संवाद का सेतु बनकर ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत किया है।

नई तकनीक सीखें, अपनी भाषा पर गर्व भी रखें

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नई तकनीक और दूसरी भाषाएं सीखने के साथ अपनी हिंदी और मातृभाषा पर गर्व बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल हिंदी को दुनिया के हर मंच तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए। सीएम धामी ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। हिंदी दिवस अपनी भाषा, राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव पर गर्व करने का अवसर भी है।

उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार भी होती है। जो समाज अपनी भाषा को सहेजता है, वह अपनी संस्कृति और पहचान को भी सुरक्षित रखता है।

उत्तराखंड की लोकभाषाओं को भी सहेजेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने हिंदी के साथ उत्तराखंड की लोकभाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, भोटिया, थारू और बंगाणी जैसी लोकभाषाओं और बोलियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बताया।

उत्तराखंड की साहित्यिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने राष्ट्रकवि सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत ‘शिवानी’, कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल और प्रसून जोशी के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय भाषाओं, साहित्य और साहित्यकारों के संरक्षण एवं सम्मान के लिए काम कर रही है।

साहित्यकारों को 5.51 लाख रुपए तक सम्मान राशि

राज्य सरकार ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ के तहत जीवनभर साहित्य साधना करने वाले साहित्यकारों को 5 लाख रुपए की सम्मान राशि दे रही है। वहीं, ‘साहित्य भूषण’ पुरस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को 5 लाख 51 हजार रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है।

‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ के जरिए हिंदी के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, पंजाबी और उर्दू सहित अलग-अलग भाषाओं के साहित्यकारों को भी सम्मानित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘बुके नहीं, बुक देंगे’ पहल का भी जिक्र किया। इसके जरिए पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ रचनाकारों को पुस्तक प्रकाशन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। भाषा संस्थान के माध्यम से उत्तराखंड के अप्रकाशित और अलग-अलग जगह बिखरे साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

साहित्यिक प्रतियोगिताओं के 126 विजेता विद्यार्थी सम्मानित

हिंदी दिवस समारोह में साहित्यिक और रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं के 126 विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, भाषा विभाग के सचिव उमेश नारायण पांडे और निदेशक भाषा मायावती ढकरियाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय संस्कृति और भाषाओं को वैश्विक मंचों पर नई प्रतिष्ठा मिली है। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों पर गर्व के साथ नई तकनीक को अपनाकर हिंदी का दायरा और व्यापक किया जा सकता है।

Continue reading on the app

  Sports

वरुण चक्रवर्ती एशियन गेम्स से बाहर हुए तो कौन लेगा जगह? कुलदीप समेत रेस में 3 नाम

Varun Chakravarthy ruled out: अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के बीच वरुण चक्रवर्ती की चोट ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है. साइड स्ट्रेन के कारण वह सीरीज के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं और एशियन गेम्स में उनके खेलने पर भी सवाल खड़ा हो गया है. ऐसे में आइए उन तीन नामों के बारे में जानते हैं जो वरुण चक्रवर्ती के टूर्नामेंट से बाहर होने की स्थिति में टीम में आने की रेस में शामिल हैं. Mon, 14 Sep 2026 22:59:32 +0530

  Videos
See all

Manoj Yadav On UCC | Rashtravad | ओवैसी पर क्या बोले मनोज यादव, AIMIM प्रवक्ता को आया गुस्सा ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-14T19:54:29+00:00

Is it possible to slow AI development down? | BBC Newscast #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-14T20:00:24+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers