Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई-पुणे के इन गणपति पंडालों की भव्यता है खास, सोने-चांदी से लेकर करोड़ों के बीमा तक चर्चा में
Mumbai Richest Ganpati 2026: गणेश उत्सव में देशभर के अलग-अलग शहरों में बप्पा के भव्य पंडाल सजते हैं, लेकिन मुंबई और पुणे के कुछ गणपति मंडल अपनी खास सजावट, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कीमती आभूषणों के कारण हर साल चर्चा में रहते हैं। इनमें जीएसबी सेवा मंडल से लेकर लालबागचा राजा और दगडूशेठ हलवाई गणपति तक कई नाम शामिल हैं।
इन गणपति मंडलों की खासियत सिर्फ भव्य सजावट नहीं है। कहीं बप्पा को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया जाता है, तो कहीं बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं। 2026 में मुंबई के जीएसबी सेवा मंडल ने तो गणेशोत्सव से जुड़ी संपत्ति और आभूषणों के लिए ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया है।
1. जीएसबी सेवा मंडल गणपति, मुंबई
मुंबई के किंग्स सर्कल में स्थापित जीएसबी सेवा मंडल गणपति अपनी भव्यता के लिए देशभर में जाना जाता है। इस साल बप्पा को 66 किलो से ज्यादा सोने और करीब 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया जा रहा है। इसी कीमती सजावट और उत्सव से जुड़ी संपत्ति के चलते 2026 में मंडल ने ₹703.27 करोड़ का बीमा कवर लिया है।
2. दगडूशेठ हलवाई गणपति, पुणे
पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध गणपति स्थलों में गिना जाता है। यहां हर साल गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 2026 में मंडल ने वृंदावन के प्रेम मंदिर से प्रेरित भव्य पंडाल तैयार किया है, जिसे करीब 200 कारीगरों ने चार महीने में तैयार किया।
मंडल ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस साल ₹50 करोड़ का बीमा कवर भी लिया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
3. लालबागचा राजा, मुंबई
मुंबई का लालबागचा राजा गणेश उत्सव के सबसे लोकप्रिय नामों में से एक है। इसे मनोकामना पूरी करने वाले गणपति के रूप में भी काफी श्रद्धा से देखा जाता है। हर साल यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
लालबागचा राजा को मिलने वाले चढ़ावे में सोने-चांदी की चीजें भी शामिल रहती हैं। अलग-अलग वर्षों में यहां भक्तों की ओर से सोने की मूर्तियां, चांदी के सामान, आभूषण और दूसरी कीमती वस्तुएं चढ़ाई गई हैं।
4. अंधेरीचा राजा, मुंबई
मुंबई के अंधेरी इलाके का अंधेरीचा राजा भी अपने अलग अंदाज और भव्य आयोजन के लिए जाना जाता है। इस गणपति मंडल की एक खास पहचान हर साल तैयार होने वाली थीम और सजावट रही है। पुराने रिकॉर्ड्स में यहां कीमती आभूषणों और सुरक्षा के लिए बीमा कवर का भी जिक्र मिलता है।
अंधेरीचा राजा की एक और खास बात यह है कि इसका विसर्जन बाकी कई प्रमुख गणपति मंडलों से अलग समय पर होता है। यही वजह है कि मुंबई के गणेश उत्सव में इसका अपना अलग स्थान है।
5. गणेश गली का मुंबईचा राजा
लालबाग इलाके में स्थित मुंबईचा राजा भी मुंबई के पुराने और प्रसिद्ध गणपति मंडलों में शामिल है। यहां हर साल बप्पा की प्रतिमा के साथ पंडाल की थीम भी आकर्षण का केंद्र रहती है। पुराने वर्षों में प्रतिमा को सोने के आभूषणों से सजाए जाने की जानकारी भी सामने आती रही है।
भव्यता के साथ सेवा और आस्था भी
मुंबई और पुणे के इन गणपति मंडलों की पहचान भले ही भव्य प्रतिमाओं और सजावट से होती हो, लेकिन इनके पीछे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा की भी बड़ी भूमिका है।
कहीं अन्नदान होता है, कहीं स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े काम किए जाते हैं, तो कहीं उत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है। जीएसबी सेवा मंडल ने 2026 में डिजिटल रसीद और पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा जैसे कदम भी अपनाए हैं।
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