Ganesh Chaturthi 2026: शिल्पा शेट्टी से लेकर सुनीता आहूजा तक, इन सेलेब्स ने किया बप्पा का ग्रैंड वेलकम
Ganesh Chaturthi 2026: देशभर में हर साल की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. टीवी और बॉलीवुड इंडस्ट्री के सेलेब्स ने भी अपने घर पर बप्पा का ग्रैंड वेलकम किया है. सोशल मीडिया पर सेलेब्स के कई फोटो और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वह गणपति बप्पा का वेलकम करते हुए नजर आए. जहां एक तरफ सुनीता आहूजा गोविंदा के बिना अकेले गणपति का स्वागत करती नजर आईं तो शिल्पा शेट्टी अपने पति राज कुंद्रा के साथ गणति को घर लेकर आईे. इसके साथ ही करण वाही और ऋत्विक धनजानी ने स्मृति ईरानी के आइकॉनिक अंदाज़ में गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन में पुरानी यादों का तड़का लगाया. आइए जानते हैं कि किन-किन सेलेब्स ने कैसे अपने घर पर गणपति का वेलकम किया.
सुनीता आहूजा ने किया गणपित का वेककम
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) ने हर बार की तरह इस बार भी गणपति बाप्पा का स्वागत किया. हालांकि, इस बार उनके साथ गोविंदा मौजूद नहीं थे लेकिन जब उनके घर बाप्पा पहुंचे तो उनकी खुशी देखते ही बनी. वो सड़क पर ही ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमतीं-नाचतीं नजर आईं. गणपति की भक्ति में डूबीं सुनीता ने पूरे पारंपरिक अंदाज में बाप्पा का शानदार स्वागत किया. उनके चेहरे की खुशी देखकर साफ था कि उनके लिए ये पल कितना खास और भावुक है. फैंस को भी सुनीता का ये अंदाज खूब पसंद आया.
शिल्पा शेट्टी ने पति संग किया बप्पा का शानदार वेलकम
शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाती हैं. इस बार भी वह इको-फ्रेंडली गणपति की मूर्ति घर लाई. एक्ट्रेस इस मौके पर पारंपरिक परिधान पहने में नजर आईं, जिसमें वह बहुत खूबसूरत लग रही हैं. उनके चेहरे पर बप्पा के स्वागत की खुशी साफ झलकती नजर आई. इस मौके पर उनके साथ पति राज कुंद्रा भी मौजूद रहे और दोनों ने मिलकर बप्पा का स्वागत किया. बारिश के बावजूद पूरे जोश और उल्लास के साथ उत्सव की शुरुआत हुई.
अर्जुन बिजलानी ने किया गणपति का भव्य अंदाज में स्वागत
टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी (Arjun Bijlani) ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर अपने घर पर पूरे हर्षोल्लास और भव्य अंदाज में गणपति बप्पा का स्वागत किया है. एक्टर पिछले 10 सालों से लगातार हर साल अपने घर पर बप्पा की मूर्ति स्थापित करते आ रहे हैं और पूरी श्रद्धा के साथ उनकी आरती व पूजा-अर्चना करते हैं. इस बार भी उन्होंने ढोल-नगाड़ों और फेस्टिव माहौल के बीच अपनी फैमिली और करीबियों के साथ मिलकर गणपति बप्पा की घर में एंट्री कराई.
अंकिता लोखंडे ने भी किया बप्पा का वेलकम
अंकिता लोखंडे भगवान गणेश की मूर्ति घर लाने शॉप पर पहुंची थी. इस दौरान एक्ट्रेस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वारयल हुआ. इसके बाद उन्होंने अपने घर पर बप्पा का वेलकम किया. वह बप्पा की मूर्ती की पूजा अर्चना भी करती नजर आईं. उनक चेहरे पर बप्पा का स्वागत करने के टाइम खुशी साफ झलकती नजर आईं.
ऋत्विक और करण वाही ने खास अंदाज में किया बप्पा का स्वागत
टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी और करण वाही ने इस साल गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने हाथों से इको-फ्रेंडली यानी मिट्टी की गणपति बप्पा की मूर्ति बनाई और उनका स्वागत किया. मूर्ति बनाने के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर एक बहुत ही मजेदार वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने मशहूर टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के अंदाज में घर के सदस्यों और बप्पा की झलक दिखाई. इस खास मौके पर उनके साथ रुहानिका धवन और उनके दोस्त भी बप्पा की भक्ति और मस्ती में डूबे नजर आए.
दिशा सालियान केस में CBI जांच शुरू, मुंबई पुलिस से मांगे रिकॉर्ड; FIR के बाद कई सवालों पर होगी नए सिरे से पड़ताल
Disha Salian Case: दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद यह मामला एक बार फिर जांच के केंद्र में है. बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के अहम आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है. हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से और विस्तृत जांच के लिए CBI को FIR दर्ज करने तथा जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज CBI को सौंपने का भी निर्देश दिया.
छह साल बाद CBI के हाथ में जांच
8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद दिशा सालियान की मौत हुई थी. उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report यानी ADR दर्ज की थी. बाद में पुलिस की जांच में मौत को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया, लेकिन मामले को लेकर लगातार सवाल उठते रहे.
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने मुंबई पुलिस के मालवणी थाने से केस से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे हैं. इनमें शुरुआती जांच से जुड़े दस्तावेज, घटनास्थल से संबंधित सामग्री और पुलिस के पास मौजूद अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI इन रिकॉर्ड के आधार पर यह समझने की कोशिश करेगी कि छह साल पहले हुई जांच में किन परिस्थितियों और सबूतों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया था और क्या किसी महत्वपूर्ण पहलू की जांच बाकी रह गई थी.
हाईकोर्ट ने क्यों माना कि CBI जांच जरूरी है?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में शुरुआती पुलिस जांच को लेकर कई गंभीर सवालों और विसंगतियों का उल्लेख किया. कोर्ट ने कहा कि दिशा सालियान की मौत से जुड़ी परिस्थितियों में ऐसी बातें सामने आती हैं जिनकी उचित और substantive investigation जरूरी है.
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि करीब छह साल तक मामले में नियमित FIR दर्ज नहीं हुई थी. कोर्ट के मुताबिक संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और सामने आए सवालों को देखते हुए FIR दर्ज कर विस्तृत जांच की आवश्यकता है.
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की हत्या होने का निष्कर्ष नहीं दिया है. कोर्ट ने किसी व्यक्ति को दोषी भी नहीं ठहराया है. अदालत ने केवल यह माना कि उपलब्ध परिस्थितियों और आरोपों की जांच के लिए पर्याप्त आधार है और सच्चाई का पता लगाने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है.
दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज
CBI जांच में अब एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया है. यह बयान मामले की नए सिरे से शुरू हुई जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सतीश सालियान ने अपने बयान में कई लोगों के नाम और घटनाक्रम से जुड़े अपने आरोपों एवं उपलब्ध तथ्यों के बारे में CBI को जानकारी दी है. उनके वकील की ओर से भी कई गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं.
हालांकि, पिता या उनके वकील की ओर से लगाए गए आरोपों को अभी जांच में साबित तथ्य नहीं माना जा सकता. इन आरोपों की पुष्टि या खंडन CBI की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा.
किन पहलुओं की हो सकती है जांच?
CBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि 8 जून 2020 की रात वास्तव में क्या हुआ था. इसके लिए जांच एजेंसी पुराने पुलिस रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल कर सकती है.
हाईकोर्ट के समक्ष शुरुआती जांच से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए गए थे. इनमें घटनास्थल की जांच, पंचनामा, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम से जुड़े तथ्य, चोटों की प्रकृति, घटनास्थल से संबंधित भौतिक साक्ष्य तथा मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जैसे पहलू शामिल बताए गए हैं.
छह साल बीत जाने के कारण CBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने साक्ष्यों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से दोबारा जांचना होगी. डिजिटल रिकॉर्ड, CCTV, मोबाइल डेटा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के मामले में उपलब्धता और प्रामाणिकता भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी.
क्या हत्या की थ्योरी की भी जांच होगी?
यही इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू है. दिशा सालियान की मौत के बाद से ही हत्या की आशंका और कई तरह के आरोप सार्वजनिक चर्चा में रहे हैं. अब CBI को यह देखना होगा कि क्या उपलब्ध साक्ष्य किसी संज्ञेय अपराध की ओर इशारा करते हैं या नहीं.
लेकिन मौजूदा स्थिति में यह कहना सही नहीं होगा कि CBI ने दिशा सालियान की हत्या की पुष्टि कर दी है. CBI जांच का उद्देश्य आरोप को साबित करना नहीं बल्कि सबूतों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाना है.
हाईकोर्ट ने भी इसी बात पर जोर दिया है कि किसी व्यक्ति को केवल आरोप या किसी बयान में नाम आने के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता. पर्याप्त जांच सामग्री मिलने के बाद ही किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आधार बन सकता है.
आदित्य ठाकरे और दूसरे नामों को लेकर क्या स्थिति?
दिशा सालियान के पिता की ओर से दिए गए बयानों और याचिका के संदर्भ में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे सहित कुछ अन्य लोगों के नाम सार्वजनिक चर्चा में आए हैं. हालिया मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पिता ने CBI के सामने अपने बयान में भी कुछ लोगों के नाम लिए हैं.
लेकिन यहां कानूनी स्थिति स्पष्ट रखना जरूरी है—किसी बयान में नाम लिया जाना अपने आप में आरोपी होने या अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है. हाईकोर्ट ने भी निर्देश दिया है कि पर्याप्त सामग्री के बिना किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए. इसलिए अब इन सभी दावों की जांच सबूतों के आधार पर CBI को करनी होगी.
सुशांत सिंह राजपूत से क्या है कनेक्शन?
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जबकि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को हुई. दोनों घटनाओं के बीच छह दिन का अंतर होने के कारण लंबे समय से दोनों मामलों को जोड़कर देखा जाता रहा है.
दिशा, सुशांत सिंह राजपूत के साथ उनके मैनेजमेंट से जुड़े काम के कारण भी जानी जाती थीं. इसी वजह से दोनों मामलों के बीच संभावित कनेक्शन को लेकर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं.
अब यदि CBI को जांच के दौरान दोनों घटनाओं के बीच कोई आपराधिक या तथ्यात्मक संबंध मिलता है तो उसे साक्ष्यों के आधार पर स्थापित करना होगा. फिलहाल दोनों मौतों के बीच किसी आपराधिक साजिश का न्यायिक रूप से स्थापित निष्कर्ष मौजूद नहीं है.
मुंबई पुलिस की पुरानी जांच भी CBI के रडार पर
CBI के लिए केवल दिशा की मौत की परिस्थितियां ही नहीं, बल्कि पहले हुई पुलिस जांच भी महत्वपूर्ण होगी. एजेंसी यह देख सकती है कि शुरुआती जांच में कौन-कौन से कदम उठाए गए, किन लोगों के बयान लिए गए, कौन से इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए और किन आधारों पर मामले को दुर्घटना या आत्महत्या की दिशा में देखा गया. मुंबई पुलिस से केस रिकॉर्ड मंगाने का उद्देश्य भी इसी पुराने जांच रिकॉर्ड की स्वतंत्र समीक्षा करना है.
अब आगे क्या होगा?
CBI की जांच अब कई चरणों में आगे बढ़ सकती है. सबसे पहले मुंबई पुलिस से पूरा रिकॉर्ड हासिल कर उसकी समीक्षा होगी. इसके बाद पुराने गवाहों और संबंधित व्यक्तियों के बयान लिए जा सकते हैं. मेडिकल, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिकॉर्ड की दोबारा जांच हो सकती है. इसके अलावा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और घटनास्थल से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है.
जांच में यदि CBI को किसी संज्ञेय अपराध के पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो आगे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और संबंधित अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में मामला बढ़ सकता है. दूसरी ओर यदि जांच में अपराध का पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलता है तो कानून के मुताबिक CBI संबंधित अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर सकती है.
छह साल पुराने केस में सबसे बड़ा सवाल
दिशा सालियान केस अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है जहां छह साल पुरानी जांच की दोबारा समीक्षा होगी. हाईकोर्ट ने जांच के दौरान सामने आई विसंगतियों को देखते हुए CBI को स्वतंत्र जांच का जिम्मा दिया है. अब इस जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा—क्या पुराने रिकॉर्ड और नए साक्ष्य मिलकर उस रात के घटनाक्रम की कोई ऐसी तस्वीर सामने लाते हैं जो पहले की जांच से अलग हो?
CBI की जांच से यह भी साफ हो सकेगा कि दिशा सालियान की मौत वास्तव में दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या किसी आपराधिक घटना से जुड़ी थी. फिलहाल इन तीनों संभावनाओं में से किसी एक को अंतिम सत्य बताना जल्दबाजी होगी.
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