आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में धीरज का गोल्ड:भारत के दूसरे आर्चर, 2007 में डोना बनर्जी जीत चुकी हैं
भारत के धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में जापान के नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में दोनों का स्कोर 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने परफेक्ट 10 का निशाना लगाया, जबकि जुन्या 9 अंक ही हासिल कर सके। दो बार पिछड़ने के बाद की वापसी जुन्या ने मुकाबले की शुरुआत शानदार तरीके से की और 3-1 की बढ़त बना ली। धीरज ने तीसरे सेट में 29 अंक हासिल कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। हालांकि, चौथे सेट में जुन्या ने तीनों तीर परफेक्ट लगाकर फिर 5-3 की बढ़त हासिल कर ली। पांचवें सेट में जुन्या 27 अंक ही बना सके, जबकि धीरज ने दबाव में 28 अंक जुटाए। इससे मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। शूट-ऑफ में धीरज ने 10 और जुन्या ने 9 अंक बनाए। धीरज ने मुकाबला 6-5 से अपने नाम किया। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में भी दर्ज की बड़ी जीत विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद धीरज ने क्वार्टर-फाइनल में तुर्की के बर्किम ट्यूमर को सीधे सेटों में 7-1 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने रियो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता फ्रांस के जीन-चार्ल्स वेलाडोंट को 7-1 से शिकस्त दी। धीरज पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचे और खिताब जीतने में सफल रहे। इससे पहले 2023 में वह सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल मैच हार गए थे। 2024 में भी वह पदक नहीं जीत सके थे। डोला बनर्जी के बाद दूसरे भारतीय चैंपियन धीरज आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने वाले भारत के दूसरे आर्चर बन गए हैं। उनसे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा का खिताब जीता था। धीरज यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष आर्चर हैं। अंताल्या में जीत से किया था क्वालीफाई धीरज ने तुर्की के अंताल्या में आयोजित वर्ल्ड कप स्टेज-3 जीतकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। आठ सदस्यीय एलीट फील्ड में भारत की ओर से केवल धीरज ही जगह बना सके थे। अब एशियाई खेलों में उतरेंगे वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने के बाद धीरज अब एशियाई खेलों में भारतीय रिकर्व टीम की अगुवाई करेंगे। पिछली बार हांगझू एशियाई खेलों में उन्होंने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर-फाइनल में हार गए थे।
श्रीलंका के रमेश पथिरागे ने 91.09 मीटर भाला फेंका:वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, अर्शद नदीम पांचवें स्थान पर
श्रीलंका के रमेश पथिरागे जेवलिन थ्रोअर ने रविवार को बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में 91.09 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया। पथिरागे ने फाइनल राउंड में यह दूरी हासिल कर खिताब अपने नाम किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.18 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे और जर्मनी के जूलियन वेबर 85.89 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अर्शद नदीम 81.49 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे। खराब शुरुआत के बाद फाइनल राउंड में किया कमाल नए फॉर्मेट के तहत तीन राउंड के बाद टॉप-4 एथलीट ही फाइनल राउंड में पहुंचे। पथिराजे की शुरुआत खराब रही। उनका पहला थ्रो 75.89 मीटर का रहा। दूसरे राउंड में उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो किया, जबकि तीसरे प्रयास में 87.11 मीटर की दूरी हासिल कर फाइनल राउंड में जगह बनाई। फाइनल राउंड में सबसे पहले थ्रो करने उतरे पथिराजे ने 91.09 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद कोई भी एथलीट उनसे आगे नहीं निकल सका। इस सीजन में 12 में से 11 प्रतियोगिताएं जीतीं पथिराजे का 2026 सीजन शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 12 प्रतियोगिताओं में से 11 में जीत दर्ज की है। इससे पहले रोम में उन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो फेंका था, जबकि ज्यूरिख में 92.07 मीटर की दूरी के साथ जीत हासिल की थी। यह इस सीजन में उनका तीसरा 90 मीटर से अधिक का थ्रो भी रहा। अर्शद नदीम पांचवें स्थान पर पाकिस्तान के अर्शद नदीम 81.49 मीटर के थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे। यह इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। नदीम अब आगामी एशियाई खेलों में पथिराजे को चुनौती देने की कोशिश करेंगे। पथिराजे की नजरें भी एशियाई खेलों पर हैं। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले खेलों में वह एक और मल्टी-स्पोर्ट्स गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से उतरेंगे।
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