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'मैं बहुत छोटी थी, मुझे पता नहीं था वो शादीशुदा हैं', Govinda संग अफेयर को लेकर Neelam Kothari ने तोड़ी चुप्पी

Neelam Kothari on Affair Govinda: हिंदी सिनेमा में 80 और 90 के दशक की कई ऐसी जोड़ियां रही हैं, जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया. इन्हीं में से एक जोड़ी थी गोविंदा और नीलम कोठारी की. दोनों ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला. गोविंदा और नीलम की जोड़ी ने कुल 14 फिल्मों में साथ काम किया जिसकी शुरुआत 1986 में आई फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी.

पर्दे पर दोनों की शानदार केमिस्ट्री के बीच उस दौर में उनके कथित अफेयर की खबरें भी खूब सुर्खियां बटोरती थीं. यहां तक कहा जाता था कि गोविंदा नीलम के प्यार में इस कदर दीवाने थे कि वो उनसे शादी करने के बारे में भी सोच रहे थे. हालांकि, उस वक्त गोविंदा पहले से शादीशुदा थे. अब कई दशक बाद नीलम कोठारी ने इन चर्चाओं पर खुलकर बात की है। 56 साल की नीलम ने बताया कि जब उनके और गोविंदा के रिश्ते को लेकर बातें हो रही थीं तब वो खुद काफी छोटी थीं. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उस समय पता ही नहीं था कि गोविंदा शादीशुदा हैं.

‘मुझे पता नहीं था कि वो शादीशुदा हैं’

नीलम कोठारी हाल ही में अपने पति और एक्टर समीर सोनी के साथ ‘टाइम्स नाउ’ को इंटरव्यू दे रही थीं. इसी दौरान उनसे गोविंदा के साथ उनके कथित रिश्ते और उस दौर की खबरों को लेकर सवाल किया गया. जब नीलम से पूछा गया कि क्या गोविंदा ऑफ-स्क्रीन भी उनसे प्यार करते थे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘मैं तब बहुत छोटी थी. मुझे पता नहीं था कि वो शादीशुदा हैं. मुझे इसके बारे में बाद में पता चला.’ नीलम के इस बयान से साफ है कि जिस दौर में उनके और गोविंदा के रिश्ते को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, उस समय वो खुद काफी कम उम्र की थीं और उन्हें गोविंदा की निजी जिंदगी के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी.

उस समय फिल्मों पर था नीलम का फोकस 

नीलम ने बताया कि उस उम्र में उनका ध्यान रिलेशनशिप या शादी जैसी चीजों पर नहीं था. वो उस समय अपने करियर को समझने और फिल्मों में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं. उन्होंने कहा, ‘मेरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था. मैं बहुत छोटी थी और मेरे माता-पिता बहुत सख्त थे. इसलिए रिश्ता बनाना कभी कोई ऑप्शन नहीं था.’

15 साल की उम्र में किया था बॉलीवुड डेब्यू

नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था. उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि उनकी मां परवीन कोठारी पारसी थीं. नीलम जब मुंबई छुट्टियां मनाने आई थीं, उसी दौरान फिल्ममेकर रमेश बहल की नजर उन पर पड़ी. इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला. नीलम ने साल 1984 में फिल्म ‘जवानी’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था. इस फिल्म में वो टीना मुनीम के भतीजे करण शाह के साथ नजर आई थीं. उस समय नीलम की उम्र महज 15 साल थी. इतनी कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने की वजह से उनका परिवार भी उनके करियर को लेकर काफी सतर्क रहता था.

शूटिंग पर परिवार का कोई सदस्य रहता था साथ

नीलम ने इंटरव्यू में अपने शुरुआती करियर के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब भी वो शूटिंग के लिए जाती थीं, तो उनके परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके साथ रहता था. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए नहीं था कि उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री को खराब जगह मानता था. बल्कि वो उस समय काफी छोटी थीं और परिवार को उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी. नीलम ने बताया कि छोटी उम्र में फिल्म सेट पर काम करने के दौरान सभी लोग उनका बहुत ख्याल रखते थे. उनके को-स्टार्स भी उनके साथ एक बच्चे की तरह व्यवहार करते थे.

जैकी श्रॉफ और संजय दत्त रखते थे नीलम का ख्याल

नीलम के पति समीर सोनी ने भी उनके शुरुआती करियर के दिनों को लेकर एक दिलचस्प बात बताई. उन्होंने कहा कि उस दौर में जैकी श्रॉफ और संजय दत्त जैसे कलाकार भी नीलम का खास ध्यान रखते थे. दरअसल, नीलम उम्र में काफी छोटी थीं और इंडस्ट्री में नई थीं. ऐसे में सीनियर कलाकार उनके साथ काफी अपनापन रखते थे. यही वजह थी कि नीलम के परिवार को भी सेट पर उनकी सुरक्षा को लेकर कुछ हद तक भरोसा रहता था.

‘मैं पुरानी बातें पकड़कर नहीं रखता’

नीलम के साथ इंटरव्यू में उनके पति समीर सोनी भी मौजूद थे. जब गोविंदा के साथ नीलम के कथित रिश्ते और उस दौर की चर्चाओं को लेकर सवाल किया गया, तो समीर ने काफी सहज अंदाज में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई बात कई साल पहले हुई हो या नहीं हुई हो, तो वो उन चीजों को लेकर बैठने वाले इंसान नहीं हैं. उनके लिए अतीत की ऐसी बातें कोई मायने नहीं रखतीं. समीर का कहना था कि उन्हें अगर किसी ऐसी बात की जानकारी ही नहीं थी जो दशकों पहले हुई हो या नहीं हुई हो, तो वो उसे अपने मन में कैसे रख सकते हैं.

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कुलंजन: अदरक जैसा दिखने वाला ये पौधा, आयुर्वेद में क्यों माना जाता है खास?

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। आयुर्वेद में कई ऐसे औषधीय पौधे बताए गए हैं, जिनका इस्तेमाल सदियों से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में होता आया है। कुलंजन भी इन्हीं में से एक है। यह पौधा देखने में काफी हद तक अदरक जैसा दिखाई देता है और इसकी तेज सुगंध तथा तीखा स्वाद इसे दूसरी जड़ी-बूटियों से अलग पहचान देते हैं। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में कुलंजन का इस्तेमाल कई तरह की सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता रहा है।

बिहार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि कुलंजन का वैज्ञानिक नाम अल्पिनिया कैल्केराटा है। यह मुख्य रूप से उष्ण और नम जलवायु में अच्छी तरह उगता है। इसके पौधे में लंबी, हरी पत्तियां होती हैं, जबकि जमीन के नीचे इसका सुगंधित तना विकसित होता है। इसमें छोटे और सफेद रंग के फूल भी दिखाई देते हैं। हालांकि पौधे का ऊपरी हिस्सा भी अपनी पहचान रखता है, लेकिन औषधीय उपयोग के लिए मुख्य रूप से इसकी जड़ और जमीन के अंदर मौजूद तने को महत्वपूर्ण माना जाता है।

कुलंजन की सबसे खास बात इसकी गर्म तासीर और तीखी प्रकृति मानी जाती है। पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम और श्वसन तंत्र से जुड़ी परेशानियों में किया जाता रहा है। इसकी सुगंधित प्रकृति के कारण इसे सांस से जुड़ी कुछ सामान्य समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।

पारंपरिक चिकित्सा में कुलंजन का संबंध जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं से भी बताया जाता है। इसके अलावा पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जाता है कि इसकी गर्म प्रकृति पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

कुलंजन के भले ही कई पारंपरिक लाभ बताए जाते हैं, लेकिन किसी भी बीमारी में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत जरूरी है। बिना सही जानकारी के इसका उपयोग करना खतरनाक हो सकता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Delhi Capitals IPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स के पास 'त्रिमूर्ति' की शक्ति, 755 विकेट लेने वाला गेंदबाज टीम से जुड़ा

Delhi Capitals: IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स का कोचिंग स्टाफ बिल्कुल नए अंदाज में नजर आ सकता है। श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास और भारत के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा टीम के गेंदबाजी कोच बनने जा रहे हैं। दोनों पहली बार IPL में कोच की भूमिका निभाएंगे। इनके साथ पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली हेड कोच और भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स ने अभी इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

चामिंडा वास श्रीलंका के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने टेस्ट में 355 और वनडे में 400 विकेट लिए हैं। वास IPL के शुरुआती तीन सीजन यानी 2008 से 2010 तक डेक्कन चार्जर्स के लिए खेल चुके हैं। 52 साल के वास का कोचिंग अनुभव मुख्य रूप से इंटरनेशनल क्रिकेट में रहा है। वह श्रीलंका की पुरुष टीम के साथ अलग-अलग दौर में कोचिंग कर चुके हैं।

वास ने न्यूजीलैंड की टीम के साथ कंसल्टेंट के तौर पर भी काम किया है और 2016 वर्ल्ड टी20 के दौरान आयरलैंड से जुड़े थे। श्रीलंका क्रिकेट में उन्होंने फास्ट बॉलिंग कंसल्टेंट और अकादमी मेंटर के तौर पर युवा गेंदबाजों को तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई है। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में वह 2024 Zim Afro T10 में NYS Lagos और LPL 2026 में Kandy Royals के हेड कोच रह चुके हैं।

वहीं अमित मिश्रा का IPL करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेला। 42 वर्षीय मिश्रा ने 2024 में अपना आखिरी IPL मैच खेला और सितंबर 2025 में संन्यास ले लिया।

मिश्रा ने IPL के पहले ही मैच में पांच विकेट लेकर धमाका किया था। वह टूर्नामेंट में तीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं। उन्होंने IPL में 162 मैचों में 174 विकेट लिए हैं और 7.37 की इकॉनमी से गेंदबाजी की। 2022 को छोड़ दें तो वह 2008 से 2024 तक हर सीजन IPL में खेले।

वास और मिश्रा ने अपनी नई भूमिका में काम शुरू भी कर दिया है। दोनों फिलहाल दिल्ली में DC के अकादमी खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं।

कोचिंग स्टाफ में बदलाव DC के सह-मालिक GMR Sports और JSW Sports के बीच IPL 2024 के बाद हुए समझौते का हिस्सा है। इसके तहत दोनों मालिक बारी-बारी से दो साल तक फ्रेंचाइजी का संचालन करेंगे। 2025 और 2026 में GMR के कार्यकाल के दौरान वेणुगोपाल राव डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, हेमंग बदानी हेड कोच और मुनाफ पटेल गेंदबाजी कोच थे। अब अगले चक्र में दिल्ली का नया कोचिंग सेटअप नजर आएगा।

Mon, 14 Sep 2026 15:54:48 +0530

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